Rape Attempt, Spy Allegations & Audio Viral
पिछले 10 दिनों में ही अध्यक्ष महोदय पर दो महिलाओं ने केस दर्ज करवाया है।
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ये बात छिंदवाड़ा जिले के परासिया के नगर पालिका अध्यक्ष विनोद मालवीय ने कही थी। पिछले 10 दिनों में ही अध्यक्ष पर दो महिलाओं ने केस दर्ज करवाया है, वह भी रेप की कोशिश का। वैसे इन पर एक-दो नहीं बल्कि अब तक 9 केस दर्ज हो चुके हैं। कई ऑडियो-वीडियो भी सामने आए हैं।
लगातार हो रही शिकायत और भाजपा से 6 साल के लिए निष्कासित होने से परेशान होकर इन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर अपना पक्ष रखा। हालांकि, इनका यह इमोशनल कार्ड नहीं चला और पुलिस ने मंगलवार रात को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
दैनिक भास्कर ने नपा अध्यक्ष पर दर्ज मामलों की पड़ताल की। यह भी पता किया कि कैसे एक ऑटो ड्राइवर इस पद तक पहुंचा। पढ़िए रिपोर्ट…
लगातार हो रही शिकायत से परेशान होकर मालवीय ने वीडियो जारी किया है।
सबसे पहले अध्यक्ष बनने की कहानी…
साल 2022 में परासिया नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हुए। भाजपा और कांग्रेस की सीट बराबर आ आई। भाजपा ने सरकार बनाने की पेशकश की, जिसके बाद दो पार्षद दावेदारों के नाम पर मंथन किया गया। दोनों की दावेदारी मजबूत थी, इसलिए फैसला पर्ची के जरिए हुआ। पर्ची खुली तो पहली बार पार्षद बने विनोद मालवी की किस्मत भी खुल गई। इस प्रकार से वे नगर पालिका परिषद परासिया के अध्यक्ष बन गए।
अध्यक्ष बनने के पहले वे केवल भाजपा के एक कार्यकर्ता मात्र थे। उनकी आमदनी का साधन ऑटो था, जिसे वे खुद दौड़ाया करते थे। हालांकि वे कुर्सी पर तो बैठ गए, लेकिन क्षेत्र में विकास की जगह शिकायतों के कारण वो ज्यादा चर्चा में बने रहे।
शिकायत भी ऐसे-वैसे नहीं… जासूसी कांड, ऑडियो वायरल, महिला से अश्लील बातें, आय से अधिक संपत्ति, प्रमाण-पत्र जारी करने में अनियमितता, वाहन अटैचमेंट और पट्टा वितरण में गड़बड़ी। इसमें से महिला उत्पीड़न के एक मामले में वे जेल गए। बाकी सभी मामलों में अलग-अलग जांच चल रही है।
सबसे पहले वह केस जिस पर मामला गरमाया
पहला मामला : 5 फरवरी को परासिया थाने में दर्ज हुआ था, जिसमें महिला के साथ फोन कर अश्लील बात करना और उसका ऑडियो सोशल मीडिया में शेयर करने का आरोप लगा। पुलिस ने विनोद मालवीय पर केस दर्ज किया।
शिकायत पत्र में दी गई जानकारी के अनुसार पीड़िता ने आरोप लगाया है कि विनोद मालवीय के द्वारा फोन कर अश्लील बातें की गईं और इन्हीं बातों को रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया में शेयर भी कर दिया गया, जो बदनामी करने की नीयत से किया गया है। इसके तहत निजता हनन की धाराओं सहित छेड़छाड़ और आईटीआई की धाराओं में कार्रवाई की मांग की गई।
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि विनोद मालवीय के द्वारा फोन कर अश्लील बातें की गईं।
ऑडियो : मालवीय और महिला के बीच बातचीत हो रही
विनोद: आज सुबह ही @!#$%^
