Iran Protests Spread to 100 Cities Over Inflation, Violence Escalates Nationwide | ईरान के 100 शहरों में महंगाई के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन: पुलिसकर्मी की चाकू मारकर हत्या, राष्ट्रीय झंडा फाड़ा; इंटरनेट और फोन सर्विस बंद

Iran Protests Spread to 100 Cities Over Inflation, Violence Escalates Nationwide | ईरान के 100 शहरों में महंगाई के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन: पुलिसकर्मी की चाकू मारकर हत्या, राष्ट्रीय झंडा फाड़ा; इंटरनेट और फोन सर्विस बंद


तेहरान2 घंटे पहले

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ईरान में 28 दिसंबर से प्रदर्शन हो रहे हैं। गुरुवार को 100 से ज्यादा शहरों में महंगाई के खिलाफ लोग सड़कों पर उतरे।

ईरान में बीते 10 दिनों से चल रहे महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन के बीच गुरुवार रात को हालात और खराब हो गए हैं। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक देशभर में 100 से ज्यादा शहरों में प्रदर्शन फैल चुका है।

लोग ‘यह आखिरी लड़ाई है, शाह पहलवी लौटेंगे’ के नारे लगा रहे थे। फिलहाल देशभर में इंटरनेट और फोन सेवाएं बंद कर दी गई हैं। ईरान की सरकारी एजेंसी फार्स के मुताबिक तेहरान में हालात काबू में करने की कोशिश कर रहे एक पुलिस अधिकारी की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। हिंसा में अब तक 45 लोगों की मौत

देश के दूसरे सबसे बड़े शहर मशहद में प्रदर्शनकारियों ने देश का राष्ट्रीय झंडा फाड़ दिया। अमेरिकी ह्यूमन राइट एजेंसी के मुताबिक, प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में अब तक कम से कम 45 लोग मारे गए हैं, जबकि 2,270 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।

यह प्रदर्शन देश के निर्वासित युवराज रजा पहलवी की अपील के बाद तेज हुआ। रेजा पहलवी ईरान के आखिरी शाह मोहम्मद रजा पहलवी के बेटे हैं। उनके पिता 1979 की इस्लामिक क्रांति के दौरान सत्ता से हटाए गए थे। युवराज पहलवी अभी अमेरिका में रह रहे हैं।

ट्रम्प ने ईरान को धमकी दी इस अशांति के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने फिर धमकी दी है कि अगर प्रदर्शनकारियों को मारा गया तो अमेरिका, ईरान पर हमला करेगा।

ट्रम्प ने कहा, “मैंने उन्हें बता दिया है कि अगर वे लोगों को मारना शुरू करते हैं, जैसा कि वे अपने दंगों में अक्सर करते हैं, तो हम उन्हें बहुत जोरदार तरीके से निशाना बनाएंगे।”

ईरान में महंगाई से आम लोगों में नाराजगी बढ़ी

देशभर में GenZ आक्रोश में है। इसका कारण आर्थिक बदहाली रहा है। दिसंबर 2025 में ईरानी मुद्रा रियाल गिरकर करीब 1.45 मिलियन प्रति अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गई, जो अब तक का सबसे निचला स्तर है।

साल की शुरुआत से रियाल की कीमत लगभग आधी हो चुकी है। यहां महंगाई चरम पर पहुंच गई है। खाद्य वस्तुओं की कीमतों में 72% और दवाओं की कीमतों में 50% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

इसके अलावा सरकार द्वारा 2026 के बजट में 62% टैक्स बढ़ाने के प्रस्ताव ने आम लोगों में भारी नाराजगी पैदा कर दी है।

प्रदर्शनकारियों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। कुछ लोगों ने इस दौरान पत्थरबाजी भी की।

इस्लामिक क्रांति के बाद खुमैनी ने ईरान में मौलाना शासन की नींव रखी

ईरान में 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद अयातुल्ला रूहोल्लाह खुमैनी सत्ता में आए। वे 1979 से 1989 तक 10 साल सुप्रीम लीडर रहे।

उनके बाद सुप्रीम लीडर बने अयातुल्ला अली खामेनेई 1989 से अब तक 37 साल से सत्ता में हैं।

ईरान आज आर्थिक संकट, भारी महंगाई, अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों, बेरोजगारी, मुद्रा गिरावट और लगातार जन आंदोलनों जैसी गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है।

क्राउन प्रिंस को सत्ता सौंपने की मांग

47 साल बाद अब मौजूदा आर्थिक बदहाली और सख्त धार्मिक शासन से नाराज लोग अब बदलाव चाहते हैं।

इसी कारण 65 वर्षीय क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी को सत्ता सौंपने की मांग उठ रही है। प्रदर्शनकारी उन्हें एक धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक विकल्प मानते हैं।

युवाओं और जेन जी को लगता है कि पहलवी की वापसी से ईरान को आर्थिक स्थिरता, वैश्विक स्वीकार्यता और व्यक्तिगत आजादी मिल सकती है।

ईरान की इकोनॉमी तेल निर्यात पर निर्भर

साल 2024 में ईरान का कुल निर्यात लगभग 22.18 बिलियन डॉलर था, जिसमें तेल और पैट्रोकैमिकल्स का बड़ा हिस्सा था, जबकि आयात 34.65 बिलियन डॉलर रहा, जिससे व्यापार घाटा 12.47 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया।

2025 में तेल निर्यात में कमी और प्रतिबंध के कारण यह घाटा और बढ़कर 15 बिलियन डॉलर तक बढ़ा है। मुख्य व्यापारिक साझेदारों में चीन (35% निर्यात), तुर्की, यूएई और इराक शामिल हैं। ईरान चीन को 90% तेल निर्यात करता है।

ईरान ने पड़ोसी देशों और यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन के साथ व्यापार बढ़ाने की कोशिश की है, जैसे कि INSTC कॉरिडोर और चीन के साथ नए ट्रांजिट रूट्स। फिर भी, 2025 में जीडीपी वृद्धि केवल 0.3% रहने का अनुमान है। प्रतिबंध हटने या परमाणु समझौते की बहाली के बिना व्यापार और रियाल का मूल्य स्थिर करना मुश्किल रहेगा।

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