पटियाला में पटियाला में पिटबुल का दंपति पर हमला,:अज्ञात मालिक पर केस दर्ज, मोहल्ला वासियों ने खतरनाक कुत्ते को हटाने की मांग की
पटियाला के एक रिहायशी इलाके में पिटबुल नस्ल के खूंखार कुत्ते द्वारा एक दंपति पर किए गए जानलेवा हमले के बाद से स्थानीय निवासियों में भारी दहशत और आक्रोश का माहौल है। गली से गुजरते वक्त हुए इस अचानक हमले ने पूरे मोहल्ले को हिलाकर रख दिया है। निवासियों का साफ कहना है कि अगर वक्त रहते शोर सुनकर लोग मदद के लिए न दौड़ते, तो दंपति की जान भी जा सकती थी। इस घटना के बाद से इलाके में इस कदर खौफ है कि लोग अपने ही घरों से बाहर निकलने में कतरा रहे हैं। मोहल्ले की गलियों में सन्नाटा पसरा है और हर किसी के दिल में यही डर है कि अगला शिकार उनका कोई अपना, मासूम बच्चा या बुजुर्ग न बन जाए। गेट के ऊपर से झपटता है कुत्ता, निकलने में डरते हैं लोग स्थानीय निवासियों ने इस आक्रामक कुत्ते को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। लोगों के अनुसार यह पिटबुल इतना हिंसक और आक्रामक है कि यदि कोई अनजाने में भी घर की डोरबेल (घंटी) बजा दे, तो यह गेट के ऊपर से कूदकर हमला करने की कोशिश करता है। कुत्ते के इस हिंसक व्यवहार के कारण मोहल्ले के लोगों ने उस घर के सामने वाले रास्ते से गुजरना ही बंद कर दिया है। गली में खेलने वाले छोटे बच्चों और सुबह-शाम टहलने वाले बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर परिजन बेहद चिंतित हैं, क्योंकि पिटबुल का अगला हमला किसी के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता है। प्रतिबंध के बावजूद पालने पर उठे सवाल मोहल्ला वासियों ने प्रशासन का ध्यान इस बात की ओर भी आकर्षित किया है कि पंजाब में पिटबुल जैसी खतरनाक और हिंसक ब्रीड्स को पालने पर पहले से ही प्रतिबंध संबंधी कानूनी आदेश लागू हैं। इसके बावजूद नियमों को ताक पर रखकर घनी आबादी वाले इलाके में इस कुत्ते को रखा गया, जो सीधे तौर पर लोगों की जान से खिलवाड़ है। डिप्टी कमिश्नर से गुहार, अज्ञात मालिक पर एफआईआर दर्ज घटना की गंभीरता को देखते हुए मोहल्ला वासियों ने एकजुट होकर पुलिस और पटियाला के डिप्टी कमिश्नर (DC) को लिखित शिकायत सौंपी है। लोगों ने मांग की है कि इस खतरनाक कुत्ते को तुरंत रिहायशी इलाके से हटाया जाए। वहीं दूसरी ओर, अस्पताल से मिली एमएलआर (मेडिकल लीगल रिपोर्ट) और सूचना के आधार पर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने कुत्ते के अज्ञात मालिक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं (पूर्ववर्ती IPC की धारा 291, 125A और 125B) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान जैसे ही मालिक की पहचान पुख्ता होगी, उसका नाम एफआईआर में शामिल कर उसे गिरफ्तार किया जाएगा।
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