बलरामपुर में AI आधारित आजीविका के लिए समझौता:प्रिज्मा AI के साथ MOU, महिलाओं-युवाओं को ट्रेनिंग और रोजगार मिलेगा
बलरामपुर जिले में स्व-सहायता समूह की महिलाओं और शिक्षित ग्रामीण युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित आजीविका से जोड़ने के लिए जिला प्रशासन ने पहल की है। बुधवार को जिला प्रशासन और प्रिज्मा एआई के बीच कॉग्निटिव डेटा एनोटेशन सेंटर की स्थापना के लिए गैर-वित्तीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए। बलरामपुर प्रदेश का पहला जिला बन गया है, जहां डेटा लेबलिंग और एआई से जुड़ा यह सेंटर स्थापित किया जा रहा है। 10 सीटों से शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने बताया कि सेंटर का उद्देश्य स्व-सहायता समूहों की महिलाओं और स्थानीय युवाओं को डेटा एनोटेशन और कॉग्निटिव डेटा प्रोसेसिंग से जुड़ी गतिविधियों में प्रशिक्षण, अनुभव और आजीविका के अवसर देना है। पायलट चरण में 10 सीटों वाला संचालन केंद्र शुरू किया जाएगा। एआई साक्षरता से डेटा लेबलिंग तक प्रशिक्षण सेंटर में प्रतिभागियों को एआई साक्षरता, डिजिटल कौशल, डेटा लेबलिंग, इमेज टैगिंग और गुणवत्ता समीक्षा का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे स्थानीय युवाओं और महिलाओं को एआई आधारित काम के लिए जरूरी कौशल विकसित करने का अवसर मिलेगा। प्रिज्मा एआई संभालेगी तकनीकी और प्रशिक्षण व्यवस्था प्रिज्मा एआई सेंटर के लिए तकनीक, संचालन, प्रशिक्षण और इंटरनेट की व्यवस्था करेगी। प्रतिभागियों से जुड़े खर्च भी कंपनी उठाएगी। वहीं, जिला प्रशासन सेंटर के लिए परिसर उपलब्ध कराने और हितग्राहियों के चयन में सहयोग करेगा।
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