चर्चा में एआई की गॉडमदर ‘फेई फेई’:पहले रेस्त्रां में नौकरी की, फिर ड्रायक्लीनिंग की दुकान भी चलाई




फेई-फेई ली चीनी मूल की अमेरिकी एआई दिग्गज हैं। चिप कंपनी एएमडी ने इनके स्टार्टअप एआईलैब्स को करीब 78 हजार करोड़ रुपए में खरीदने की घोषणा की है। आज अमेजन के स्टोर्स और फुलफिलमेंट सेंटर्स में काम करने वाले एआई रोबोट गोदाम में मौजूद 10 लाख वस्तुओं के बीच भी बताई गई किसी खास सामग्री को आसानी से पहचान लेते हैं। एआई को वस्तुओं को पहचानने की यह ताकत मिली अमेरिका की इसी एआई दिग्गज फेई-फेई ली के आविष्कार ‘इमेजनेट’ से। उन्होंने 2007 में प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर काई ली के साथ मिलकर इसकी खोज की थी। उनके इस काम में 167 देशों के 49 हजार वर्कर्स ने 16 करोड़ से ज्यादा तस्वीरों को छांटकर उन पर लेबल लगाए, जिसके आधार पर एआई ने चीजों को पहचानना सीखा। इसके बाद उन्हें एआई की गॉडमदर कहा जाने लगा। चीन छोड़कर परिवार के साथ अमेरिका पहुंची फेई-फेई ली का शुरुआती जीवन संघर्षपूर्ण रहा। उनके पिता अमेरिका में कैमरा रिपेयर करने का काम करते थे। ऐसे में पारिवारिक खर्चों में मदद के लिए फेई-फेई अमेरिका के एक चीनी रेस्त्रां में काम करने लगीं। यहां उन्हें एक घंटे के काम के बदले 2 डॉलर मिलते थे। ऐसे ही प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी में जब वे कॉलेज की पढ़ाई के लिए दाखिला ले रही थीं तभी उनकी मां की तबीयत बिगड़ गई। परिवार ने ड्रायक्लीनिंग की दुकान खोल ली, जिसे फेई-फेई ही चलाती थीं। एक इंटरव्यू के अनुसार उन्होंने करीब 7 साल तक यह दुकान चलाई।

फेई-फेई को शुरू से किताबों का शौक है। उन्हें किशोरावस्था में एयरोस्पेस और उड़नतश्तरियों में भी काफी दिलचस्पी थी। जब उनके बच्वेचे छोटे थे तो वे स्क्रीन टाइम को लेकर काफी सख्त थीं। एक बच्चे को बिल्कुल अनुमति नहीं थी तो दूसरे को सप्ताह में केवल एक मूवी देखने की छूट देती थीं। पढ़ाई में बाकी बच्चों से आगे रहीं हाईस्कूल में पढ़ाई के दौरान गणित में वे अन्य बच्चों से इतना आगे निकल गईं थीं कि स्कूल के पास उन्हें पढ़ाने के लिए कोई ऊंचा कोर्स ही नहीं बचा था। जन्म : 3 जुलाई 1976, चीन शिक्षा : अमेरिका के कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से पीएचडी परिवार : पति- सिल्वियो सावरेसे और दो बच्चे संपत्ति : करीब 15 हजार करोड़ रु. (विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार) करियर: यूनिवर्सिटी में पढ़ाने से लेकर एआई लैब तक पीएचडी के बाद फेई-फेई ने इलिनॉय यूनिवर्सिटी और प्रिंसटन में पढ़ाया। 2007 में उन्होंने प्रिंसटन के प्रोफेसर काई ली के साथ ‘इमेजनेट’ बनाया। इसी ने आज के एआई की नींव रखी। 2013-18 तक वे स्टैनफोर्ड एआई लैब की डायरेक्टर रहीं। 2024 में स्टार्टअप ‘वर्ल्ड लैब्स’ शुरू किया। 28 सितंबर को चिप कंपनी एएमडी ने इसे करीब 78 हजार करोड़ रु. में खरीदने की घोषणा की है। विवाह: पति कम्प्यूटर वैज्ञानिक व रोबोटिक्स विशेषज्ञ हैं फेई-फेई ने इटैलियन-अमेरिकी वैज्ञानिक सिल्वियो सावरेसे से शादी की है। सावरेसे कम्प्यूटर वैज्ञानिक व रोबोटिक्स विशेषज्ञ हैं। दोनों ने ही अमेरिका के कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से पीएचडी की है। जब फेई-फेई स्टैनफोर्ड में असिस्टेंट प्रोफेसर बनीं, तब सावरेसे मिशिगन यूनिवर्सिटी में थे। ऐसे में एक साथ रहने के लिए सावरेसे ने 2013 में स्टैनफोर्ड जॉइन कर लिया। परिवार: मां शिक्षिका और पिता कम्प्यूटर ऑपरेटर थे चीन के बीजिंग में जन्मीं फेई-फई की मां क्वांग यिंग सेकंडरी स्कूल में शिक्षिका थीं और पिता एक केमिकल फैक्टरी के कम्प्यूटर विभाग में काम करते थे। जब फेई-फेई 12 साल की थीं तभी उनके पिता अमेरिका चले गए। करीब 3 साल बाद वे और उनकी मां भी अमेरिका आ गए। यहां पिता कैमरा रिपेयर का काम करते थे। रोचक : ओपनएआई के एक फाउंडर इनके पीएचडी स्टूडेंट रहे ओपनएआई के संस्थापक सदस्य रहे आंद्रेज कार्पथी, एआई एथिक्स रिसर्चर टिमनिट गेब्रू और ओल्गा रूसाकोवस्की उनके छात्र रहे हैं। दिसंबर 2024 में करीब 25 करोड़ रुपए का विन फ्यूचर ग्रैंड प्राइज जीता। फेई-फेई को यह पुरस्कार ‘इमेजनेट’ बनाने के लिए दिया गया। उपलब्धि : टाइम पर्सन ऑफ द ईयर और 100 एआई की सूची में 2025 में इंजीनियरिंग का प्रतिष्ठित पुरस्कार ‘क्वीन एलिजाबेथ प्राइज’ मिला। किंग चार्ल्स तृतीय ने सेंट जेम्स पैलेस में यह सम्मान दिया। टाइम मैगजीन ने ‘आर्किटेक्ट्स ऑफ एआई’ को 2025 का पर्सन ऑफ द ईयर चुना। फेई-फेई ली उन 8 चेहरों में थीं, जिन्हें कवर पर जगह मिली। खास: उस मंच से भाषण दिया था जहां आइंस्टीन ने संबोधित किया नेशनल एकेडमी ऑफ इंजीनियरिंग, नेशनल एकेडमी ऑफ मेडिसिन व अमेरिकन एकेडमी ऑफ आर्ट्स एंड साइंसेज की सदस्य रही हैं। प्रिंसटन में उन्होंने उसी मंच से 450 से ज्यादा लोगों को संबोधित किया, जहां 1921 में अल्बर्ट आइंस्टीन ने सापेक्षता का सिद्धांत समझाया था।



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