गयाजी में भरत तिवारी के लिए निकला कैंडल मार्च:300 से अधिक लोगों ने की एनकाउंटर की जांच की मांग, कहा- भरत गांव वालों की आवाज थे
गयाजी शहर में रविवार को ब्राह्मण सेना के तत्वावधान में दिवंगत भरत तिवारी की याद में एक कैंडल मार्च निकाला गया। गांधी मैदान से टावर चौक तक निकाले गए मार्च में 300 से अधिक लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारी भरत तिवारी को न्याय दिलाने की मांग कर रहे थे। मार्च के समापन पर टावर चौक पर एक श्रद्धांजलि सभा भी आयोजित की गई। कैंडल मार्च का नेतृत्व ब्राह्मण सेना के गगन मिश्रा और गुड्डू बरनवाल ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, युवा और स्थानीय लोग मौजूद रहे। सभा को संबोधित करते हुए गगन मिश्रा ने बताया कि भरत तिवारी गांव की समस्याओं, भ्रष्टाचार और बाढ़ जैसी जनसमस्याओं के खिलाफ लगातार आवाज उठाते थे। उन्होंने भरत तिवारी को आम लोगों के अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाला युवा बताया और उनकी मौत की निष्पक्ष जांच की मांग की। सरकार के इशारे पर फर्जी एनकाउंटर हुआ गगन मिश्रा ने आरोप लगाया कि भरत तिवारी की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। मिश्रा ने दावा किया कि भरत तिवारी बाढ़ जैसी जनसमस्याओं के खिलाफ आवाज उठा रहे थे, जिसे पुलिस ने दबाने का प्रयास किया। जब पुलिस सफल नहीं हुई, तो सरकार के इशारे पर फर्जी एनकाउंटर कर उनकी निर्मम हत्या की गई। मिश्रा ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर बिहार में ऐसे फर्जी एनकाउंटर कराने का आरोप भी लगाया। गगन मिश्रा ने इस पूरे मामले की न्यायिक या निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जांच में किसी पुलिस अधिकारी या अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
2 मिनट का मौन श्रद्धांजलि दी गुड्डू बरनवाल ने कहा कि ब्राह्मण सेना का उद्देश्य किसी प्रकार का तनाव पैदा करना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से न्याय की मांग उठाना है। भरत तिवारी की मौत से पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। इसलिए संगठन ने शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकालकर प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाने का प्रयास किया है। मार्च के दौरान “भरत तिवारी को न्याय दो” और “निष्पक्ष जांच कराओ” जैसे नारे लगाए गए। टावर चौक पहुंचने के बाद सभी लोगों ने 2 मिनट का मौन रखकर दिवंगत भरत तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम में शामिल लोगों ने प्रशासन से मांग की कि मामले की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
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