निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण में लापरवाही, एजेंसियों को नोटिस:सर्दियों में प्रदूषण रोकने के लिए डीपीसीसी के नियमित और औचक निरीक्षण




दिल्ली में सर्दियों से पहले प्रदूषण नियंत्रण के लिए सरकार ने निर्माण स्थलों पर निगरानी तेज कर दी है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदूषण रोकने के उपायों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभिन्न एजेंसियों के कामकाज की नियमित समीक्षा की जा रही है। इसी क्रम में दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति सरकारी और निजी निर्माण परियोजनाओं का नियमित और औचक निरीक्षण कर रही है। जांच के दौरान धूल नियंत्रण के निर्धारित उपायों का पालन नहीं मिलने पर संबंधित परियोजना एजेंसियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। इन एजेंसियों की परियोजनाओं में मिलीं कमियां
डीपीसीसी के निरीक्षण में दिल्ली जल बोर्ड, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, दिल्ली मेट्रो रेल निगम और नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन लिमिटेड से जुड़ी कुछ परियोजनाओं में धूल नियंत्रण के निर्धारित उपायों के पालन में कमियां मिलीं। समिति निर्माण और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की लगातार निगरानी कर रही है। निरीक्षण के दौरान नियमों के अनुपालन की जांच की जाती है। जहां भी लापरवाही मिलती है, वहां संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। नियमों के पालन में किसी को छूट नहीं
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए सरकार की रणनीति रोकथाम, नियमित निगरानी और प्रभावी कार्रवाई पर आधारित है। निर्माण स्थलों से उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करना इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। डीपीसीसी के फील्ड निरीक्षण का उद्देश्य सभी परियोजनाओं में पर्यावरणीय मानकों का पालन सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि जिन स्थलों पर नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां संबंधित एजेंसियों की जवाबदेही तय की जाएगी। दिल्ली की हवा और नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सर्वोपरि है। पर्यावरणीय नियमों के पालन और जवाबदेही के मामले में किसी भी एजेंसी को विशेष छूट नहीं दी जाएगी।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

India Fontline News

Subscribe Our NewsLetter!