मंडी में NH प्रभावित ग्रामीणों ने लगाया जाम:कंपनी और ठेकेदार पर लापरवाही बरतने का आरोप, लिखित आश्वासन के बाद खोला रास्ता
मंडी जिले के धर्मपुर क्षेत्र की बनाल पंचायत के रियूर और आसपास के इलाकों में नेशनल हाईवे निर्माण से प्रभावित लोगों ने गुरुवार को हिमाचल किसान सभा के बैनर तले प्रदर्शन किया। पूर्व जिला परिषद सदस्य भूपेंद्र सिंह के नेतृत्व में ग्रामीणों ने करीब दो घंटे तक सड़क जाम कर कंपनी और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों से एनएच निर्माण के कारण रियूर अनुसूचित जाति एवं ओबीसी बस्ती, खडेला तपवालका और बनाल गांव के लगभग डेढ़ दर्जन मकानों पर खतरा मंडरा रहा है। इसके अतिरिक्त, कंपनी ने जगह-जगह अवैध डंपिंग की है, जिससे कई पारंपरिक रास्ते और पेयजल स्रोत क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिनका अब तक पुनर्निर्माण नहीं किया गया है। आज तक नहीं बनाई गई सुरक्षा दीवार ग्रामीणों ने बताया कि पिछली बरसात में भी कटिंग से निकला मलबा चलाल और धर्मपुर क्षेत्र में भारी तबाही का कारण बना था। उस समय प्रशासन ने कई परिवारों को एहतियातन रियूर स्कूल में रहने के आदेश दिए थे, लेकिन आज तक सुरक्षा दीवारें और रास्ते नहीं बनाए गए हैं। प्रदर्शन के बाद कंपनी प्रबंधन, स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंचे। प्रशासन की मौजूदगी में कंपनी ने 17 जून तक सभी लंबित कार्य पूरे करने का लिखित आश्वासन दिया। इसके उपरांत, प्रदर्शनकारियों ने सड़क से जाम हटा दिया और यातायात बहाल हो गया। कंपनी और ठेकेदार की लापरवाही से खतरे का अंदेशा भूपेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि कंपनी और ठेकेदारों की लापरवाही से लोगों की जान-माल खतरे में है। उन्होंने यह भी बताया कि दिसंबर में एक उच्च स्तरीय जांच दल ने निरीक्षण कर मार्च तक कार्य पूरे करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इस प्रदर्शन में किसान सभा के स्थानीय पदाधिकारी जयगोपाल कटवाल, ज्ञान चंद, चंपा देवी, मीरा सकलानी, बाला राम, करतार सिंह चौहान, दिनेश कुमार काकू सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।
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