पटना में कचरे से बनेगी बिजली:13 नगर निकाय से आएगा कूड़ा, त्रिपक्षीय कंसेशन कॉन्ट्रैक्ट पर हुआ साइन; 15 मेगावाट क्षमता के वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट होगा स्थापित

पटना में कचरे से बनेगी बिजली:13 नगर निकाय से आएगा कूड़ा, त्रिपक्षीय कंसेशन कॉन्ट्रैक्ट पर हुआ साइन; 15 मेगावाट क्षमता के वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट होगा स्थापित




पटना में आसपास के नगर निकायों से रोज कूड़ा आएगा और इससे बिजली बनेगी। इसके लिए आज पटना नगर निगम सहित कुल 13 नगर निकायों के लिए इंटीग्रेटेड वेस्ट वेस्ट मैनेजमेंट परिसर, 15 मेगावाट क्षमता के वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट और डिस्पोजल फैसिलिटी के विकास के लिए त्रिपक्षीय कंसेशन कांट्रैक्ट पर हस्ताक्षर किए गए। इस परियोजना के अंतर्गत पटना के रामचक बैरिया में अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित एक वेस्ट प्रोसेसिंग कॉम्प्लेक्स विकसित किया जाएगा। 20 वर्षों तक ऑपरेशन एंड मेंटिनेस किया जाएगा 15 मेगावाट क्षमता का वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट होगा, जहां कचरे से बिजली का उत्पादन होगा। इस परियोजना का निर्माण कार्य दो वर्ष छह माह की निर्धारित अवधि में पूरा किया जाएगा। निर्माण पूर्ण होने के उपरांत चयनित एजेंसी द्वारा इस संपूर्ण परिसर का 20 वर्षों तक ऑपरेशन एंड मेंटिनेस किया जाएगा। पटना नगर निगम नोडल एजेंसी की भूमिका में रहेगा। हैदराबाद की कंपनी बिजली को जनरेट करेगी। इन नगर निकायों का कूड़ा आएगा पटना दानापुर निजामत नगर परिषद फुलवारी नगर परिषद मसौढ़ी नगर परिषद संपतचक नगर परिषद फतुहा नगर परिषद खगौल नगर परिषद बिहटा नगर परिषद बख्तियारपुर नगर परिषद मनेर नगर परिषद नौबतपुर नगर पंचायत पुनपुन नगर पंचायत खुसरूपुर नगर पंचायत एक बायो-मीथेनेशन प्लांट से बायोगैस तैयार किए जाएंगे 100 टन प्रतिदिन क्षमता का एक बायो-मीथेनेशन प्लांट, जिसमें गीले कचरे से बायोगैस और अन्य उपयोगी उत्पाद तैयार किए जाएंगे। 250-250 टन प्रतिदिन क्षमता वाले तीन मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (MRF) सह रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल (RDF) केंद्र, जहां ईंधन के रूप में उपयोगी RDF का उत्पादन किया जाएगा। 50 टन प्रतिदिन क्षमता की एक अतिरिक्त मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (MRF), जहां कचरे की छंटाई कर उसे दोबारा उपयोग के लिए तैयार किया जाएगा। 700 टन प्रतिदिन क्षमता का कम्पोस्टिंग प्लांट, जहां गीले कचरे का वैज्ञानिक प्रोसेसिंग कर कम्पोस्ट तैयार की जाएगी। 325 टन प्रतिदिन क्षमता का इंजीनियर्ड सैनिटरी लैंडफिल जहां उपचार के बाद शेष बचे अपशिष्ट का सुरक्षित और पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप निस्तारण किया जाएगा।



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