राजगढ़ में रात 12 बजे गूंजे कृष्ण जन्म के जयकारे:बारिश के बीच मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, पंचामृत अभिषेक और विशेष आरती हुई




राजगढ़ में रात 12 बजते ही बारिश के बीच पूरे जिले में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की खुशियां छा गईं। मंदिरों के पट खुलते ही शंख-घंटियों और जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। राजगढ़, खिलचीपुर और नरसिंहगढ़ समेत शहरों और गांवों में श्रद्धालु देर रात तक दर्शन के लिए मंदिरों में पहुंचते रहे। कई मंदिरों में बाल गोपाल का पंचामृत अभिषेक किया गया। विशेष आरती, भजन-कीर्तन, झांकियों और प्रसादी वितरण के आयोजन हुए। बारिश भी श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह को नहीं रोक सकी। श्रीनाथजी मंदिर में पंचामृत अभिषेक, गूंजे जन्मोत्सव के जयकारे खिलचीपुर के तालाब के पास स्थित रियासतकालीन श्रीनाथजी मंदिर में रात 12 बजे पट खुलते ही शंख और झालरों की आवाज गूंज उठी। मंदिर के मुखिया राजेंद्र पारीक ने भगवान श्रीनाथजी का पंचामृत से अभिषेक कराया। जन्मोत्सव के दौरान मंदिर परिसर में ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारे लगते रहे। भगवान के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ देर रात तक लगी रही। सांवरिया सेठ मंदिर में सैकड़ों श्रद्धालु पहुंचे खिलचीपुर के स्वर्णकार समाज के सांवरिया सेठ मंदिर में रात 12 बजे पट खुलने से पहले ही श्रद्धालुओं की भीड़ जमा हो गई थी। पट खुलते ही भगवान की विशेष आरती की गई। इसमें सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। आरती के बाद प्रसादी का वितरण किया गया। जमात मंदिर में मथुरा-वृंदावन की तर्ज पर सजा दरबार नरसिंहगढ़ के श्री जमात मंदिर में महंत दीपेंद्र दास के मार्गदर्शन में जन्माष्टमी का विशेष आयोजन हुआ। मंदिर को फूलों से सजाया गया। भगवान की पोशाक और श्रृंगार मथुरा-वृंदावन की तर्ज पर किया गया। सुप्रसिद्ध गायक सतीश अग्रवाल, अनुष्का पालीवाल और शुभम ओझा ने भजनों की प्रस्तुति दी। ढोलक पर हर्षवर्धन सिंह सोलंकी ने संगत की। जन्माष्टमी पर बच्चे बाल कृष्ण, राधा और रुक्मिणी के स्वरूप में मंदिर पहुंचे। रात 12 बजे गर्भगृह के पट खुलते ही श्रद्धालुओं में जन्म दर्शन को लेकर उत्साह नजर आया। आरती के दौरान शंखनाद और जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठा। इसके बाद आतिशबाजी और दही-मटकी फोड़ कार्यक्रम हुआ। महंत दीपेंद्र दास ने नन्हे बच्चों के साथ दही-मटकी के आकार का केक काटकर जन्मोत्सव मनाया। झाली आश्रम और चोपड़ा हनुमान मंदिर में भी आयोजन झाली आश्रम मंदिर में लड्डू गोपाल को आकर्षक झूले में विराजमान किया गया। गौमाता की झांकियां सजाई गईं। आचार्य राघवेंद्र आचार्य ने विधि-विधान से पूजन कराया। चोपड़ा हनुमान मंदिर में रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ पट खोले गए। पंडित सुरेश शास्त्री ने पाठ, श्लोक वाचन और आरती कराई। श्रद्धालुओं ने लड्डू गोपाल को झूले में विराजमान कर दर्शन किए। बाराद्वारी के राधाकृष्ण मंदिर में भजन संध्या नरसिंहगढ़ के बाराद्वारी के पास स्थित राधाकृष्ण मंदिर में जन्माष्टमी पर भजन संध्या हुई। लड्डू गोपाल को झूले में विराजमान किया गया। श्रद्धालुओं ने राधारानी और भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किए। पंडित अमरनाथ जी गांवठी ने विशेष आरती कराई। मंदिरों पर पुलिस की रही निगरानी जन्माष्टमी को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने मंदिरों और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की। पर्व से पहले थाना प्रभारी गूंजा सोलंकी ने मंदिरों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। इसके बाद मंदिरों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा। रात्रि गश्त के साथ पुलिस जवान भीड़ और यातायात व्यवस्था संभालते रहे। देखें कृष्णजन्मोत्सव की तस्वीरें…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

India Fontline News

Subscribe Our NewsLetter!