चार बहनों ने भाई-भाभी और भतीजे पर कराई FIR:फर्जी वसीयत बनाकर पिता की संपत्ति हड़पने का आरोप,पुलिस जांच में जुटी

चार बहनों ने भाई-भाभी और भतीजे पर कराई FIR:फर्जी वसीयत बनाकर पिता की संपत्ति हड़पने का आरोप,पुलिस जांच में जुटी




पिता की संपत्ति में हिस्सा हड़पने के लिए फर्जी वसीयतनामा तैयार करवाने और जमीन का हिस्सा दूसरे लोगों को बेचने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करने का मामला सामने आया है। अलवर की चार बहनों ने अपने भाई, भाभी और भतीजे समेत पांच लोगों पर धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेजों के इस्तेमाल के आरोप लगाए हैं। मामले में सदर थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रिपोर्ट के अनुसार चारों परिवादी बहनें हैं और आरोपी राजेन्द्र सैनी उनका सगा भाई है। आरोपी योगेश सैनी राजेन्द्र का बेटा और आरोपी सुदेश सैनी उसकी पत्नी है। परिवाद में बताया गया है कि चारों बहनों और उनके भाई के पिता छंगाराम सैनी की 20 मई 2023 को मृत्यु हो गई थी। उनके पीछे छोड़ी संपत्ति में चारों बहनों और भाई का बराबर हिस्सा बताया गया है। बेटे के नाम फर्जी वसीयत तैयार कराने का आरोप बहनों का आरोप है कि उनकी पैतृक संपत्ति में हिस्से से वंचित करने की नीयत से राजेन्द्र सैनी और उसकी पत्नी सुदेश ने मिलकर 27 फरवरी 2023 की तारीख का फर्जी वसीयतनामा तैयार करवाया। आरोप है कि इस वसीयतनामे के जरिए पिता की संपत्ति उनके बेटे योगेश के नाम करने का प्रयास किया गया। परिवाद में बताया गया है कि पैतृक संपत्ति में हिस्से को लेकर बहनों ने पहले से सिविल कोर्ट में वाद दायर कर रखा है। इसी मामले में राजेन्द्र की ओर से वसीयतनामा कोर्ट में पेश किया गया। बहनों को जब वसीयतनामे की जानकारी मिली तो उन्होंने भी इसके खिलाफ न्यायालय में मामला पेश किया। परिवाद के अनुसार कोर्ट ने वसीयतनामे के आधार पर संपत्ति का हस्तांतरण नहीं करने के संबंध में स्थगन आदेश जारी किया था। 158 वर्गगज जमीन बेचने के लिए फर्जी दस्तावेज बनाने का आरोप बहनों ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद आरोपी पक्ष ने आपस में मिलीभगत कर उनकी पैतृक संपत्ति में से करीब 158.33 वर्गगज जमीन को आरोपी अजीत सिंह और सुमर सिंह को बेचने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए। परिवाद में आरोप है कि फर्जी वसीयतनामा और अन्य दस्तावेजों को असली बताकर इस्तेमाल किया गया, जबकि बिना बंटवारे के बहनों के हिस्से वाली संपत्ति को बेचने का आरोपियों को अधिकार नहीं था। पैतृक संपत्ति पर पहुंचीं तो विवाद का आरोप परिवाद के मुताबिक 17 फरवरी 2026 को चारों बहनें अपनी पैतृक संपत्ति पर पहुंचीं और भाई से कहा कि संपत्ति में उनका भी बराबर हिस्सा है, फिर मकान का निर्माण कर उसे दो हिस्सों में क्यों बांटा जा रहा है। आरोप है कि इस बात को लेकर योगेश, राजेन्द्र और सुदेश बहनों से गाली-गलौज करने लगे और झगड़े पर उतारू हो गए।



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