महिला: अच्छा… विनोद: फोन देखकर वह बोली कि बात मत करना, तो मैंने कहा कि फोन छीन ही मत। (हंसते हुए) महिला: फालतू बात तो कर नहीं रहे हैं, बोलना। और मैं समझ गई थी, इसलिए मैंने नॉर्मल बात की। कम से कम उन्हें यह लग गया कि काम की बात कर रहे हैं। अब मिलेगी तो बोलूंगी कि अभी ही तो बात हुई थी।
विनोद: वही तो है वो।
महिला: यह फोन लगाने में ही खिसक जाती है क्या? विनोद: हां। महिला: @!#$%^ है, ठीक है।
विनोद: वह इसलिए सहन कर रही है तेरा-मेरा, क्योंकि उसके पापा की तबीयत खराब है। और मैं उसके मां-बाप को बता दूं कि यह ऐसा बोल रही है।
महिला: कौन-सा कुछ कर रहे हैं, मैंने तो कॉल करना ही बंद कर दिया है। विनोद: भूल जाएगी तू मुझे। महिला: भूलूंगी नहीं, लेकिन फोन नहीं करूंगी। तुम्हारी हरकत देखकर मैं बहुत पछता रही हूं, इसलिए मिलना ही छोड़ दिया।
विनोद: वह बोल रही थी कि हरिद्वार के पास मंदिर की सेवा करने पर आश्रम में रहने को मिलता है, खाने को भी मिलता है। उसने कहा कि मुझे चार पीली साड़ी ला दो। मैंने बोला, ला देता हूं, तू चले जा।
महिला: हां… हम दोनों रह लेंगे, तू चले जा बोल दो। विनोद: बहुत बोलती है वह। महिला: तुम हो ना ऐसे, इसलिए।
विनोद: तेरे चक्कर में @!#$%^ दिया।
महिला: मेरे चक्कर में? विनोद: हां। महिला: मैं कर क्या रही हूं, यह तो बताओ।
विनोद: पीठ बहुत दुख रही है, आना-जाना बहुत हो गया… अभी @!#$%^ में लेटा हूं।
महिला: हम्म। विनोद: @!#$%^ महिला: @!#$%^
विनोद: जा, चाय दे दे। कलश यात्रा में चले जा… मैं भी आऊंगा।
महिला: आ जाओ न।
दूसरा मामला : पति को नौकरी ने देने के नाम पर शोषण की कोशिश
चांदामेटा पुलिस ने 10 फरवरी को मालवीय के खिलाफ महिला की शिकायत पर FIR दर्ज की। शिकायत में उनके द्वारा पद का दुरुपयोग कर शारीरिक शोषण करने के प्रयास संबंधित गंभीर आरोप लगाए गए।
पीड़िता के अनुसार- पति को नगर प्रशासन में नौकरी का झांसा देकर उसके साथ संबंध बनाने की कोशिश की गई और इसे मना करने पर घर की दीवार गिराने तक की धमकी दी गई। महिला ने पुलिस को बताया कि 10 जनवरी को दोपहर 1 बजे जब मेरे घर पर कोई नहीं था, उस समय बुरी नीयत से विनोद घर पर आया। मेरा हाथ पड़कर अवैध संबंध बनाना चाहा। इसके बाद हमारी कहा-सुनी हुई। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले को जांच में लिया है।
एक और महिला से बातचीत का ऑडियो… विनोद : क्यों कहां है। महिला : घर में। विनोद : क्याकर रही है। महिला : लेटी हूं। क्यों, क्या करूंगा बताओ। आप क्या कर रहे हो। विनोद : सो रहा हूं। महिला : फोन क्यों लगाया। बहुत चिंता हो रही है कहा हूं। विनोद : मैंने सोचा अपने घर पर बुला लू तुझे। महिला : कहां गईं। विनोद : पापा को एडमिट किया है आईसीयू में तो वहां गई है। महिला : छिंदवाड़ा, कब आएंगी। विनोद : अभी आ जाएगी। महिला : फोन नहीं किया। विनोद : मैं सो गया था। गाली देते हुए उस कंट्रोल वाले को चिल्लाने चला गया था, ताे मूड खराब हो गया। महिला : अपने लिए समय कहां है बात करने का, इसलिए अपन ने भी छोड़ दिया बात करना। विनोद : अरे चल तेरी…. गालियां देते हुए… रख फोन।
(दैनिक भास्कर किसी भी ऑडियो की पुष्टि नहीं करता है।)
लोकायुक्त को बताया गया है कि मालवीय को 1 लाख 15 हजार 200 रुपए प्रति वर्ष नगर पालिका से मानदेय मिलता है।
