एथेनॉल प्लांट घोटाला: करोड़ों के चावल गबन में एफआईआर:छिंदवाड़ा प्लांट मालिक, सिवनी राइस मिलर्स सहित 7 आरोपी फरार
बालाघाट में एथेनॉल प्लांट के नाम पर हुए करोड़ों के चावल घोटाले में 13 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इनमें छिंदवाड़ा के एवीजे एथेनॉल प्लांट, बोरगांव के मालिक पिता-पुत्र और सिवनी के नंदगोपाल राइस मिलर्स सोनू जैन भी शामिल हैं। ये सभी आरोपी फिलहाल फरार हैं। पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने पहली बार इस मामले पर प्रेस से चर्चा की। एसपी मिश्रा ने बताया कि पुलिस फिलहाल एवीजे एथेनॉल प्लांट को बालाघाट जिले के एफसीआई और सीडब्ल्यूसी गोदामों से 6-8 महीने में सप्लाई किए गए चावल की जांच कर रही है। मामले के दूसरे चरण में एवीजे प्लांट को प्रदेश के अन्य जिलों से एथेनॉल के नाम पर की गई चावल सप्लाई की भी जांच की जाएगी। पुलिस के पास अब तक 5429 मीट्रिक टन चावल से संबंधित जानकारी उपलब्ध है। पुलिस द्वारा दिए गए चावल के आंकड़ों के अनुसार, इस घोटाले में अनुमानित तौर पर करीब 12.5 करोड़ रुपये का चावल शामिल है। यह मामला 3 जून को सामने आया था और 5 जून को एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस ने अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें संचेती राइस मिल के ट्रक चालक दुर्गेश शेंडे, एवीजे एथेनॉल प्लांट के प्रतिनिधि राहुल प्रताप, सुपरवाइजर राकेश श्रीवास्तव और सिवनी के ट्रांसपोर्टर उबेद खान शामिल हैं। अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है। एसपी ने फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। राजपत्रित अधिकारी के नेतृत्व में जांच कर रही एसआईटी ने अब तक केवल 20 ट्रक बरामद किए है। एसआईटी में 20 से 25 सदस्यीय टीम है और वह लगातार इसकी पड़ताल कर रही है।
दरअसल, यह पूरा मामला 3 जून को वारासिवनी थाना क्षेत्र के संचेती राईस मिल में एवीजे एथेनॉल प्लांट जाने निकले फोर्टिफाईड चावल के ट्रक के पकड़ाए जाने के बाद खुला। जिसके बाद जैसे-जैसे जांच बढ़ती गई, ट्रको और आरोपियों की संख्या बढ़ने के साथ ही इसमेे राजनीतिक, मिलर्स के बीच गठजोड़ की चर्चा भी तेज है। हालांकि इस पूरे मामले में पुलिस का फोकस, एवीजे एथेनाल प्लांट में बालाघाट के एफसीआई गोदाम से परिवहन किए गए चावल पर ही ज्यादा है।
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