IIT Bombay Hostel Ceiling Fans Removal
मुंबई6 घंटे पहले
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IIT बॉम्बे कैंपस में मंगलवार को सुरक्षा बढ़ा दी गई।
IIT बॉम्बे में बीटेक स्टूडेंट साहिल वाकोडे की मौत के बाद कैंपस और हॉस्टल से सीलिंग फैन हटाए जाएंगे। संस्थान ने इनकी जगह वॉल-माउंटेड यानी दीवार पर लगने वाले फैन लगाने का फैसला लिया है। सूत्रों के मुताबिक, पंखे बदलने पर चर्चा जुलाई में एक छात्र की मौत के बाद शुरू हुई थी।
साहिल की मौत के बाद इस फैसले को लागू करने की प्रक्रिया शुरू की गई। साहिल 18 सितंबर की शाम हॉस्टल कमरे में फंदे से लटका मिला था। उसकी मौत के बाद लगातार 5 दिनों से IIT बॉम्बे में छात्रों का प्रदर्शन जारी है।
इधर, साहिल की मौत मामले में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच एग्जाम हॉल, कैंपस और हॉस्टल की CCTV फुटेज खंगाल रही है। अधिकारियों के मुताबिक, फुटेज में साहिल आखिरी बार एग्जाम हॉल से निकलकर हॉस्टल की ओर जाता दिखा। इसके बाद वह अपने कमरे से बाहर नहीं निकला।
साहिल की मौत के विरोध में RPI (A) और भारत मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने IIT बॉम्बे के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान दर्जनों कार्यकर्ताओं को मुंबई पुलिस ने हिरासत में लिया।
क्राइम ब्रांच ने बताया 18 सितंबर के CCTV फुटेज में क्या दिखा
- साहिल 22 साल का था और IIT बॉम्बे के एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में BTech सेकंड ईयर में पढ़ता था। वह महाराष्ट्र के यवतमाल जिले का रहने वाला था।
- क्राइम ब्रांच के मुताबिक, साहिल 18 सितंबर को मिड-सेमेस्ट परीक्षा में शामिल हुआ था। उस दिन दोपहर 12:30 से 12:45 बजे के बीच एग्जाम हॉल की CCTV फुटेज में वह अपनी जेब में रखी किसी चीज को देखने के लिए झुकता दिखाई दिया था।
- इसके बाद प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला ने उससे सवाल किया। इसके बाद साहिल एग्जाम हॉल से निकलकर हॉस्टल की तरफ जाता दिखाई दिया। क्राइम ब्रांच के मुताबिक, साहिल करीब 1:25 बजे हॉस्टल के कमरे में पहुंचा था और इसके बाद बाहर नहीं निकला।
- बाद में उसी दिन वह अपने कमरे में मृत मिला। क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी के मुताबिक, परीक्षा हॉल, कैंपस और हॉस्टल की CCTV फुटेज की जांच की जा रही है।
- सभी फुटेज को आपस में जोड़कर साहिल की मूवमेंट और घटना से पहले की पूरी घटनाक्रम को समझने की कोशिश कर रही है। हालांकि, फुटेज अभी जारी नहीं की गई है और इसे जांच टीम ही देख रही है।
संस्थान का दावा- ChatGPT से नकल करते पकड़ाया था साहिल
साहिल की मौत को लेकर IIT बॉम्बे ने 19 सितंबर को कहा था कि मिड-सेमेस्टर एग्जाम के दौरान साहिल मोबाइल से नकल करते पकड़ा गया था। संस्थान के मुताबिक, फसने ChatGPT पर प्रश्नप्रत्र अपलोड करने की कोशिश की थी।
इसके बाद साहिल ने हॉस्टल जाकर सुसाइड कर लिया। हालांकि, 21 सितंबर को संस्थान ने माफी मांगते हुए अपना बयान वापस लिया। IIT ने कहा कि जांच पूरी होने से पहले बयान देना सही नहीं था।
परिवार ने जाति आधारित भेदभाव के आरोप लगाए
