नायब तहसीलदार से कथित मारपीट पर भड़का कर्मचारी संगठन:विधायक विवाद के बाद फेडरेशन की चेतावनी, कहा-अधिकारियों पर हमले नहीं रुके तो होगा आंदोलन

नायब तहसीलदार से कथित मारपीट पर भड़का कर्मचारी संगठन:विधायक विवाद के बाद फेडरेशन की चेतावनी, कहा-अधिकारियों पर हमले नहीं रुके तो होगा आंदोलन




छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने सरगुजा में नायब तहसीलदार के साथ कथित मारपीट की घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। फेडरेशन ने चेतावनी दी है कि अगर भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोहराई गईं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। फेडरेशन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि शासकीय सेवक शासन और जनता के बीच सेतु का काम करते हैं। उनके साथ अभद्र व्यवहार, धमकी या मारपीट जैसी घटनाएं न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावित करती हैं, बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं को भी कमजोर करती हैं। संगठन ने कहा कि इस प्रकार की घटनाओं से कर्मचारियों और अधिकारियों का मनोबल प्रभावित हो रहा है। फेडरेशन ने शासन-प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। जानिए पूरा मामला मामला सरगुजा जिले के मैनपाट स्थित राजापुर उप तहसील का है। सीतापुर से भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो पर नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ मारपीट करने का आरोप लगा है। नायब तहसीलदार का दावा है कि विधायक और उनके समर्थकों ने उनके साथ धक्का-मुक्की की तथा उनके कपड़े भी फाड़ दिए। जानकारी के अनुसार विधायक की चचेरी बहन सीमा धनकी ने जमीन से जुड़े एक मामले में शाखा शोध पत्र बनवाने के लिए 14 मई को आवेदन दिया था। आरोप है कि कई दिनों तक काम नहीं होने पर वह बुधवार को दोबारा तहसील कार्यालय पहुंचीं, जहां उनकी नायब तहसीलदार से कहासुनी हो गई। सीमा धनकी का आरोप है कि अधिकारी ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और फाइल फेंकते हुए दफ्तर से बाहर जाने के लिए कहा। इसके बाद उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी विधायक रामकुमार टोप्पो को दी। कुछ ही देर में विधायक अपने समर्थकों के साथ उप तहसील कार्यालय पहुंच गए। ‘मारपीट के इरादे से आए थे’ नायब तहसीलदार तुषार मानिक का आरोप है कि बुधवार शाम करीब 6 बजे उन्हें वापस राजापुर उप तहसील बुलाया गया। वहां विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों ने उनकी बहन के साथ कथित अभद्रता को लेकर सवाल-जवाब किया। तुषार मानिक का कहना है कि उन्होंने अपनी ओर से सफाई दी कि ऐसा कोई व्यवहार नहीं किया गया था, लेकिन इसी दौरान समर्थकों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। तुषार मानिक ने आरोप लगाया कि विधायक रामकुमार टोप्पो ने भी उन्हें अलग ले जाकर मारपीट की। घटना के दौरान बीच-बचाव के लिए पहुंचे एसडीएम फागेश सिन्हा ने उन्हें वहां से बाहर निकाला और अंबिकापुर ले गए। दोनों पक्षों ने दर्ज कराई शिकायत घटना के बाद विधायक रामकुमार टोप्पो और उनकी बहन सीमा धनकी ने भी थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। वहीं नायब तहसीलदार तुषार मानिक और अन्य राजस्व अधिकारी भी रिपोर्ट दर्ज कराने अंबिकापुर कोतवाली पहुंचे। सरगुजा कलेक्टर अजीत बसंत ने कहा कि नायब तहसीलदार ने उनके साथ मारपीट होने की जानकारी दी है। मामले में पुलिस नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करेगी। कर्मचारी संगठन की चेतावनी छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने घटना पर कड़ी नाराजगी जताई है। संगठन ने कहा कि यदि सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित नहीं किया गया, तो कर्मचारी और अधिकारी आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। फेडरेशन ने शासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।



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