फुटतालाब में पंडित नागर की भागवत कथा:बोले- कम खाएं लेकिन वाणी में मिठास रखें, यही सुखी जीवन का आधार

फुटतालाब में पंडित नागर की भागवत कथा:बोले- कम खाएं लेकिन वाणी में मिठास रखें, यही सुखी जीवन का आधार




झाबुआ जिले के मेघनगर स्थित प्रसिद्ध तीर्थ फुटतालाब में भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। मालवा के प्रसिद्ध संत पंडित कमल किशोर नागर कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को भक्ति और सदाचार का संदेश दे रहे हैं। भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में लोग सत्संग का लाभ लेने पहुंच रहे हैं। वाणी में मिठास और कम भोजन का दिया मंत्र पंडित नागर ने सुखी जीवन का सूत्र बताते हुए कहा कि व्यक्ति को खानपान में मीठा कम खाना चाहिए, लेकिन अपनी वाणी में मिठास अधिक रखनी चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि किसी का हृदय दुखाना सबसे बड़ा पाप है, इसलिए शब्दों का चयन ऐसा हो जिससे किसी की आत्मा को ठेस न पहुंचे। उन्होंने मातृशक्ति से पंडाल में लक्ष्मी के बजाय सरस्वती बनकर आने का आह्वान किया। सामर्थ्य के अनुसार गौ सेवा करने की अपील कथा के दौरान संत नागर ने गौ सेवा को सर्वोपरि बताया। उन्होंने कहा कि यदि ईश्वर ने सामर्थ्य और धन दिया है, तो उसे गौशालाओं और गौ माता की सेवा में लगाना चाहिए। उनके अनुसार गौ माता में भगवान कृष्ण का वास होता है। उन्होंने जीवन की सफलता के लिए प्रतिदिन सुबह उठकर माता-पिता, पीपल और भगवान के दर्शन करने की सलाह दी। भीषण गर्मी में छाया और ठंडे पानी के प्रबंध कई वर्षों के इंतजार के बाद आयोजित हो रही इस कथा के लिए आयोजन समिति के वरिष्ठ सदस्य सुरेश चंद्र पूरणमल जैन और राजेश रिंकू जैन ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पंडाल में ठंडे पानी और छाया का पुख्ता प्रबंध किया गया है, ताकि ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों से आने वाले भक्तों को असुविधा न हो। देखें तस्वीरें…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

India Fontline News

Subscribe Our NewsLetter!