गयाजी में PLV प्रशिक्षण के लिए जागरूकता कार्यक्रम:चार जिलों के स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया, PLV की जिम्मेदारियों और समाज में उनकी भूमिका पर चर्चा




पारा विधिक स्वयंसेवकों यानी PLV के लिए बुधवार को गयाजी कॉलेज के मानविकी भवन में एकदिवसीय जागरूकता-प्रेरणात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें मगध प्रमंडल के गयाजी, जहानाबाद, नवादा और औरंगाबाद जिले के स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से किया गया। सेंटर डायरेक्ट और लॉ फाउंडेशन भी इसमें सहभागिता रही। अधिकारियों ने PLV की जिम्मेदारियों और समाज में उनकी भूमिका पर बात की। संयुक्त सचिव अविनाश कुमार ने कहा कि पारा विधिक स्वयंसेवक समाज के अंतिम व्यक्ति और विधिक सेवा संस्थाओं के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं।
जरूरतमंद लोगों तक मुफ्त कानूनी सहायता पहुंचाना PLV की बड़ी जिम्मेदारी है। लोगों को न्यायिक प्रक्रिया की जानकारी भी देनी है। इसके साथ ही सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में भी सक्रिय भूमिका निभानी है। उन्होंने कहा कि कानूनी जागरूकता मजबूत समाज की नींव है। न्याय और सहायता पहुंचाने में PLV की भूमिका अहम सिटी एसपी ने कहा कि कमजोर और वंचित वर्ग तक न्याय और सहायता पहुंचाने में PLV की भूमिका अहम है। पुलिस और विधिक सेवा संस्थाओं के साथ बेहतर समन्वय बनाकर स्वयंसेवक समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रदीप कुमार मलिक ने कहा कि PLV आम लोगों और न्याय व्यवस्था के बीच सेतु का काम करते हैं। उन्होंने स्वयंसेवकों से ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ काम करने की अपील की। संवेदनशीलता और समर्पण को भी जरूरी बताया। कहा कि PLV का काम लोगों का न्याय व्यवस्था पर भरोसा मजबूत करता है। प्रशिक्षण सत्र में सेंट्रल यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर सुरेंद्र कुमार ने PLV की भूमिका और जिम्मेदारियों की जानकारी दी। उन्होंने विधिक सहायता व्यवस्था के बारे में भी बताया।
सेंटर डायरेक्ट के जिला समन्वयक दीनानाथ मौर्य ने कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने सामुदायिक कानूनी जागरूकता के महत्व पर भी प्रकाश डाला। PLV की भूमिका को समझाया बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के नामित रिसोर्स पर्सन पॉल भूषण ने नेतृत्व क्षमता और जनसेवा के बारे में बताया। सामुदायिक सहभागिता पर भी चर्चा की। मानव तस्करी और बंधुआ मजदूरी की पहचान और रोकथाम में PLV की भूमिका को समझाया।
कार्यक्रम के अंत में DLSA गया के सचिव अरविंद कुमार दास ने अतिथियों, विशेषज्ञों और स्वयंसेवकों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण से PLV की क्षमता बढ़ती है। उन्हें जमीनी स्तर पर बेहतर तरीके से काम करने की सीख मिलती है।
कार्यक्रम में चारों जिलों से पहुंचे पारा विधिक स्वयंसेवकों ने सक्रिय भागीदारी की।
कार्यक्रम का उद्घाटन इन्होंने किया कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार गया प्रदीप कुमार मलिक, बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के संयुक्त सचिव अविनाश कुमार, सिटी एसपी और DLSA गयाजी के सचिव अरविंद कुमार दास ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर किया।



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