ब्राजील- बंजी जम्पिंग के दौरान रस्सी बांधे बिना फेंका, VIDEO:21 साल की युवती की मौत; पुलिस ने 6 लोगों को हिरासत में लिया

ब्राजील- बंजी जम्पिंग के दौरान रस्सी बांधे बिना फेंका, VIDEO:21 साल की युवती की मौत; पुलिस ने 6 लोगों को हिरासत में लिया




ब्राजील के साओ पाउलो राज्य में बंजी जंपिंग के दौरान एक हादसे में 21 साल की युवती की मौत हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कर्मचारियों ने युवती को सेफ्टी रोप लगाए बिना ही पुल से छलांग लगवा दी, जिससे वह 130 फीट से ज्यादा गहराई में जा गिरी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक युवती की पहचान मारिया एडुआर्डा रोड्रिग्स डी फ्रेटास के रूप में हुई है। वह एक निजी कंपनी की ओर से आयोजित बंजी जंपिंग एक्टिविटी में हिस्सा लेने पहुंची थी। यह हादसा स्केलेटन ब्रिज पर हुआ। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कर्मचारी युवती को पुल के किनारे लेकर जाते हैं और उसे नीचे छोड़ देते हैं। जैसे ही वह गिरने लगती है, वहां मौजूद लोगों को एहसास होता है कि उसकी सेफ्टी रोप नहीं बंधी है। वीडियो में कई लोग जोर से चिल्लाते सुनाई देते हैं, “रोप… रोप…”, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और युवती गहरी खाई में गिर चुकी थी। पुलिस ने घटना के बाद मौके से छह लोगों को हिरासत में लिया है। मारिया ने हादसे से पहले अपनी तस्वीरें शेयर की थी हादसे से कुछ समय पहले मारिया ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर जंपिंग प्लेस की तस्वीरें शेयर की थीं। एक तस्वीर में पुल और उसकी जंपिंग रिस्टबैंड दिखाई दे रही थी। तस्वीर के साथ उसने लिखा था, “आखिर किस पागल इंसान ने मुझे पुल से छलांग लगाने आने दिया?” रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे के समय मारिया का मंगेतर भी वहां मौजूद था। युवती की मौत की जानकारी मिलने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसका ट्रीटमेंट किया गया। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल इस हादसे के बाद एडवेंचर टूरिज्म प्लेस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लिमेरा के मेयर मुरिलो फ्लिक्स ने कहा कि सिटी एडमिनिस्ट्रेशन इस मामले की शिकायत ब्राजील की सरकार से करेगा और सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग करेगा। उन्होंने कहा कि लंबे समय से जोखिम वाले इस क्षेत्र में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं और अब जिम्मेदारी तय करना जरूरी है। पुलिस जांच कर रही है कि सेफ्टी प्रोसेस में कहां चूक हुई, कर्मचारियों की क्या जिम्मेदारी थी और क्या बंजी जंपिंग से पहले तय सभी सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था। क्या होती है बंजी जंपिंग? बंजी जंपिंग एक एडवेंचर स्पोर्ट है, जिसमें व्यक्ति को किसी ऊंचे पुल, टावर, क्रेन या चट्टान से एक खास तरह की मजबूत और लचीली इलास्टिक रोप के सहारे छलांग लगानी होती है। जंप से पहले इंसान के पैरों या पूरे शरीर पर हार्नेस लगाया जाता है और उसे बंजी रोप से जोड़ा जाता है। छलांग लगाने के बाद व्यक्ति कुछ सेकंड तक तेजी से नीचे गिरता है। जैसे ही रोप पूरी तरह खिंचती है, वह उसे वापस ऊपर की ओर खींचती है। यही ऊपर-नीचे उछलने का अनुभव बंजी जंपिंग को रोमांचक बनाता है। बंजी जंपिंग कराने वाली कंपनियां आमतौर पर सुरक्षा के लिए कई नियमों का पालन करती हैं। सबसे पहले जंप करने वाले व्यक्ति का वजन मापा जाता है और उसी के हिसाब से रोप का चुनाव किया जाता है। इसके बाद हार्नेस, सेफ्टी बेल्ट, एंकरिंग सिस्टम और बैकअप कनेक्शन की कई बार जांच की जाती है। ट्रेनर की परमिशन मिलने के बाद ही जंप कराया जाता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक बंजी जंपिंग एक हाई एडवेंचर स्पोर्ट जरूर है, लेकिन अगर बंजी जंपिंग अनुभवी लोगों की देखरेख में और सभी सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए कराई जाए, तो इसे काफी हद तक सुरक्षित माना जाता है। दुनिया में कहां सबसे ज्यादा लोकप्रिय है बंजी जंपिंग? बंजी जंपिंग का सबसे बड़ा सेंटर न्यूजीलैंड को माना जाता है। यहां का कावराउ ब्रिज मॉर्डन कमर्शियल बंजी जंपिंग की शुरुआत करने वाली जगह माना जाता है। यहां हर साल हजारों पर्यटक पहुंचते हैं। इसके अलावा चीन का मकाऊ टावर, जिम्बाब्वे और जाम्बिया की बॉर्डर पर स्थित विक्टोरिया फॉल्स ब्रिज और स्विट्जरलैंड का वेरजास्का डैम भी दुनिया की सबसे मशहूर बंजी जंपिंग साइटों में शामिल हैं। ——————— यह खभर भी पढ़ें…. कश्मीर के गुलमर्ग रोपवे में खराबी, 300 पर्यटकों का रेस्क्यू:7 घंटे ऑपरेशन चला; 65 ट्रॉली हवा में फंसीं, कई 500 फीट ऊंचाई पर थीं जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में एशिया के सबसे ऊंचे रोपवे गोंडोला (रोपवे) में 25 मई को तकनीकी खराबी आने से करीब 300 पर्यटक बीच हवा में फंस गए। करीब सात घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। रोपवे के 65 केबिन दोपहर करीब 1.30 बजे बीच हवा में रुक गए थे। कुछ केबिन जमीन से करीब 500 फीट की ऊंचाई पर थे। एक केबिन में 6 लोग बैठ सकते हैं। भारी बारिश के बीच SDRF, NDRF, सेना और पुलिस ने जॉइंट ऑपरेशन चलाया। पूरी खबर पढ़ें…



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