Bobby arrives at the screening of 21 wearing his father’s shirt | पिता की शर्ट पहन इक्कीस की स्क्रीनिंग में पहुंचे बॉबी: सलमान खान के बर्थडे में भी धर्मेंद्र की पुरानी कमीज में पहुंचे थे एक्टर

Bobby arrives at the screening of 21 wearing his father’s shirt | पिता की शर्ट पहन इक्कीस की स्क्रीनिंग में पहुंचे बॉबी: सलमान खान के बर्थडे में भी धर्मेंद्र की पुरानी कमीज में पहुंचे थे एक्टर


1 घंटे पहले

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धर्मेंद्र की आखिरी फिल्म इक्कीस के लिए उनके बेटे सनी देओल और बॉबी देओल ने 29 दिसंबर को स्पेशल स्क्रीनिंग रखी थी। इस दौरान इंडस्ट्री से कई बड़े नाम स्क्रीनिंग का हिस्सा बने। वहीं, देओल परिवार बेहद इमोशनल नजर आया है। जहां सनी देओल पिता की पोस्टर को निहारते हुए इमोशनल दिखे। वहीं, छोटे बेटे बॉबी देओल ने पिता के लिए अलग तरह से अपना प्यार जाहिर किया।

दरअसल, बॉबी इस खास स्क्रीनिंग के लिए पिता की शर्ट पहनकर पहुंचे थे। बॉबी ने स्क्रीनिंग के लिए वाइट प्रिंटेड शर्ट के साथ ब्लैक जींस पहना था। ये शर्ट धर्मेंद्र ने एक सिंगिंग रियलिटी शो के दौरान पहना था। इस शो में एक्टर अपने गांव की झलक देख काफी इमोशनल भी हो गए थे।

बता दें कि ये पहली बार नहीं है, जब बॉबी पिता धर्मेंद्र के शर्ट में नजर आए हो। धर्मेंद्र के निधन के बाद कई मौकों पर वो पिता की शर्ट में स्पॉट हुए हैं। हाल ही में सलमान खान के बर्थडे में शामिल होने के लिए बॉबी ने पिता की चुनी थीं। वहीं, जब धर्मेंद्र के बंगले पर एक्टर की प्रेयर मीट रखी गई थी, तब भी बॉबी धर्मेंद्र के पुराने शर्ट में दिखे थे।

सलमान के बर्थडे में पिता की शर्ट में जाते बॉबी देओल।

फिल्म इक्कीस 1 जनवरी को रिलीज हो रही

इक्कीस एक वॉर बायोपिक है, जो सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल की सच्ची कहानी पर आधारित है। अरुण खेत्रपाल भारत के सबसे युवा परमवीर चक्र विजेता थे, जिन्होंने 1971 के भारत–पाक युद्ध में असाधारण वीरता दिखाई थी।

फिल्म में अमिताभ बच्चन के नाती अगस्त्य नंदा अरुण खेत्रपाल की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि धर्मेंद्र उनके पिता बने हैं। फिल्म इक्कीस का निर्देशन श्रीराम राघवन ने किया है और इसे दिनेश विजन के मैडॉक फिल्म्स ने प्रोड्यूस किया है।

बता दें कि इस फिल्म के लिए धर्मेंद्र ने कविता लिखी है और उसे अपनी आवाज भी दी थी। इस कविता का नाम है “अज भी जी करदा ऐ, पिंड अपने नू जानवा”। जिसका हिंदी में मतलब है कि आज भी दिल करता है कि अपने गांव चला जाऊं।

यह कविता अपने गांव के प्रति एक व्यक्ति की भावनाओं और यादों को दिखाती है। धर्मेंद्र इस वीडियो में अपने गांव के लिए प्यार और वहां लौटने की इच्छा को शब्दों में बयां करते हैं।

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