ई-फाइलिंग पर रोक के खिलाफ वकील सुप्रीम कोर्ट जाएंगे:मेरठ में BJP सांसद लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने कहा-हाईकोर्ट बेंच मिलने तक ई-फाइलिंग का लाभ लें




मेरठ में ई-फाइलिंग पर लगी रोक के खिलाफ मेरठ के अधिवक्ता अब सुप्रीम कोर्ट का रुख करने की तैयारी में हैं। भाजपा के राज्यसभा सदस्य डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने मेरठ जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष को पत्र लिखा है। उन्होंने ई-फाइलिंग की सुविधा बहाल कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने का आग्रह किया है। हाईकोर्ट बेंच मिलने तक अधिवक्ताओं और वादकारियों को ई-फाइलिंग का लाभ दिलाने की बात कही है। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रविंद्र कुमार सिंह ने डॉ. बाजपेयी का पत्र मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि ई-फाइलिंग की प्रक्रिया जटिल होने के कारण स्थानीय लोगों को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसके बावजूद बार की ओर से इसे शुरू कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी की जा रही है। 2023 में शुरू होनी थी ई-फाइलिंग इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश पर जनपदों में ई-फाइलिंग की सुविधा शुरू की जानी थी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद 18 अक्टूबर 2023 को हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने इसे लागू करने का आदेश जारी किया था। मेरठ में यह सुविधा 1 नवंबर 2023 से शुरू होनी थी। हालांकि, 28 अक्टूबर 2023 को हाईकोर्ट प्रशासन ने अपने ही आदेश पर रोक लगा दी। इसके बाद ई-फाइलिंग की सुविधा को लेकर स्थिति बदल गई। वर्तमान व्यवस्था के तहत सिर्फ इलाहाबाद या लखनऊ बार में पंजीकृत अधिवक्ता ही ई-फाइलिंग कर सकते हैं। हाईकोर्ट बेंच को लेकर भी गरमाया मामला मेरठ में हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर अधिवक्ता पहले से आंदोलनरत हैं। बीते सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मेरठ पहुंचे थे। इस दौरान अधिवक्ताओं ने उनसे मुलाकात की थी। मेरठ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुज शर्मा के अनुसार, मुख्यमंत्री ने बेंच के मामले में मदद करने से इनकार करते हुए इसे न्यायपालिका का मामला बताया और अधिवक्ताओं से कोर्ट जाने को कहा था। इसके बाद अधिवक्ताओं ने भाजपा से जुड़े जनप्रतिनिधियों की कचहरी में एंट्री को लेकर विरोध जताया था। कचहरी परिसर में भाजपा से जुड़े जनप्रतिनिधियों की ‘नो एंट्री’ के बोर्ड भी लगाए गए थे। इसी बीच ई-फाइलिंग का मुद्दा भी सामने आ गया है। सांसद ने पत्र में क्या कहा डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने बार अध्यक्ष को लिखे पत्र में ई-फाइलिंग पर लगी रोक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा है कि हाईकोर्ट बेंच मिलने तक ई-फाइलिंग की सुविधा का लाभ लिया जाना चाहिए। बार अध्यक्ष रविंद्र कुमार सिंह ने कहा कि पत्र मिलने के बाद इस मामले में आगे की कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है। उनका कहना है कि स्थानीय स्तर पर ई-फाइलिंग की सुविधा मिलने से वादकारियों और अधिवक्ताओं को सुविधा होगी।



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