पंजाब में धान की सरकारी खरीद शुरू:1,887 मंडियां तैयार; खन्ना पहुंचा परमल धान का ढेर; केंद्र ने जारी किए ₹42,786 करोड़




पंजाब में आज से धान की सरकारी खरीद शुरू हो गई है। राज्य सरकार ने किसानों का एक-एक दाना खरीदने का दावा किया है। इसके लिए प्रदेशभर में 1,887 मंडियां तय की गई हैं। केंद्र ने 42,786 करोड़ रुपए की कैश क्रेडिट लिमिट (CCL) भी जारी की है। एशिया की सबसे बड़ी अनाज मंडी खन्ना में 15 सितंबर से बासमती धान की आवक तेज है। पिछले एक हफ्ते से परमल धान भी बड़ी मात्रा में आ रहा है। सरकारी खरीद शुरू होने से किसानों को फसल बिकने की उम्मीद है। मंडी में आ रहे धान में नमी ज्यादा है। सरकारी नियमों के अनुसार 17 फीसदी तक नमी की इजाजत है। इससे ज्यादा नमी होने पर खरीद में मुश्किल होगी, इसलिए किसान खुले में धान सुखाते दिखे। उनकी मुख्य मांग है कि नमी की सीमा बढ़ाई जाए, क्योंकि कंबाइन से कटाई के कारण फसल में नमी ज्यादा रहती है। धान सुखाने के लिए मंडी में करना पड़ता है इंतजार
किसानों के मुताबिक नमी अधिक होने पर फसल की खरीद में देरी होती है। उन्हें धान सुखाने के लिए मंडी में इंतजार करना पड़ता है। किसानों को उम्मीद है कि सरकारी खरीद शुरू होने के साथ ही खरीद प्रक्रिया में तेजी आएगी। उन्हें अपनी फसल बेचने के लिए ज्यादा समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। खन्ना में बने हैं छह खरीद केंद्र
मार्केट कमेटी सचिव कमलदीप सिंह मान ने बताया कि खन्ना मंडी एशिया की सबसे बड़ी अनाज मंडी है। यहां पंजाब के अलग-अलग जिलों से किसान और प्राइवेट खरीददार आते हैं। मंडीकरण बोर्ड ने खन्ना, रहौण, इसडू, दहेड़ू, रौनी और रायपुर मंडी में खरीद की व्यवस्था की है। किसानों के लिए प्रबंध मुकम्मल हैं
पिछले साल खन्ना मंडियों में करीब 15 लाख 80 हजार क्विंटल खरीद हुई थी। इस बार 18 से 19 लाख क्विंटल फसल आने का अनुमान है, क्योंकि झाड़ ज्यादा निकल रहा है। किसानों के लिए प्रबंध मुकम्मल हैं।



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