राम मंदिर चढ़ावा विवाद: केजरीवाल बोले- इस्तीफे-गिरफ्तारी सिर्फ दिखावा:भगवान राम में नहीं, वोट और पैसे में आस्था; आरोपियों को बचाया जा रहा

राम मंदिर चढ़ावा विवाद: केजरीवाल बोले- इस्तीफे-गिरफ्तारी सिर्फ दिखावा:भगवान राम में नहीं, वोट और पैसे में आस्था; आरोपियों को बचाया जा रहा




आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और अनियमितताओं को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश यह जानना चाहता है कि राम मंदिर से जुड़े कथित घोटालों और चढ़ावा चोरी के आरोपों में शामिल लोगों को क्यों बचाया जा रहा है। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि मंदिर निर्माण, जमीन खरीद और चढ़ावे के प्रबंधन में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने ही राम मंदिर ट्रस्ट का गठन किया, उसके सदस्यों का चयन किया और चंपत राय को प्रमुख जिम्मेदारी सौंपी। ऐसे में यदि घोटाले सामने आए हैं तो उनकी जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अब तक हुई कार्रवाई केवल दिखावे के लिए है और इस्तीफे, गिरफ्तारी, एसआईटी तथा एफआईआर जैसी प्रक्रियाएं वास्तविक जांच के बजाय मामले को दबाने का प्रयास हैं। ‘सोने चांदी समेत 200 करोड़ रुपए नकद चढ़ावे के चारी’ गोवा दौरे के दौरान आयोजित प्रेसवार्ता में केजरीवाल ने कहा कि गोवा के लोग बेहद धार्मिक हैं और राम मंदिर निर्माण के समय उन्होंने श्रद्धा के साथ खुलकर दान दिया था। लेकिन अब मंदिर में कथित घोटालों और चढ़ावे की चोरी की खबरों से श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने दावा किया कि भगवान राम के आभूषण, हार, पादुका, हीरे-जवाहरात, 200 किलो चांदी की ईंटें, चांदी के दीये और करीब 200 करोड़ रुपए नकद चढ़ावे के गायब होने जैसी बातें सामने आ रही हैं। उनका कहना था कि इन आरोपों से देशभर के राम भक्तों की आस्था को गहरी ठेस पहुंची है। ’14 करोड़ रुपए मूल्य की जमीनें 95 करोड़ रुपए में खरीदी’ केजरीवाल ने आरोप लगाया कि अनियमितताओं की शुरुआत वर्ष 2021 में कथित जमीन घोटाले से हुई थी। उन्होंने दावा किया कि अयोध्या में एक जमीन पहले 2 करोड़ रुपए में खरीदी गई और कुछ ही मिनटों बाद उसी जमीन को राम मंदिर ट्रस्ट को 18 करोड़ रुपए में बेच दिया गया। उनके अनुसार इस प्रक्रिया के जरिए दान की बड़ी राशि का दुरुपयोग किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 3 करोड़ रुपए की जमीन 24 करोड़ रुपए में, 9 करोड़ रुपए की जमीन 55 करोड़ रुपए में और 14 करोड़ रुपए मूल्य की जमीनें 95 करोड़ रुपए में खरीदी गईं। उन्होंने कहा कि इन सभी सौदों से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक हैं और इन्हीं के आधार पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ’40 दिनों के भीतर 70 बार चोरी की घटनाएं दर्ज हुईं’ निर्माण कार्य पर सवाल उठाते हुए केजरीवाल ने दावा किया कि कुछ इंजीनियरों ने रिकॉर्ड पर यह कहा है कि निर्माण से जुड़े टेंडरों में 40 प्रतिशत तक कमीशन लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि चढ़ावे की चोरी के मामले में सीसीटीवी फुटेज में 40 दिनों के भीतर 70 बार चोरी की घटनाएं दर्ज हुईं, जबकि 8 महीने की फुटेज कथित रूप से हटा दी गई। उनके अनुसार अब तक जो जानकारी सामने आई है, वह पूरी तस्वीर का केवल एक हिस्सा है और वास्तविक अनियमितताएं इससे कहीं अधिक हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इन मामलों में शामिल प्रभावशाली लोगों पर कार्रवाई होगी। केजरीवाल का आरोप था कि मामले के सामने आने के बाद जांच को प्रभावित करने, सबूत मिटाने और गवाहों को डराने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार समर्थक पक्ष यह कह रहा है कि प्रधानमंत्री को इन घटनाओं की जानकारी नहीं थी, लेकिन जनता इस दावे पर विश्वास नहीं कर रही। उनका कहना था कि जब ट्रस्ट का गठन और संचालन प्रधानमंत्री के स्तर पर तय हुआ था, तब इतनी बड़ी अनियमितताओं की जानकारी न होना सवाल खड़े करता है। ‘चढ़ावा चोरी के संबंध में कई रिपोर्ट प्रधानमंत्री को भेजी थीं’ केजरीवाल ने दावा किया कि ट्रस्ट में केंद्र सरकार का प्रतिनिधि भी मौजूद है और उनके अनुसार प्रधानमंत्री को हर महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें सूत्रों से जानकारी मिली है कि खुफिया एजेंसियों ने राम मंदिर से जुड़े कथित घोटालों और चढ़ावा चोरी के संबंध में कई रिपोर्ट प्रधानमंत्री को भेजी थीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके पास यह कहने का कोई सबूत नहीं है कि कथित धन प्रधानमंत्री तक पहुंचा। उनका आरोप केवल इतना है कि पूरे घटनाक्रम से ऐसा प्रतीत होता है कि जिम्मेदार लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है। ‘गठित विशेष जांच दल के अधिकार सीमित होते हैं’ एसआईटी की जांच पर सवाल उठाते हुए केजरीवाल ने कहा कि बिना एफआईआर के गठित विशेष जांच दल के अधिकार सीमित होते हैं। उनके अनुसार ऐसी एसआईटी न तो किसी को गिरफ्तार कर सकती है, न छापेमारी कर सकती है और न ही किसी को समन जारी कर सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह जमीन घोटाले से जुड़े दस्तावेज लेकर एसआईटी के पास पहुंचे तो जांच एजेंसी ने यह कहकर हाथ खड़े कर दिए कि जमीन घोटाले की जांच उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। उन्होंने दावा किया कि 2021 में गठित एसआईटी का भी कोई नतीजा सामने नहीं आया और वर्तमान जांच का भी वही हश्र होगा। ‘इस्तीफे की घोषणा के बावजूद मंदिर का संचालन कर रहे चंपत राय’ केजरीवाल ने कहा कि हाल में दर्ज एफआईआर में केवल कुछ छोटे कर्मचारियों को आरोपी बनाया गया है, जबकि कथित तौर पर 200 करोड़ रुपए के चढ़ावे की बात कही जा रही है और बरामदगी केवल 80 लाख रुपए की बताई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि गिरफ्तार लोगों से पुलिस ने प्रभावी पूछताछ भी नहीं की और उन्हें सीधे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उन्होंने दावा किया कि चंपत राय के इस्तीफे की घोषणा के बावजूद मंदिर का संचालन आज भी वही कर रहे हैं। प्रेसवार्ता के अंत में केजरीवाल ने कहा कि यदि इतने गंभीर आरोप सामने आए हैं तो निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश यह जानना चाहता है कि कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों पर कब और कैसे कार्रवाई होगी।



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