E20 पेट्रोल के खिलाफ AAP का GOA में हुआ टाउनहॉल:गोवा-यूपी में भाजपा को हराएं, तभी इथेनॉल पॉलिसी वापस लेगी मोदी सरकार- केजरीवाल




आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को गोवा के मिरामार में ई-20 के खिलाफ टाउनहॉल कर मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार इतनी आसानी से ई-20 वापस नहीं लेने वाली। इसके लिए भाजपा को गोवा और उत्तर प्रदेश में हराना होगा। क्योंकि इन्हें अहंकार हो गया है कि जनता कहां जाएगी, जीतना तो भाजपा को ही है। इनका यही अहंकार तोड़ना होगा। अगर इन दोनों राज्यों में भाजपा हार गई तो मोदी सरकार 5 दिन के अंदर ई-20 वापस ले लेगी। उन्होंने कहा कि भारत में 80 फीसद वाहन ई-20 के इस्तेमाल योग्य नहीं हैं। फिर भी सरकार जबरदस्ती इसे थोप रही है।
भाजपा के लोग अनपढ़ हैं। ये न कोई स्टडी कराते हैं और ना ही किसी स्टडी को मानते हैं। जैसे ही ई-20 का मुद्दा शांत होगा, ये लोग ई-30 लाएंगे और डीजल में भी इथेनॉल मिलाएंगे।

गोवा आयोजित टाउनहाल में ई-20 को लेकर लोगों के अनुभवों को सुनने के उपरांत अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ई-20 से लगभग सभी गाड़ियों की माइलेज 30 से 40 फीसद कम हो गई है और 60 से 70 फीसद गाड़ियों के इंजन व फ्यूल ट्रांसमिशन सिस्टम खराब हो रहे हैं। यह समस्या केवल गोवा की नहीं है, बल्कि पूरे देश में लोग इसके खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। लेकिन पता नहीं किन कारणों से प्रधानमंत्री देश के लोगों की बात नहीं सुन रहे हैं। केजरीवाल ने बताया कि ई20 पेट्रोल से गोवा सबसे ज्यादा प्रभावित है, क्योंकि यहां दोपहिया और चारपहिया वाहनों का घनत्व पूरे देश में सबसे ज्यादा है। गोवा में 87 फीसद परिवारों के पास दोपहिया और 47 फीसद परिवारों के पास चारपहिया वाहन हैं, जो राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक है। कुछ लोगों को गलतफहमी है कि गोवा में ई20 लागू नहीं हुआ है। असल में 1 अप्रैल 2026 से पूरे देश के हर पेट्रोल पंप पर केवल ई20 पेट्रोल ही मिल रहा है और शुद्ध पेट्रोल उपलब्ध नहीं है। गोवा के पेट्रोल पंपों पर लोग जो पेट्रोल भरवा रहे हैं, वह ई20 ही है, इसी वजह से गाड़ियों की माइलेज कम हो रही है। अरविंद केजरीवाल ने बताया कि हमने दिल्ली में भी एक नेशनल टाउन हॉल किया था, जिसे देश भर में एक साथ 7 लाख लोगों ने लाइव देखा था। दुनिया में शायद ऐसा पहली बार हुआ कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों ने एक साथ कोई वर्चुअल रैली लाइव देखी हो। उसी दिन हमने तय किया था कि हम पूरे देश में ऐसे ही टाउन हॉल करेंगे। अब अलग-अलग राज्यों में ये कार्यक्रम हो रहे हैं। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैंने 29 ऑटो मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को चिट्ठी लिखकर पूछा था कि क्या 2023 से पहले बनी उनकी कारों, स्कूटरों और मोटरसाइकिलों में ई20 का सुरक्षित इस्तेमाल किया जा सकता है? किसी कंपनी ने जवाब नहीं दिया। बाद में फोन करने पर नौ कंपनियों के अधिकारियों ने नाम न बताने की शर्त पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि ई20 बहुत खतरनाक फ्यूल है और 2023 से पहले बने पेट्रोल बेस्ड वाहनों में इसका इस्तेमाल बहुत खतरनाक होगा। कंपनियों के अधिकारियों ने कहा कि वे खुलकर यह बात नहीं बोल सकते क्योंकि उन पर केंद्र की मोदी सरकार का भारी दबाव है। यदि वे ई-20 के खिलाफ बोलते हैं, तो उन पर ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स की रेड हो जाएगी और उनके प्लांट बंद कर दिए जाएंगे। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि देश की ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों की सोसाइटी सियाम की मीटिंग में सभी कंपनियों ने ई-20 को बंद करने की मांग उठाई थी। सियाम ने एक रिसर्च बेस्ड रिपोर्ट तैयार की, जिसमें ई-20 को बहुत खतरनाक बताया गया था। 28 जुलाई को यह रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपी गई और इसे बंद करने का अनुरोध किया गया। जब यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर सार्वजनिक हो गई, तो सरकार ने दबाव डालकर एक हफ्ते के भीतर सियाम से वह रिपोर्ट वापस करवा ली। सियाम ने बयान दिया कि शायद उनसे कोई गलती हो गई थी। इतने बड़े संगठन की रिपोर्ट में गलती कैसे हो सकती है, जाहिर है कि ईडी और सीबीआई की धमकी देकर और दबाव डालकर वैज्ञानिक व थर्ड पार्टी रिपोर्ट वापस करवाई जा रही हैं। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 25 लाख टन चीनी के बराबर गन्ने को इथेनॉल बनाने के लिए डाइवर्ट कर दिया गया, जिससे देश में चीनी की भारी कमी हो गई। पिछले एक महीने में चीनी के दाम 30 रुपए प्रति किलो बढ़ गए हैं। 30 जुलाई को जो चीनी 45 रुपए किलो थी, वह आज बाजार में 75 रुपए किलो है। एक तरफ बेवकूफ और अनपढ़ सरकार ने गन्ने को इथेनॉल के लिए डाइवर्ट कर पेट्रोल में मिलावट की, जिससे लोग ई20 से परेशान हैं। दूसरी तरफ चीनी भी महंगी कर दी, जिससे लोग और परेशान हैं। सरकार का दावा था कि पेट्रोल में 20 फीसद इथेनॉल मिलाने से कच्चे तेल का आयात 20 फीसद कम होगा और विदेशी मुद्रा बचेगी। लेकिन चीनी की कमी के कारण अब देश चीनी का आयात कर रहा है। ऐसे में जो विदेशी मुद्रा बची थी, वह चीनी के आयात में खर्च हो गई। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ऐसी बेवकूफ सरकार मैंने अपनी जिंदगी में नहीं देखी। जब सरकार फैसले लेती है, तो विशेषज्ञों से चर्चा करती है। क्या किसी विशेषज्ञ ने यह नहीं बताया कि इतना गन्ना डाइवर्ट करने से चीनी की कमी हो जाएगी या ये लोग किसी की सुनते ही नहीं हैं। नितिन गडकरी कहते थे, कि इथेनॉल मिक्स करने से पेट्रोल 15 रुपए लीटर मिलेगा, लेकिन वह सस्ता नहीं हुआ। सरकार के सभी दावे खोखले साबित हुए और देश को कोई फायदा नहीं हुआ। कुछ लोगों का मानना है कि डोनाल्ड ट्रंप, मोदी जी पर दबाव डाल रहे हैं। अमेरिका के पास इथेनॉल सरप्लस है और सरकार द्वारा पैदा की गई इस कृत्रिम कमी के बाद अब अमेरिका से इथेनॉल आयात किया जाएगा, ताकि ई-20 को बढ़ाकर ई-30 और ई-40 किया जा सके।



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