Durg POCSO JJ Act Training

Durg POCSO JJ Act Training


दुर्ग-भिलाई17 मिनट पहले

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दुर्ग पुलिस ने बच्चों की सुरक्षा और न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण पहल की है। 19 फरवरी को सीए बिल्डिंग, सिविक सेंटर भिलाई में रेंज स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई।

कार्यशाला में बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों को किशोर न्याय अधिनियम 2015 और लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) के प्रावधानों पर व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य संवेदनशील और चाइल्ड फ्रेंडली पुलिसिंग की समझ विकसित करना रहा। अधिकारियों को बाल पीड़ितों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया, एफआईआर पंजीयन, चिकित्सीय परीक्षण, परामर्श और पुनर्वास से जुड़े कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई।

केस स्टडी के माध्यम से वास्तविक परिस्थितियों में आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान पर चर्चा की गई। साथ ही, किशोर न्याय बोर्ड और बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुतिकरण की प्रक्रिया भी समझाई गई।

प्रशासन और पुलिस ने दिया समन्वय का संदेश

कार्यक्रम में जिला कलेक्टर और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मौजूद रहे। जिला कलेक्टर ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उन्हें सुरक्षित वातावरण देना प्रशासन व समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। संयुक्त प्रशिक्षण से विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनेगा और किशोर न्याय से जुड़े मामलों की विवेचना अधिक सुदृढ़ होगी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता, गोपनीयता और कानूनी प्रावधानों के पालन को अनिवार्य बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि गुणवत्तापूर्ण जांच, समयबद्ध कार्रवाई और विभागीय समन्वय से ही पीड़ित बच्चों को त्वरित न्याय मिल सकता है।

अलग-अलग विभागों की सहभागिता

कार्यशाला में किशोर न्याय बोर्ड, आरपीएफ, जीआरपी, जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल संप्रेक्षण गृह, परिवीक्षा अधिकारी, बाल कल्याण अधिकारी, चाइल्ड हेल्पलाइन, केस वर्कर और स्कूल शिक्षा विभाग के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।



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