गुमला में दो महिलाओं की आत्महत्या:सौतन के तानों से तंग आकर एक ने दी जान, दूसरी ने नशे में लगाई फांसी
गुमला जिले के बिशुनपुर थाना क्षेत्र के हेलता अंबाटोली गांव में 35 वर्षीय नीलू देवी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों के अनुसार, पति की कथित बेवफाई और सौतन के तानों से परेशान होकर उन्होंने यह खौफनाक कदम उठाया। बताया गया कि नीलू देवी के पति मृत्युंजय उरांव ने दो शादियां की थीं। पहली पत्नी बसंती उरांव से उनका एक बेटा है, जबकि नीलू देवी से तीन बेटियां और एक बेटा है। 21 जून को रांची से घर लौटने के बाद दोनों पत्नियों के बीच आमना-सामना हुआ, जिसके बाद घर में जमकर विवाद हुआ। इसी तनाव के बाद नीलू देवी ने आत्महत्या कर ली। सुबह घर में फंदे से लटका मिला शव घर के अन्य सदस्य धान रोपनी के लिए खेत गए हुए थे। इसी दौरान पति मृत्युंजय उरांव जब घर पानी पीने पहुंचे, तो उन्होंने नीलू देवी को कमरे में दुपट्टे के सहारे फंदे से लटका पाया। जिस कमरे में घटना हुई, उसमें न दरवाजा था और न ही खिड़की। घटना की सूचना मिलते ही बिशुनपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस अब इस पूरे मामले में पारिवारिक विवाद, बेवफाई और मानसिक तनाव के पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है। महिला का शव झाड़ी में लटका मिला वहीं दूसरी घटना गुमला के सदर थाना क्षेत्र के कोटाम पतगच्छा गांव की है, जहां 60 वर्षीय रतइन देवी का शव हर्राडांढ़ के पास अरंडी की झाड़ी में लटका हुआ मिला। मृतका के पति लक्षण लोहरा के अनुसार, उनकी पत्नी पिछले आठ-नौ महीनों से बिहार में रह रही थीं और एक सप्ताह पहले ही गांव लौटी थीं। शनिवार रात खाना खाने के बाद वह घर से बाहर निकलीं, लेकिन वापस नहीं लौटीं। रविवार सुबह ग्रामीणों ने झाड़ी में उनका शव देखा। पति ने आशंका जताई है कि अत्यधिक शराब के नशे में उन्होंने यह कदम उठाया होगा, हालांकि किसी तरह के विवाद की बात सामने नहीं आई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।
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