बिना नल कनेक्शन वालों को जलकर का बिल क्यों?:महापौर ने अधिकारियों से कहा- पहले नियम समझें, फिर टैक्स लगाएं




नगर निगम में टैक्स और दूसरे शुल्क की वसूली को लेकर महापौर मीनल चौबे ने अधिकारियों को दो टूक कहा है कि नियम के बिना किसी से पैसा नहीं लिया जाए। उन्होंने सवाल उठाया कि यूजर चार्ज में किस नियम के तहत ब्याज लगाया जा रहा है। अधिकारियों से कहा कि पहले अधिनियम और नियम ठीक से समझें, उसके बाद ही लोगों पर कर लगाएं। नगर निगम मुख्यालय में हुई राजस्व विभाग की बैठक में महापौर ने जलकर, यूजर चार्ज, बकाया टैक्स, पार्ट-पेमेंट, कॉलोनियों में टैक्स वसूली और निगम की लीज वाली संपत्तियों की स्थिति की समीक्षा की। नल ही नहीं तो जलकर का बिल क्यों? बैठक में पता चला कि कुछ ऐसे मकानों को भी जलकर की डिमांड भेजी जा रही है, जहां नल कनेक्शन ही नहीं है। इस पर महापौर ने अधिकारियों से कहा कि जहां नल कनेक्शन नहीं है, वहां जलकर की वसूली न की जाए। उन्होंने साफ कहा कि निगम को अपना राजस्व बढ़ाना है, लेकिन इसके लिए लोगों पर गलत तरीके से टैक्स का बोझ नहीं डाला जा सकता। यूजर चार्ज और जलकर पर ब्याज नहीं महापौर ने कहा कि जलकर और यूजर चार्ज पर ब्याज नहीं लगाया जाएगा। बकाया पैसा एक साथ जमा करना मुश्किल हो तो पार्ट-पेमेंट की सुविधा भी आसान की जाए। ऑनलाइन पोर्टल पर भी नियमानुसार पार्ट-पेमेंट की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। जनता को बताएं- कितना टैक्स और क्यों? महापौर ने अधिकारियों से कहा कि लोगों को यह साफ पता होना चाहिए कि उनसे कितना टैक्स लिया जा रहा है और उसकी गणना किस आधार पर हुई है। कर के नियम और अलग-अलग स्लैब की जानकारी आसान भाषा में सार्वजनिक करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि हर मामले में कागज, नियम और मौके की स्थिति देखकर ही टैक्स तय किया जाए। लीज खत्म हुई तो पहले नवीनीकरण होगा नगर निगम की ऐसी संपत्तियां, जिनकी लीज की अवधि खत्म हो चुकी है, उनकी भी समीक्षा की गई। महापौर ने कहा कि पहले इन संपत्तियों की लीज का नियमानुसार नवीनीकरण किया जाए, इसके बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। उन्होंने नवीनीकरण की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए। कॉलोनियों में भी जांच होगी जिन कॉलोनियों को नगर निगम को हैंडओवर किया जा चुका है और जिनका हैंडओवर अभी नहीं हुआ है, उनकी फाइलों की जांच होगी। इसमें देखा जाएगा कि कॉलोनी का निगम को हैंडओवर हुआ है या नहीं, निगम वहां कौन-कौन सी सुविधाएं दे रहा है और उसी हिसाब से टैक्स क्यों और कैसे लिया जा रहा है। डायवर्सन की तारीख से टैक्स लगाने की प्रक्रिया भी नियम के अनुसार करने के निर्देश दिए गए हैं। ‘राजस्व बढ़ाना है, लेकिन गलत तरीके से नहीं’ महापौर ने अधिकारियों से कहा कि निगम का काम सिर्फ टैक्स वसूलना नहीं है। लोगों को सड़क, पानी, सफाई और दूसरी सुविधाएं देना भी निगम की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि “राजस्व बढ़ाना है, लेकिन गलत तरीके से नहीं।” लंबित टैक्स मामलों की लगातार समीक्षा करने और उन्हें समय पर निपटाने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में एमआईसी सदस्य अवतार सिंह बागल के साथ सभी जोनों के राजस्व अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।



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