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कीव6 मिनट पहले

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रूस के साथ जारी युद्ध के बीच यूक्रेन सरकार देश में चल रहे एडल्ट कंटेंट के कारोबार को कानूनी दायरे में लाने और उस पर टैक्स लगाने पर विचार कर रही है।

‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ के मुताबिक, इससे सरकार को हर साल करीब 2.5 करोड़ डॉलर यानी करीब 236 करोड़ रुपए की अतिरिक्त आमदनी हो सकती है। यूक्रेन के एक सांसद के मुताबिक, इतनी रकम से करीब 30 हजार ड्रोन खरीदे जा सकते हैं।

टैक्स के साथ भ्रष्टाचार रोकने का भी दावा

यूक्रेन में पोर्नोग्राफी को पूरी तरह कानूनी दर्जा नहीं मिला है। इसे कानूनी दर्जा देने का मकसद सिर्फ सरकार की कमाई बढ़ाना नहीं है बल्कि भ्रष्टाचार के रास्ते भी बंद करना है।

प्रस्ताव के समर्थकों का तर्क है कि पुलिस को एडल्ट कंटेंट से जुड़े मामलों के बजाय गंभीर अपराधों पर ज्यादा ध्यान देने का मौका मिलेगा। फिलहाल इस कारोबार का बड़ा हिस्सा कानूनी कार्रवाई के डर से छिपकर चल रहा है।

यूक्रेन की संसद ने जुलाई में इस बिल को पहली रीडिंग में मंजूरी दे दी थी। अब इसे दूसरी रीडिंग के लिए पेश किया जाना है। पहली रीडिंग में बिल के पक्ष में 231 सांसदों ने वोट दिया, जबकि 8 ने विरोध किया। 3 सांसद मतदान से दूर रहे।

सांसद यारोस्लाव झेलेजनियाक वित्त, टैक्स और बजट से जुड़े मामलों की समिति के चीफ हैं और इस बिल के सह लेखक हैं।

कारोबार बड़ा, लेकिन कानून आड़े आ रहा

यूक्रेन में एडल्ट कंटेंट का ऑनलाइन कारोबार तेजी से बढ़ा है। खासकर ओनली फैन्स जैसे प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में यूक्रेनी क्रिएटर्स काम कर रहे हैं।

‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ के मुताबिक, 2023 में करीब 8 हजार यूक्रेनियों ने ओनली फैन्स से 13.1 करोड़ डॉलर (1237 करोड़ भारतीय रुपए) से ज्यादा कमाए थे। यह सिर्फ ओनली फैन्स की कमाई है, पूरे एडल्ट-कंटेंट कारोबार का आंकड़ा नहीं है।

दिक्कत ये है कि यूक्रेन के मौजूदा कानून में पोर्न कंटेंट बनाना और बांटना गैरकानूनी है। ऐसे में क्रिएटर्स के लिए अपनी कमाई पर टैक्स देना भी आसान नहीं है।

अगर वे अपनी कमाई सरकार को बताते हैं, तो उनकी पहचान सामने आ सकती है और पोर्न बनाने के मामले में उन पर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।

ओनली फैन्स की शुरुआत सितंबर 2016 में हुई थी। यह सब्सक्रिप्शन बेस्ड प्लेटफॉर्म है, जहां क्रिएटर्स अपने कंटेंट के बदले सीधे यूजर्स से पैसे ले सकते हैं।

टैक्स देने पर भी जांच का डर

रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ कंटेंट क्रिएटर्स ने अपनी कमाई सरकार को बताकर उस पर टैक्स चुकाने की कोशिश की। लेकिन इसके बाद उन्हें टैक्स से जुड़े मामलों के साथ-साथ पोर्नोग्राफी कानून के तहत भी जांच का सामना करना पड़ा।

बिल के समर्थकों का कहना है कि जब यह कारोबार पहले से बड़े पैमाने पर चल रहा है, तो इसे कानूनी दायरे में लाकर उस पर टैक्स लिया जाना चाहिए।

