मेडिकल छात्रा की मौत, पवई में कैंडल मार्च:दोषियों को फांसी देने की मांग, प्रयागराज में कमरे में मृत मिली थीं
प्रयागराज के एक प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस फाइनल ईयर की छात्रा सृष्टि मिश्रा की संदिग्ध मौत को लेकर सोमवार देर शाम पवई नगर में कैंडल मार्च निकाला। नगर के ही रहने वाले आयुर्वेद डॉक्टर अनुराग मिश्रा की 22 साल की बेटी सृष्टि को इंसाफ दिलाने के लिए बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतरे। कैंडल मार्च की शुरुआत स्थानीय जगदीश स्वामी मंदिर से हुई। हाथों में जलती हुई मोमबत्तियां और इंसाफ की मांग वाली तख्तियां थामे लोग बस स्टैंड और अजय मेडिकल होते हुए नगर के मुख्य रास्तों से गुजरे और जय स्तंभ चौक पहुंचे। इस दौरान पूरा रास्ता ‘सृष्टि मिश्रा को न्याय दो’ और ‘दोषियों को फांसी दो’ जैसे नारों से गूंज उठा। मार्च में शामिल लोगों ने साफ कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और तेज जांच होनी चाहिए, ताकि जो भी दोषी है उसे कड़ी से कड़ी सजा मिल सके। जय स्तंभ चौक पहुंचकर इस मार्च का समापन हुआ, जहां लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर सृष्टि को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। हॉस्टल के कमरे में क्या हुआ था? उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में बने यूनाइटेड मेडिसिटी मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में सृष्टि मिश्रा की लाश संदिग्ध हालात में मिली थी। पवई की रहने वाली सृष्टि रात में अपने कमरे में सोने गई थी, लेकिन अगली सुबह वह बेहोश हालत में मिली। जब उसे अस्पताल ले जाया गया, तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने भी निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर हॉस्टल के बाहर जमकर हंगामा काटा था, जिसके चलते शुरुआत में पुलिस को भी अंदर जाने में काफी विरोध झेलना पड़ा। बीमारी की बात पर भड़के घरवाले सृष्टि की मौत के बाद कॉलेज प्रशासन का कहना था कि वह थायराइड और मिर्गी की बीमारी से पीड़ित थी और शायद इसी वजह से उसकी जान गई। हालांकि, सृष्टि के घरवालों ने कॉलेज के इस दावे पर गंभीर सवाल उठाए हैं। परिजनों का साफ कहना है कि सृष्टि को ऐसी कोई बीमारी नहीं थी और कॉलेज प्रशासन अपनी कमियों को छिपाने के लिए बीमारी का झूठा बहाना बना रहा है। इसी बात से नाराज होकर अब पवई नगर के लोग पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए एकजुट हो गए हैं।
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