वीडियो में साजिश का आरोप- आत्महत्या की चेतावनी
15 फरवरी को नगर पालिका अध्यक्ष विनोद मालवीय ने एक वीडियो जारी किया। कहा- “पिछले एक माह से मैं और मेरा परिवार गंभीर मानसिक प्रताड़ना से जूझ रहा है। मैं 1998 से भारतीय जनता पार्टी का कार्य करता हूं और 3.5 साल से परासिया नगर पालिका परिषद का अध्यक्ष हूं लेकिन जो व्यक्ति 3 वर्ष से लगातार मेरे खिलाफ शिकायत करके मुझे पद से हटाने की कोशिश की जा रही है।
इसके बारे में पूरे शहर को जानकारी है कि वह कौन लोग हैं, इन लोगों ने षड्यंत्र कर मेरा भारतीय जनता पार्टी से निष्कासन करवा दिया। इसके बाद मेरी ही पार्टी के तीन चार लोग एक अधिकारी के साथ मिलकर धन बल का उपयोग कर महिलाओं की ओर से झूठी शिकायत करके मेरे ऊपर केस दर्ज करवा रहे हैं। अगर इस प्रकरण में महिला सही रही तो उन्होंने तत्काल शिकायत क्यों नहीं की अब क्यों शिकायत हो रही है।
इससे यह साबित होता है कि यह सोची समझी साजिश है। मेरे खिलाफ भ्रष्टाचार सहित विधानसभा में भी प्रश्न उठाए गए जिस पर जांच की गई और कुछ हासिल नहीं हुआ। मुझे यह अंदेशा है कि अभी और भी महिलाओं से झूठी शिकायत करवाई जा सकती है और अगर ऐसा ही चला रहा तो मैं मेरी पत्नी और मेरी बेटियों के साथ आत्मदाह करने को मजबूर हो जाऊंगा लेकिन मुझे कानून पर पूर्ण विश्वास है कि वह गलत कार्रवाई नहीं करेगा”
अब जानिए, अध्यक्ष मालवीय से जुड़े चर्चित मामले
1. जासूसी के लिए ‘सुपारी’ देने का आरोप
भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री और पार्षद अनुज पाटकर ने विनोद मालवीय और भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री परमजीत सिंह विज पर आरोप लगाया कि दोनों उनकी जासूसी करवा रहे हैं। उनके ड्राइवर दुर्गेश को जासूसी की ‘सुपारी’ दी गई है।
दुर्गेश ने भी इस संबंध में 2 सितंबर 2024 को एसपी छिंदवाड़ा को शिकायत की, जिसमें उसने बताया कि परासिया नगर पालिका अध्यक्ष विनोद मालवीय और भाजपा के जिला महामंत्री (तत्कालीन) परमजीत सिंह विज ने उसे नगर पालिका परासिया में नौकरी लगवाने के नाम का लालच दिया और उसके एवज में जासूसी करने के लिए कहा।
दुर्गेश ने शिकायत में यह भी कहा कि पक्की नौकरी लगवाने के नाम पर उसने विनोद मालवीय के मांगने पर 30 हजार रुपए भी दिए। नौकरी न लगने पर कुछ माह बाद जब उसने विनोद मालवीय और परमजीत सिंह विज से 30 हजार रुपए वापस मांगे तो उसे यह कहकर नौकरी से निकाल दिया गया कि वह अनुज पाटकर संबंधी कोई भी जानकारी नहीं दे रहा है।
इस बीच नगर पालिका के बैंक खाते से उसके खाते में दो-तीन माह तक 6-6 हजार रुपए दिए गए। इस बीच न तो वह नगर पालिका गया और न ही नगर पालिका का कोई भी काम उसने किया। इस प्रकरण में दुर्गेश ने न्यायालय में परिवाद दायर किया है जो कि अभी लंबित है।
2. पारिवारिक रिकार्डिंग वायरल कर दी
विनोद मालवीय पर एक आरोप यह भी लगा कि उन्होंने भाजपा के ही अनुज पाटकर की पारिवारिक बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया। अनुज पाटकर ने इसकी शिकायत 25 अप्रैल 25 को परासिया थाने में दर्ज करवाई।
