Tata Motors CV Q1 FY27 Results
नई दिल्ली9 घंटे पहले
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टाटा मोटर्स कॉमर्शियल व्हीकल्स ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं।
पिछले तीन महीने में टाटा ग्रुप की इस कंपनी का नेट प्रॉफिट 83.3% बढ़कर 2,560 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है, जो पिछले साल इसी तिमाही में 1397 करोड़ रुपए था।
कंपनी के मुताबिक, नेट प्रॉफिट में यह बढ़ोतरी टाटा कैपिटल लिमिटेड में किए गए निवेश पर ‘मार्केट टू मार्केट गेन’ की वजह से हुई है।
रेवेन्यू ₹20,667 करोड़ पहुंचा, कुल खर्च 13% बढ़ा
- ऑपरेशंस से रेवेन्यू 19% बढ़ा: कंपनी के मुताबिक, पहली तिमाही में टाटा मोटर्स CV का ऑपरेशंस से मिलने वाला रेवेन्यू 19% बढ़कर 20,667 करोड़ रुपए रहा। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह आंकड़ा 17,324 करोड़ रुपए था।
- कुल खर्च बढ़ने से मार्जिन में गिरावट: इस तिमाही में कंपनी का EBITDA 10% बढ़कर 2300 करोड़ रुपए रहा। हालांकि, कुल खर्चों में साल-दर-साल 13% की बढ़ोतरी होने से कंपनी का EBITDA मार्जिन 90 बेसिस पॉइंट्स घटकर 10.9% रह गया है।
- नेट कैश पॉजिटिव: 30 जून 2026, तक कंपनी के पास 13,500 करोड़ रुपए का नेट कैश अवेलेबल था। इस कैश पोजीशन में TMF होल्डिंग्स का ग्रॉस डेट यानी कुल कर्ज शामिल है, जिसमें से टाटा कैपिटल लिमिटेड में किए गए निवेश की मार्केट वैल्यू को घटाया गया है।
पहली तिमाही में 1,08,700 गाड़ियां बेचीं
टाटा मोटर्स CV ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कुल 1,08,700 यूनिट्स की होलसेल बिक्री दर्ज की है, जो पिछले साल के मुकाबले 26% अधिक है।
- डोमेस्टिक वॉल्यूम: भारतीय बाजार में कंपनी की बिक्री साल-दर-साल 26% बढ़ी है।
- एक्सपोर्ट वॉल्यूम: विदेशी बाजारों में भेजे जाने वाली गाड़ियों की संख्या में 35% का शानदार उछाल रहा।
- मार्केट शेयर: भारत के घरेलू कॉमर्शियल व्हीकल मार्केट में कंपनी की हिस्सेदारी पहली तिमाही में 36.8% रही। इसमें पिछली तिमाही से 100 बेसिस पॉइंट्स का सुधार हुआ है।
शेयर 2% चढ़कर ₹457 पर पहुंचा
टाटा मोटर्स के यह नतीजे शेयर बाजार बंद होने के बाद जारी किए गए। हालांकि, अच्छे नतीजों की उम्मीद में आज बाजार के कारोबारी समय के दौरान टाटा मोटर्स के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर कंपनी का शेयर करीब 2% की मजबूती के साथ 457 रुपए के स्तर पर बंद हुआ।
कॉन्सोलिडेटेड मुनाफा मतलब पूरे ग्रुप का प्रदर्शन
कंपनियों के रिजल्ट दो भागों में आते हैं- स्टैंडअलोन और कॉन्सोलिडेटेड। स्टैंडअलोन में केवल एक यूनिट का वित्तीय प्रदर्शन दिखाया जाता है। जबकि, कॉन्सोलिडेटेड या समेकित फाइनेंशियल रिपोर्ट में पूरी कंपनी की रिपोर्ट दी जाती है।
यहां, टाटा मोटर्स की जगुआर लैंड रोवर जैसी 100 से ज्यादा सब्सिडियरी और एसोसिएट कंपनियां हैं। इन सभी के फाइनेंशियल रिपोर्ट को मिलाकर कॉन्सोलिडेटेड कहा जाएगा। वहीं, अगर जगुआर लैंड रोवर के अलग रिजल्ट को स्टैंडअलोन कहा जाएगा।
क्या होता है EBITDA और EBIT?
- EBITDA: इसका मतलब है- अर्निंग बिफोर इंटरेस्ट, टैक्स, डेप्रिसिएशन एंड अमोरटाइजेशन। यह बताता है कि ब्याज, टैक्स और अन्य खर्चों से पहले कंपनी ने अपने मुख्य कामकाज से कितना कमाया।
- EBIT: इसे ‘ऑपरेटिंग प्रॉफिट’ भी कहते हैं। यह कंपनी के कामकाज से होने वाली कुल कमाई को दर्शाता है, जिसमें से केवल ब्याज और टैक्स को नहीं घटाया गया होता।
- नेट कैश पॉजिटिव: जब किसी कंपनी के पास उसके कुल कर्ज (डेट) से ज्यादा कैश या निवेश मौजूद हो, तो उसे नेट कैश पॉजिटिव कहा जाता है।

