TMC 20 MPs Support NDA; Demand Separate Seat
नई दिल्ली/कोलकाता3 मिनट पहले
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ममता बनर्जी INDIA ब्लॉक की मीटिंग के लिए दिल्ली आईं थीं। अभी फिलहाल वे दिल्ली में ही हैं।
तृणमूल कांग्रेस संसदीय दल की चेयरपर्सन ममता बनर्जी ने कल्याण बनर्जी को लोकसभा में पार्टी का चीफ व्हिप बनाया है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को लेटर लिखकर मांग की है इसे तत्काल प्रभाव रिकॉर्ड में लिया जाए।
TMC के लोकसभा में 28 सांसदों में से 20 ने एक दिन पहले बगावत के बाद ममता का साथ छोड़ दिया था। उन्होंने NDA सरकार को समर्थन देने का फैसला किया है। इन लोगों ने काकोली घोष दस्तीदार को अपना चीफ व्हिप चुना था।
खुद काकोली घोष ने बागी सांसदों के साइन वाला लेटर लोकसभा स्पीकर को भेजा था। इसमें TMC से अलग हुए सांसदों के लिए अलग संसदीय ब्लॉक के रूप में सिटिंग मांगी थी।
चीफ व्हिप किसी पार्टी का संसद में अनुशासन बनाए रखने वाला सीनियर नेता होता है। लोकसभा-राज्यसभा में उसका काम यह सुनिश्चित करना होता है कि सांसद सदन में पार्टी के रणनीति के मुताबिक काम करें।
लोकसभा में TMC के अभी 28 और राज्यसभा में 13 सांसद हैं। 3 जून को बंगाल के 80 में से 58 विधायक भी अलग गुट बना चुके हैं। इस गुट के नेता ऋतब्रत हैं।
बागी सांसदों ने 8 जून की रात एक सीक्रेट जगह पर मीटिंग की थी, यह तस्वीर उसी दौरान ली गई थी।
काकोली घोष ने कहा था- मैं ही चीफ व्हिप रहूंगी
काकोली ने सोमवार को कहा था कि वे अभी भी लोकसभा में पार्टी की मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) हैं। काकोली ने 27 मई को टीएमसी छोड़ दी है, लेकिन सांसद पद से इस्तीफा नहीं दिया था।
काकोली घोष ने कहा- मैं 1986 से ममता बनर्जी के साथ हूं। 2005 में मुझे पार्षद तक का चुनाव लड़वाया गया। मैं तो लड़ते-लड़ते यहां आई हूं। मेरा सर कटेगा लेकिन झुकेगा नहीं। मैंने बहुत सह लिया।
TMC के सांसदों की बगावत: 9 जून का घटनाक्रम
- TMC सांसद शताब्दी रॉय के घर बागी सांसदों की बैठक हुई। इसमें जून मालिया, बापी हलदर, अबू ताहिर खान और असित कुमार समेत कई सांसद पहुंचे। बंगाल सीएम शुभेंदु भी सांसदों से मिलने पहुंचे थे।
- इससे पहले इन्हीं बागियों में से 11 सांसदों ने केंद्रीय मंत्री और BJP के बंगाल प्रभारी भूपेंद्र यादव के घर पर मीटिंग की। इस दौरान बंगाल CM शुभेंदु अधिकारी भी इनसे मिलने पहुंचे थे।
- राज्यसभा में TMC के सांसद और चीफ व्हिप रहे सुखेंदु शेखर रे ने भी सांसद पद और पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।
बंगाल के CM शुभेंदु अधिकारी दिल्ली में TMC सांसद शताब्दी रॉय के घर से निकले।
TMC सांसदों की एक बैठक देर रात भी हुई, फोटो खींचने पर बहस
न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, टीएमसी के 20 सांसदों की रविवार देर रात दिल्ली के एक अज्ञात स्थान पर अनौपचारिक बैठक भी हुई। इसमें सांसदों ने मौजूदा नेतृत्व व्यवस्था को लेकर असंतोष जताया।
सोमवार को इस बैठक की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर सामने आई। कई TMC सांसद एक मेज के आसपास बैठे दिखाई दे रहे हैं। उस समय एक सांसद के फोटो खींचने पर विवाद भी हुआ। इसमें सुखेंदु शेखर रे भी बैठे दिखाई दे रहे हैं।
आगे क्या होगा, 3 सवाल
सवाल: TMC सांसदों पर दल-बदल कानून लगेगा? जवाब: TMC के पास कुल 28 लोकसभा सांसद हैं। अगर 20 सांसदों का बागी गुट खुद को अलग दल या लोकसभा में असली टीएमसी पार्टी बताता है, तो इन पर दल-बदल कानून नहीं लगेगा, क्योंकि बागी गुट के पास दो-तिहाई सांसदों का समर्थन है।
सवाल: TMC के 20 सांसदों के समर्थन के बाद क्या NDA की ताकत बढ़ेगी? जवाब: हां बढ़ेगी। लोकसभा में कुल 543 सांसदों में से एनडीए के अभी 293 सांसद हैं। 20 सांसदों के समर्थन के बाद यह संख्या बढ़कर 313 हो जाएगी।
सवाल: NDA को क्या फायदा मिलेगा? जवाब: कोई भी बिल पास कराने में आसानी होगी। सरकार परिसीमन और उससे जुड़े महिला आरक्षण बिल को पास करा सकती है। 18 अप्रैल को जब परिसीमन बिल पर वोटिंग हुई थी, तो बिल के पक्ष में 298 वोट पड़े थे। बिल पास कराने के लिए 352 वोट चाहिए थे। यानी बिल 52 वोट से गिर गया था। अगर टीएमसी के 20 सांसद एनडीए में शामिल हो जाएंगे,तो दो-तिहाई बहुमत के लिए 32 और सांसदों की जरूरत पड़ेगी।
28 साल पुरानी TMC में बगावत, 3 जून को अलग हुए 58 विधायक
तृणमूल कांग्रेस (TMC) में 28 साल के इतिहास में पहली बार औपचारिक तौर पर टूट सामने आई है। बुधवार को 58 बागी विधायकों ने पार्टी से निकाले गए विधायक ऋतब्रत बनर्जी को अपना नेता चुना। विधानसभा स्पीकर रथींद्र बोस को समर्थन पत्र दिया। इसमें मांग की गई कि ऋतब्रत को नेता विपक्ष घोषित किया जाए। स्पीकर ने मंजूरी दे दी। पढ़ें पूरी खबर…
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