चंडीगढ़ की धूल से जंग अब मशीनों के भरोसे:सड़कों पर उतरेंगी 12 हाईटेक सफाई-एंटी-स्मॉग मशीनें, सड़क की धूल बन रही प्रदूषण की बड़ी वजह
चंडीगढ़ में बढ़ते वायु प्रदूषण और सड़कों के किनारे जमा धूल को कम करने के लिए नगर निगम जल्द 12 नई आधुनिक सफाई और धूल नियंत्रण मशीनें शुरू करेगा। इन मशीनों की खरीद पर करीब 6 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। यह राशि राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत चंडीगढ़ प्रदूषण नियंत्रण समिति (CPCC) ने उपलब्ध कराई है। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार सभी मशीनें खरीदी जा चुकी हैं और जल्द ही सड़कों पर काम शुरू करेंगी। इनका मुख्य उद्देश्य सड़कों के किनारे जमा धूल और मिट्टी को साफ कर शहर की हवा को बेहतर बनाना है। सड़क की धूल बन रही प्रदूषण की बड़ी वजह सीपीसीसी द्वारा पिछले वर्ष कराए गए सर्वे में खुली मिट्टी और सड़क किनारे जमा धूल को PM-10 प्रदूषण का प्रमुख स्रोत पाया गया था। वहीं, आईआईटी कानपुर और आईआईटी रोपड़ की ओर से किए जा रहे अध्ययन के प्रारंभिक निष्कर्षों में भी सड़क की धूल को शहर के खराब वायु गुणवत्ता स्तर का बड़ा कारण बताया गया है। अधिकारियों के मुताबिक भारी ट्रैफिक के कारण सड़कों के किनारे जमा धूल बार-बार हवा में उड़ती है। सर्दियों में मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के चलते यह प्रदूषण जमीन के करीब ही बना रहता है, जिससे वायु गुणवत्ता और खराब हो जाती है। ऐसे करेंगी प्रदूषण पर वार जेटिंग मशीनें हाई-प्रेशर पानी की मदद से सड़कों, नालियों और पक्की सतहों पर जमा धूल और गाद को साफ करेंगी। वहीं फॉग कैनन मशीनें सड़कों, निर्माण स्थलों और धूल वाले इलाकों में पानी की महीन फुहार छोड़कर उड़ती धूल को नियंत्रित करेंगी। वाटर स्प्रिंकलर नियमित रूप से सड़कों और खुले स्थानों पर पानी का छिड़काव करेंगे ताकि धूल हवा में न उड़ सके। इसके अलावा वैक्यूम तकनीक से लैस रोड स्वीपिंग मशीनें सड़क की सतह से धूल, मिट्टी और कचरे को प्रभावी ढंग से हटाएंगी।
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