अबोहर में बीमा कार्ड बनाने से आशा वर्करों का इनकार:मांगों को लेकर धरना, बोली- मरीजों को परेशानी हुई तो सरकार जिम्मेदार
पंजाब सरकार ने राज्यवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना के तहत निशुल्क कार्ड बनाने के लिए आज से सिविल अस्पताल में एक विशेष शिविर शुरू किया है। इस दौरान फाजिल्का जिले के अबोहर में अस्पताल की आशा वर्करों ने इस शिविर में सहयोग करने से इनकार कर दिया है और काम का बहिष्कार कर दिया है। आशा वर्करों का कहना है कि सरकार ने उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में घर-घर जाकर लाभार्थियों को योजना के बारे में जागरूक करने और उन्हें अस्पताल लाकर 10 लाख रुपए के बीमा कार्ड बनवाने की जिम्मेदारी सौंपी है। उनका तर्क है कि यह योजना का लाभ लोगों तक पहुंचाने के लिए आवश्यक है। आशा वर्करों का सरकार पर आरोप अस्पताल के पीपी यूनिट के बाहर धरना दे रही आशा वर्कर बलकरण कौर, अंजू और पिंकी ने बताया कि उनकी यूनियन ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 8 से 11 मार्च तक चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां उनकी बात सुनने के बजाय उन पर पानी की बौछारें की गईं और उन्हें खदेड़ दिया गया। सरकारी कार्य का बहिष्कार इसी के विरोध में पंजाब प्रधान के निर्देशों पर 16 मार्च से 28 मार्च तक यह धरना जारी रहेगा। आशा वर्करों ने स्पष्ट किया कि इस दौरान केवल बीमा कार्ड बनाने का ही नहीं, बल्कि हर प्रकार के सरकारी कार्य का बहिष्कार किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस कारण किसी भी मरीज को अस्पताल में कोई परेशानी आती है, तो उसकी जिम्मेदारी पंजाब सरकार की होगी।
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