जयपुर में कंगना रनौत ने सीएम भजनलाल संग देखी फिल्म:एक्ट्रेस बोलीं- यह मेरे लिए खास दिन; 200 से ज्यादा नर्सेज पहुंचीं फिल्म देखने

जयपुर में कंगना रनौत ने सीएम भजनलाल संग देखी फिल्म:एक्ट्रेस बोलीं- यह मेरे लिए खास दिन; 200 से ज्यादा नर्सेज पहुंचीं फिल्म देखने




बॉलीवुड एक्ट्रेस और सांसद कंगना रनौत शुक्रवार शाम जयपुर पहुंचीं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ अपनी फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ की विशेष स्क्रीनिंग में शामिल हुईं। शहर के ईपी मिराज सिनेमाघर में आयोजित इस स्पेशल स्क्रीनिंग में राजस्थान सरकार के कई मंत्री, विधायक, प्रशासनिक अधिकारी और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग मौजूद रहे। कंगना ने कहा- मेरी पूरी टीम के साथ यहां हूं। सीएम और उनकी टीम यहां आई है, नर्सिंग स्टूडेट्स आए हैं। यह मेरे लिए खास दिन है। मैं चाहती हूं कि आज मेरी फिल्म बोले। यह अनसंग हीरो की कहानी है, जो इस देश के असली हीरो हैं। मै आज यहां ऐसे ही अनसंग हीरोज को सम्मानित करेंगे। सीएम ने कहा- जो सब कुछ छोड़कर राष्ट्र को समर्पित है, उनकी कहानी लेकर कंगना जी आई हैं। कंगना जी ने राष्ट्र और समाज के प्रति काम करने वालों पर फिल्म बनाई है, उसके लिए इनका धन्यवाद देना चाहता हूं। हम सभी राष्ट्र प्रथम को मानने वाले लोग हैं। कई लोगों ने गुमनाम रहकर देश की सेवा की है। कोरोना के वक्त भी ऐसे ही गुमनाम लोगों ने देश की सेवा की है। यह फिल्म काफी कुछ सिखाने वाली साबित होगी। इस मौके पर सभी अतिथियों का स्वागत ईपी मिराज के नॉर्थ इंडिया जीएम अरुण टांक ने किया।
बता दें कि कंगना रनौत शुक्रवार सुबह जोधपुर से सड़क मार्ग के जरिए जयपुर पहुंचीं। यहां पहुंचने के बाद उन्होंने कुछ समय रामबाग पैलेस में आराम किया। शाम को वे सीधे ईपी मिराज सिनेमाघर पहुंचीं, जहां मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग आयोजित की गई। इस मौके पर फिल्म को देखने के लिए जयपुर और आसपास के क्षेत्रों से 200 से अधिक नर्सों को आमंत्रित किया गया था। फिल्म में नर्सों के जीवन, उनके संघर्ष और समाज में उनकी भूमिका को प्रमुखता से दिखाया गया है। इसलिए यह स्क्रीनिंग उनके लिए भी विशेष महत्व रखती थी। 26/11 हमले की अनकही कहानी को सामने लाती है फिल्म फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ साल 2008 में हुए 26/11 मुंबई आतंकी हमलों पर आधारित है। यह फिल्म केवल आतंकी हमलों की कहानी नहीं कहती, बल्कि उन लोगों के जीवन को भी सामने लाती है, जो इस त्रासदी के दौरान और उसके बाद चुपचाप अपने कर्तव्यों को निभाते रहे। फिल्म का पहला हिस्सा नर्सों के जीवन और उनके संघर्षों पर केंद्रित है। इसमें दिखाया गया है कि स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाने वाली नर्सों को अक्सर वह सम्मान नहीं मिल पाता, जिसकी वे हकदार होती हैं। मरीजों की सेवा में दिन-रात जुटी रहने वाली नर्सों का योगदान कई बार डॉक्टरों की चमक के पीछे दब जाता है, जबकि चिकित्सा व्यवस्था में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। समाज की अनदेखी सच्चाई को उजागर करती है फिल्म फिल्म में यह भी दिखाया गया है कि नर्सिंग पेशे से जुड़ी महिलाओं को व्यक्तिगत जीवन में भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। परिवार और समाज में सम्मान की कमी, कठिन कार्य परिस्थितियां और विवाह जैसे सामाजिक पहलुओं में आने वाली बाधाएं फिल्म का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। निर्देशक मनोज तापड़िया ने बताया कि फिल्म का उद्देश्य केवल मनोरंजन करना नहीं, बल्कि समाज के उन वर्गों की आवाज बनना है, जिनके संघर्ष अक्सर नजरअंदाज कर दिए जाते हैं। नर्सें स्वास्थ्य व्यवस्था की सबसे मजबूत कड़ी हैं। उनकी भूमिका को सम्मान मिलना चाहिए। कलाकारों ने निभाए प्रभावशाली किरदार फिल्म में कंगना रनौत के अलावा गिरिजा ओक, स्मिता तांबे, आशा शेलार, प्रिया अर्जुन बेर्डे, जाहिद खान और सुहिता थट्टे ने महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। सभी कलाकारों ने अपने किरदारों को संवेदनशीलता और प्रभावशाली तरीके से पर्दे पर उतारा है। स्क्रीनिंग के बाद उपस्थित दर्शकों और नर्सिंग समुदाय से जुड़े लोगों ने फिल्म की सराहना की। उनका कहना था कि यह फिल्म नर्सों के जीवन के उन पहलुओं को सामने लाती है, जिन पर आमतौर पर चर्चा नहीं होती। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी फिल्म की सराहना करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में नर्सों का योगदान अमूल्य है। ऐसी फिल्में समाज को उनके प्रति संवेदनशील बनाने का कार्य करती हैं। कंगना रनौत ने भी दर्शकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह फिल्म उन अनसुने नायकों को समर्पित है, जो हर परिस्थिति में मानवता की सेवा में जुटे रहते हैं।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

India Fontline News

Subscribe Our NewsLetter!