Kinnaur POCSO Court Verdict | Minor Rape Case Convicts Get 20 Years Jail
शिमला जिले में रामपुर स्थित विशेष किन्नौर पॉक्सो (POCSO) कोर्ट ने एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के मामले में ऐतिहासिक और कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने मामले के दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 20-20 साल की कठोर कारावास और 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड
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अगवा कर जंगल में ले जाकर की वारदात
मामले की जानकारी देते हुए सरकारी वकील कमल चंदेल ने बताया कि घटना 26 सितंबर 2025 की है। पीड़िता अपनी पड़ोसी लड़की के साथ शाम करीब 8:00 बजे रामलीला देखने गई थी। रात लगभग 9:30 बजे जब वह अकेली अपने क्वार्टर की ओर लौट रही थी, तभी रास्ते में एक पिकअप गाड़ी आकर रुकी।
आरोप के अनुसार, तबरेज उर्फ बिराज ने पीड़िता को जबरन गाड़ी के भीतर खींच लिया। दोनों आरोपी नाबालिग को गाड़ी में डालकर पास के जंगल में ले गए, जहाँ उन्होंने उसके साथ दरिंदगी की। जब पीड़िता ने शोर मचाया और चिल्लाई, तो आरोपियों ने पकड़े जाने के डर से उसे वापस सड़क पर छोड़कर मौके से फरार हो गए।
15 गवाहों की गवाही और पुख्ता सबूतों के आधार पर सजा
घटना के बाद पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर गहन जांच शुरू की और चार्जशीट (चालान) अदालत में पेश की। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष (सरकार) की ओर से सरकारी वकील कमल चंदेल ने पैरवी की और अदालत के समक्ष कुल 15 गवाहों के बयान दर्ज करवाए।
अदालत ने गवाहों के बयानों और पुलिस द्वारा प्रस्तुत ठोस वैज्ञानिक व परिस्थितिजन्य सबूतों को आधार मानते हुए दोनों आरोपियों—तबरेज आलम और लखिन्द्र—को नाबालिग से दुष्कर्म का दोषी पाया और उन्हें 20-20 साल की जेल की सजा सुनाई।