साहिल के परिवार का आरोप है कि उनके बेटे को जाति आधारित उत्पीड़न और भेदभाव का सामना करना पड़ा। परिवार ने मामले की गहराई से जांच और CBI जांच की मांग की है।
साहिल के माता-पिता ने SC/ST एक्ट के तहत मामला भी दर्ज कराया है। FIR में प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला का नाम भी है।
IIT बॉम्बे ने 21 सितंबर को प्रो. सूर्यनारायण दूल्ला को डीन ऑफ एडमिनिस्ट्रेटिव अफेयर्स के पद से हटा दिया। हालांकि, वह संस्थान में बतौर फैकल्टी काम करते रहेंगे।
IIT बॉम्बे में प्रोफेसर दूल्ला के समर्थन में सोमवार को फैकल्टी मेंबर्स ने मार्च निकाला।
IIT बॉम्बे में छात्र बनाम फैकल्टी फोरम
साहिल की मौत के बाद एक तरफ जहां छात्र संस्थान में जवाबदेही, पारदर्शिता, छात्र कल्याण और मेंटल हेल्थ की व्यवस्था में बदलाव की मांग कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ IIT बॉम्बे फैकल्टी फोरम ने आरोपी प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला का समर्थन किया है।
छात्रों का पक्ष: 3 बड़ी बातें
- निष्पक्ष जांच की मांग: छात्रों का कहना है कि वे प्रोफेसर दूल्ला को जांच से पहले दोषी नहीं मान रहे हैं। हालांकि, वे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए, ताकि सभी आरोपों की सच्चाई सामने आ सके।
- प्रदर्शन का मकसद एकेडमिक मिसकंडक्ट को सही ठहराना नहीं: छात्र प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया है कि उनका प्रदर्शन परीक्षा में एकेडमिक मिसकंडक्ट को सही ठहराने के लिए नहीं है। वे मामले से जुड़े व्यापक संस्थागत मुद्दों को सामने रखना चाहते हैं।
- जवाबदेही और छात्र कल्याण पर जोर: छात्रों जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही मेंटल हेल्थ से जुड़ी व्यवस्थाओं को मजबूत करने की मांग कर रहे हैं।
फैकल्टी फोरम का पक्ष: 3 बड़ी बातें
1. प्रो. दूल्ला ने नियमों के मुताबिक कार्रवाई की: IIT बॉम्बे फैकल्टी फोरम के अध्यक्ष प्रो. राजकुमार पंत का कहना है कि प्रोफेसर दूल्ला ने परीक्षा के दौरान साहिल को गलत तरीके अपनाते हुए देखा और संस्थान के तय नियमों के मुताबिक कार्रवाई की।
2. जांच पूरी होने से पहले निष्कर्ष नहीं: पंत ने कहा कि मामले की जांच पूरी होने और तथ्य सामने आने से पहले किसी के पक्ष या विपक्ष में निष्कर्ष निकालना सही नहीं है। उनके मुताबिक, सोशल मीडिया या दूसरी जगहों पर धारणाओं के आधार पर राय बनाना सही नहीं होगा।
3. SC/ST सेल में शिकायत को लेकर दावा: फैकल्टी फोरम के मुताबिक, जातिगत टिप्पणियों को लेकर पिछले 3-4 महीनों में साहिल ने SC/ST सेल से संपर्क नहीं किया था और वहां उसकी कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई थी।
IIT बॉम्बे में इस साल तीन सुसाइड, देश का 9वां मामला
इस साल IIT बॉम्बे में सुसाइड का यह तीसरा और देश का 9वां मामला है। पिछले 6 साल के दौरान 2025 में सबसे ज्यादा 16 IIT छात्रों ने सुसाइड किया था। ग्लोबल IIT एलुमनाई सपोर्ट ग्रुप के मुताबिक, पिछले 20 साल में IIT के कुल 160 छात्रों ने आत्महत्या की हैं।
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