इस कारोबार को लेकर भ्रष्टाचार की शिकायतें भी सामने आई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेन के तीन क्षेत्रों में अधिकारियों पर एडल्ट कंटेंट कारोबार से जुड़े लोगों से रिश्वत लेने के आरोप लगे हैं।

बिल के समर्थकों का कहना है कि यह कारोबार गैरकानूनी होने के कारण क्रिएटर्स और अधिकारियों के बीच रिश्वत और दबाव के मामले सामने आते हैं। उनका मानना है कि अगर कारोबार को कानूनी बनाया गया और इसके लिए साफ नियम तय किए गए, तो भ्रष्टाचार के ऐसे मामलों को कम किया जा सकता है।

एक क्रिएटर ने 9 लाख डॉलर टैक्स दिया

रिपोर्ट में एडल्ट कंटेंट क्रिएटर स्वितलाना द्वोर्निकोवा का भी जिक्र है। उनका दावा है कि वह अब तक करीब 9 लाख डॉलर यानी लगभग 8.5 करोड़ रुपए टैक्स दे चुकी हैं।

उनका कहना है कि अगर सरकार इस कारोबार को कानूनी कर दे और इससे टैक्स ले, तो युद्ध के लिए सरकार को अतिरिक्त पैसा मिल सकता है। इस पैसे से ड्रोन और दूसरे सैन्य सामान खरीदे जा सकते हैं।

द्वोर्निकोवा पहले भी एडल्ट कंटेंट बनाने वाले लोगों पर हो रही कानूनी कार्रवाई का मुद्दा उठा चुकी हैं। उन्होंने इस मामले को लेकर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की वेबसाइट पर एक याचिका भी दायर की थी।

वयस्कों के कंटेंट पर राहत, बच्चों के मामलों में सख्ती

इस याचिका को 25 हजार से ज्यादा लोगों का समर्थन मिला था। इसके बाद जेलेंस्की ने संसद से प्रस्ताव पर विचार करने की बात कही थी।

इसके बाद संसद में वयस्कों के बीच बनाए गए एडल्ट कंटेंट को अपराध न मानने का प्रस्ताव रखा गया। हालांकि प्रस्ताव में बच्चों से जुड़ी पोर्नोग्राफी को अपराध ही रखने की बात है।

ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी और सजा को और सख्त करने की कोशिश की जा रही है।

सांसद यारोस्लाव झेलेजनियाक का कहना है कि पुलिस को वयस्कों के बीच बनाए गए एडल्ट कंटेंट के मामलों में समय लगाने के बजाय बच्चों के यौन शोषण और दूसरे गंभीर अपराधों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।

GDP का आधा हिस्सा रक्षा पर खर्च हो रहा

यूक्रेन रूस के साथ फरवरी 2022 से युद्ध लड़ रहा है। इस दौरान देश का सबसे बड़ा खर्च रक्षा और सेना पर हो रहा है। विश्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, यूक्रेन को 2024 तक जंग में करीब 171 अरब डॉलर (16 लाख करोड़ भारतीय रुपए) खर्च करने पड़े।

युद्ध का असर यूक्रेन के पूरे बजट पर भी पड़ा है। विश्व बैंक के मुताबिक, 2025 में देश ने सुरक्षा और रक्षा पर करीब 3.83 ट्रिलियन ह्रीव्निया खर्च किए, जो उसकी GDP का करीब 42.9% था।

फिलहाल यूक्रेन को युद्ध जारी रखने के लिए बड़ी रकम की जरूरत है। अगस्त 2026 में यूक्रेन के नए रक्षा मंत्री ने बताया था कि देश को 2026 के सैन्य बजट में करीब 27 अरब डॉलर की कमी का सामना करना पड़ रहा है।

यानी एडल्ट कंटेंट से मिलने वाले 236 करोड़ रुपए यूक्रेन की जरूरत के मुकाबले बहुत कम हैं, लेकिन सरकार के लिए पहले से चल रहे कारोबार से अतिरिक्त टैक्स जुटाने का एक और रास्ता बन सकते हैं।



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