पुलिस ने इस मामले में विनोद मालवीय, रिंकू घोरके और वैष्णवी तारन के विरुद्ध केस दर्ज किया, जो न्यायालय में विचाराधीन है।
3. महिला से अश्लील बात का ऑडियो सामने आया
हाल ही में कमीशन मांगे जाने को लेकर भाजपा के पूर्व महामंत्री परमजीत सिंह विज और विनोद मालवीय की बातचीत का जो ऑडियो सामने आया, उसके बाद एक और ऑडियो आया। इसमें एक महिला और पुरुष के बीच जमकर अश्लील बातचीत चल रही है। ऐसे-ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है जो लिखना तक संभव नहीं है। इसमें भी विनोद मालवीय की आवाज बताई जा रही है। हालांकि भास्कर डिजिटल इसकी पुष्टि नहीं करता है। महिला की शिकायत पर मालवीय के विरुद्ध परासिया पुलिस ने केस दर्ज किया है।
4. फ्री में शराब मांगने का ऑडियो वायरल
परासिया के एक शराब ठेकेदार से फ्री में शराब मांगने का एक ऑडियो भी सामने आया। इस ऑडियो में शराब मांगने वाले की आवाज परासिया नगर पालिका अध्यक्ष विनोद मालवीय की बताई गई। इस ऑडियो में ठेकेदार ने फ्री शराब देने से साफ इंकार कर दिया। इस मामले को लेकर कांग्रेस ने भी खासा हल्ला मचाया था।
5. आय से अधिक संपत्ति मामले में लोकायुक्त से शिकायत
मालवीय के खिलाफ लोकायुक्त में भी शिकायत की गई है। भाजपा पार्षद अनुज पाटकर और पवन सूर्यवंशी ने शिकायत में बताया गया है कि मालवीय ने नगरीय निकाय चुनाव 2022 में भरे गए नामांकन में जो स्वयं के संबंध में संपत्ति संबंधी जानकारी चुनाव आयोग के समक्ष प्रस्तुत की थी, उसमें कितनी संपत्ति बताई थी और आज उसके खर्चे क्या हैं।
लोकायुक्त को बताया गया है कि मालवीय को 1 लाख 15 हजार 200 रुपए प्रति वर्ष नगर पालिका से मानदेय मिलता है। दाखिल नामांकन के अनुसार इसके अतिरिक्त उनका कोई वैद्य अथवा व्यावसायिक स्त्रोत ज्ञात नहीं है, बावजूद कोचिंग संस्थान में पढ़ रही उनकी बेटी की वार्षिक फीस 1 लाख 39 हजार रुपए है। वह बीते 2 वर्षों से वहां पढ़ रही है।
बेटी, जिस हास्टल में रह रही है, उसकी फीस 15 हजार रुपए प्रतिमाह है जो कि उनकी आमदनी से कई गुना ज्यादा है। मालवीय ने चौपहिया वाहन (स्कार्पियो) क्रमांक एमपी 28 जेडएन 6269 (अनुमानित कीमत 20 लाख रुपए) खरीदा है।
साथ ही घरेलू सामान जैसे 55 इंच एलईडी टीवी (80 हजार), लैपटॉप (1 लाख) एवं मोबाइल (1 लाख 50 हजार) भी लिया है। उक्त सामान खरीदने की राशि उनके पास कहां से आई, इसकी जांच कर आय से अधिक संपत्ति का प्रकरण दर्ज करने की मांग की गई है।
6. एकल हस्ताक्षर से प्रमाण पत्र बांटने का आरोप
मालवीय पर आरोप है कि नगर पालिका अध्यक्ष रहते अकेले स्वयं के हस्ताक्षर से कई प्रमाण पत्र नियम विरुद्ध जारी कर दिए। इनमें गरीबी रेखा प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, अनापत्ति प्रमाण पत्र, बिजली प्रमाण पत्र, मकान प्रमाण पत्र आदि शामिल हैं, जबकि ये प्रमाण पत्र एकल हस्ताक्षर से जारी करने का अधिकार विनोद मालवीय का नहीं है।
7. वाहन अटैच करने में भी फर्जीवाड़ा
मालवीय ने नगर पालिका में स्वयं (अध्यक्ष) के उपयोग के लिए कार क्रमांक एमपी 28 जेडएच 9075 अटैच करवाई। इसमें भी निविदा प्रक्रिया का पालन न करते हुए कोटेशन के आधार पर कार लगा ली गई।
