NIT श्रीनगर में बनी देश की पहली स्पेस लैब, 22 सितंबर को उद्घाटन


नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) श्रीनगर ने देश के शिक्षा और अनुसंधान क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है. NIT श्रीनगर भारत का पहला ऐसा NIT बनने जा रहा है, जहां एस्ट्रोनॉमी और एस्ट्रोफिजिक्स के लिए एक खास कैंपस-बेस्ड वेधशाला स्थापित की गई है. इस अत्याधुनिक वैज्ञानिक सुविधा का आधिकारिक उद्घाटन मंगलवार, 22 सितंबर को होगा. इस प्रोजेक्ट को इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स (IIA) के सहयोग और IIA के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. निरुज मोहन रामानुजम के मार्गदर्शन में तैयार किया गया है.

अत्याधुनिक 14-इंच श्मिट-कैसग्रेन टेलीस्कोप से लैस है यह वेधशाला

NIT श्रीनगर की इस विशेष कैंपस-बेस्ड ऑब्जर्वेटरी की सबसे बड़ी खासियत इसमें लगा हाई-परफॉर्मेस 14-इंच का सेलेस्ट्रॉन C14 एजHD एप्लैनेटिक श्मिट-कैसग्रेन टेलीस्कोप है. यह टेलीस्कोप कंप्यूटराइज्ड इक्वेटोरियल माउंट और एडवांस्ड एस्ट्रोनॉमिकल इमेजिंग उपकरणों से लैस है. इसमें प्लेनेटरी और कूल्ड डीप-स्काई कैमरे, LRGB फिल्टर, 2.5x बारलो लेंस और हाई-स्पीड इमेजिंग क्षमताएं मौजूद हैं. इसकी मदद से बिना किसी खराबी के फ्लैट-फील्ड तस्वीरें ली जा सकती हैं, जिससे चांद और ग्रहों से लेकर नेबुला, स्टार क्लस्टर और सुदूर गैलेक्सी तक का स्पष्ट अवलोकन संभव होगा.

जम्मू-कश्मीर में स्पेस साइंस और रिसर्च के लिए बनेगा क्रांतिकारी कदम

यह अत्याधुनिक सुविधा जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में स्पेस साइंस की पढ़ाई, रिसर्च और कम्युनिटी आउटरीच के लिए एक बड़ा बदलाव साबित होगी. NIT-श्रीनगर के प्रवक्ता ने बताया कि NSOAA की स्थापना से कैंपस में एडवांस्ड ऑब्जर्वेशनल एस्ट्रोनॉमी का नया दौर शुरू होगा. इसके माध्यम से छात्र, शोधकर्ता और आम लोग रात के आसमान में खगोलीय घटनाओं को सीधे देख सकेंगे. यह सुविधा छात्रों को सिर्फ किताबों या सिमुलेशन तक सीमित न रखकर वास्तविक एस्ट्रोनॉमिकल डेटा हासिल करने और उसके विश्लेषण का सीधा अनुभव प्रदान करेगी.

आम लोगों, स्कूलों और लोकल एस्ट्रोनॉमी क्लबों के लिए भी खुलेंगे दरवाजे

NSOAA वेधशाला का प्रभाव केवल NIT श्रीनगर कैंपस तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह पूरे क्षेत्र के लिए एक साइंस हब के रूप में काम करेगी. प्रोजेक्ट को लीड कर रहे फिजिक्स विभाग के प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष प्रिंस अहमद गनई के अनुसार, यहाँ नियमित रूप से नाइट-स्काई वॉचिंग सेशन आयोजित किए जाएंगे. साथ ही, स्थानीय स्कूलों, कॉलेजों और एस्ट्रोनॉमी क्लबों के लिए विशेष विजिट, टीचर-ट्रेनिंग वर्कशॉप और ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाए जाएंगे, ताकि युवाओं में फिजिक्स और स्पेस साइंस के प्रति रुचि जगाई जा सके.

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IIT कानपुर जैसे चुनिंदा संस्थानों के क्लब में शामिल हुआ NIT श्रीनगर

इस वेधशाला की स्थापना के साथ ही NIT श्रीनगर देश के उन चुनिंदा शीर्ष तकनीकी संस्थानों की सूची में शामिल हो गया है—जैसे IIT कानपुर, जो CCD इमेजिंग और रिमोट-ऑपरेशन क्षमताओं वाले 14-इंच के श्मिट-कैसग्रेन एस्ट्रोनॉमिकल ऑब्जर्वेटरी सिस्टम का संचालन करते हैं. आने वाले महीनों में NIT श्रीनगर एस्ट्रोनॉमी और एस्ट्रोफिजिक्स पर हैंड्स-ऑन कोर्स शुरू करने की योजना भी बना रहा है, जिससे कश्मीर घाटी के छात्रों को विज्ञान के इस क्षेत्र में आगे बढ़ने का बड़ा अवसर मिलेगा.

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