South Africa Reach Knockout Stage

South Africa Reach Knockout Stage


मॉन्टेरी3 घंटे पहले

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साउथ अफ्रीका ने फुटबॉल वर्ल्ड कप के नॉकआउट में प्रवेश कर लिया है। टीम ने गुरुवार को ग्रुप-ए के मैच में साउथ कोरिया को 1-0 से हराया। साउथ अफ्रीका पहली बार फुटबॉल वर्ल्ड कप के नॉकआउट स्टेज में पहुंची है।

मॉन्टेरी स्टेडियम में थापेलो मासेको ने 63वें मिनट में गोल दागा, जोकि निर्णायक गोल साबित हुआ। मुकाबले का पहला हाफ गोल रहित रहा। ग्रुप-ए के एक अन्य मैच में मैक्सिको ने चेक रिपब्लिक को 3-0 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया।

साउथ अफ्रीका की अटैकिंग शुरुआत

साउथ अफ्रीका ने अटैकिंग शुरुआत की। साउथ कोरिया के डिफेंडर ली गिह्युक ने मैच की शुरुआत में मासेको का एक तेज अटैक रोक दिया। इसके बाद थालेंटे म्बाथा और एविडेंस मकगोपा के प्रयासों को गोलकीपर किम स्युंगग्यु ने नाकाम किया।

कोरिया ने रणनीति बदली, फायदा अफ्रीका को हुआ

दूसरे हाफ में साउथ कोरिया के कोच हांग म्युंग-बो ने आक्रामक रणनीति अपनाते हुए 3 बदलाव किए। इनमें स्टार खिलाड़ी सोन ह्युंग-मिन को भी मैदान पर उतारा गया। कोरिया लगातार दबाव बना रहा था, लेकिन निर्णायक क्षण दक्षिण अफ्रीका के हिस्से आया।

63वें मिनट में तेशपांग मोरेमी ने बाएं फ्लैंक से शानदार रन बनाते हुए पेनल्टी बॉक्स के किनारे पास दिया। मासेको ने गेंद को कंट्रोल करके बाएं पैर से नजदीकी पोस्ट की ओर सटीक शॉट लगाया, जो गोल में तब्दील हो गया।

तेशपांग मोरेमी ने मैच का इकलौता गोल दागा।

अफ्रीकी डिफेंस को भेद नहीं सका कोरिया

गोल खाने के बाद साउथ कोरिया ने बराबरी के लिए कई प्रयास किए, लेकिन साउथ अफ्रीका की डिफेंस लाइन को भेद नहीं सकी। आखिरकार साउथ अफ्रीका ने 1-0 की जीत दर्ज करते हुए नॉकआउट चरण में जगह पक्की कर ली।

मैच 53: चोकिया Vs मैक्सिको, स्कोरलाइन 0-3

मैक्सिको ने पहली बार ग्रुप स्टेज के तीनों मैच जीते

मेजबान मैक्सिको ने चेक गणराज्य को 3-0 से हराकर ग्रुप-ए में 100% जीत के साथ टॉप पोजिशन हासिल की। टीम ने पहली बार ग्रुप स्टेज के तीनों मैच जीते हैं। टीम ने 1986 और 2002 वर्ल्ड कप में दो मैच जीते थे और एक ड्रॉ रहा था।

मैक्सिको सिटी स्टेडियम में खेले गए मैच के दूसरे हाफ में मातेओ चावेज और जूलियन क्विन्योनेस ने छह मिनट के अंदर गोल दागकर टीम को मजबूत बढ़त दिलाई। फिर इंजुरी टाइम में अल्वारो फिडाल्गो ने तीसरा गोल कर जीत दिला दी।

पहला वर्ल्ड कप खेल रहे 22 साल के मातेओ चावेज ने 55वें मिनट में गोल कर मैक्सिको का खाता खोला। फिर जूलियन क्विन्योनेस ने 61वें मिनट में दूसरा गोल दागकर स्कोर 2-0 कर दिया। निर्धारित समय समाप्त होने के बाद फिडाल्गो ने तीसरा गोल कर चेक गणराज्य की वापसी की उम्मीदें खत्म कर दीं।

मैक्सिको के मैच में समलैंगिक-विरोधी नारा लगा, जुर्माना लग चुका

नॉकआउट में पहुंचने के बाद मैक्सिको के फैंस का सेलिब्रेशन देखिए।

मैक्सिको-चेक गणराज्य मैच के दौरान एक बार फिर समलैंगिक-विरोधी नारा सुनाई दिया। यह वही नारा है, जिसकी वजह से फीफा मैक्सिको फुटबॉल महासंघ पर कई बार जुर्माना लगा चुका है। एस्टाडियो एज्टेका में चेक गणराज्य के गोलकीपर मातेय कोवार के गोल किक लेने के दौरान स्टेडियम में मौजूद कुछ दर्शकों ने यह नारा लगाया। स्पेनिश भाषा में इस्तेमाल होने वाला यह शब्द मूल रूप से पुरुष वेश्या के लिए प्रयोग किया जाता है। इसे अपमानजनक माना जाता है।

यह नारा करीब 25 साल पहले मैक्सिकन फुटबॉल संस्कृति में लोकप्रिय हुआ था। इसे विपक्षी गोलकीपर्स पर मानसिक दबाव बनाने के लिए लगाया जाता है। 2014 के ब्राजील वर्ल्ड कप के दौरान यह वैश्विक स्तर पर चर्चा में आया था। इसके बाद 2018 रूस वर्ल्ड कप और 2022 कतर वर्ल्ड कप में भी यह कई बार सुनाई दिया।

मैक्सिको फुटबॉल महासंघ इस नारे को रोकने के लिए लंबे समय से अभियान चला रहा है, लेकिन इसके बावजूद यह पूरी तरह समाप्त नहीं हो सका है। फीफा पहले भी इस मामले में मैक्सिको पर लाखों डॉलर का जुर्माना लगा चुका है। ———————————————

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ब्राजील फुटबॉल वर्ल्ड कप के नॉकआउट में, स्कॉटलैंड को 3-0 से हराया

5 बार की वर्ल्ड चैंपियन ब्राजील ने फुटबॉल वर्ल्ड कप के नॉकआउट राउंड में प्रवेश कर लिया है। उसने गुरुवार सुबह ग्रुप-सी के मैच में स्कॉटलैंड को 3-0 से हराया। मियामी स्टेडियम में ब्राजील की ओर से विनीसियस जूनियर ने दो गोल किए। जबकि एक गोल मैथियस कुन्हा ने दागा। पढ़ें पूरी खबर

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