यह गाड़ी आरटीओ में चांदामेटा निवासी मानव शर्मा के नाम पर रजिस्टर्ड है, जबकि नगर पालिका में अनुबंध संयम सिंघई पिता सुशील सिंघई के नाम पर किया गया है। इस मामले की भी शिकायत नगरीय प्रशासन विभाग जबलपुर के संयुक्त संचालक से मय दस्तावेज की गई है।
8. पट्टा वितरण में अनियमितता
पट्टा वितरण में अनियमितता के आरोप भी विनोद मालवीय पर लगे हैं। इसकी शिकायत भी संगठन के पदाधिकारियों से की गई। शिकायतकर्ता पार्षद अनुज पाटकर, पवन सूर्यवंशी और भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के मंडल अध्यक्ष आशीष जायसवाल ने आरोप लगाया कि वार्ड क्रमांक 1 के 32 में से 29 पट्टे आदिवासी हितग्राहियों के लिए स्वीकृत थे, लेकिन विनोद मालवीय द्वारा अन्य समाज के लोगों से पैसे लेकर उन्हें पट्टे बांट दिए।
आदिवासी हितग्राहियों से भी पट्टे देने के एवज में धनराशि की मांग विनोद मालवीय ने की। इस मामले में 29 हितग्राहियों ने कलेक्टर से शपथ पत्र के साथ शिकायत की थी।
आईटी एक्ट में तीसरी बार फंसे अध्यक्ष मालवीय
नगर पालिका अध्यक्ष विनोद मालवीय के खिलाफ यह तीसरा मामला है, जो आईटी एक्ट के तहत दर्ज हुआ है। इससे पहले धर्म विशेष को लेकर सोशल मीडिया पोस्ट पर मामला और भाजपा नेता अनुज पाटकर से जुड़े प्रकरण में केस हो चुका है। लगातार तीसरी बार आईटी एक्ट में मामला दर्ज होना कानूनन गंभीर श्रेणी में माना जाता है।
पट्टा वितरण में अनियमितता के आरोप भी विनोद मालवीय पर लगे हैं।
पार्टी और पुलिस की कार्रवाई
परासिया नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष विनोद मालवीय को बुधवार को छिंदवाड़ा कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। उनके खिलाफ एसटी-एससी एक्ट, आईटी एक्ट और बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।
पुलिस के अनुसार विनोद मालवीय पर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज है। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने न्यायिक हिरासत की मांग की, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।
पार्टी ने किया निष्कासित
प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने विनोद मालवीय को 6 साल के लिए निष्कासित किया है। हालांकि, जिस कथित ऑडियो के आधार विनोद पर कार्रवाई हुई।
कांग्रेस बोली- पद की गरिमा बनाना अध्यक्ष का काम कांग्रेस नेता गोलू पटेल का कहना है कि पद की गरिमा को बनाना अध्यक्ष का काम होता है, लेकिन परासिया में तो इस पद को ही तार-तार कर दिया गया है।
पार्टी ने छवि धूमिल करने वाले को बाहर किया मेरे द्वारा जासूसी की शिकायत पार्टी आलाकमान से की गई थी। इनके द्वारा मेरे परिवार की महिलाओं के बीच की बातचीत का ऑडियो भी सोशल मीडिया में वायरल किया गया था। इस पर भी मैंने विनोद मालवी की शिकायत की थी। पार्टी ने मेरी शिकायत पर ध्यान देते हुए पार्टी की छवि धूमिल करने वाले मालवीय को 6 साल के लिए निष्काषित कर दिया।
भाजपा जिला अध्यक्ष शेषराव यादव का कहना है कि प्रदेश अध्यक्ष से प्राप्त निर्देश के अनुसार नगर पालिका परिषद अध्यक्ष विनोद मालवीय को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है प्रदेश से जारी निर्देशों का पालन किया जाएगा

