रायगढ़ के चिरईपानी में बंदरो को पकड़ने लगे पिंजरे:अब तक 8-10 पिंजरे में फंसे, कई लोगों को काट चुके, विभाग कर रहा निगरानी

रायगढ़ के चिरईपानी में बंदरो को पकड़ने लगे पिंजरे:अब तक 8-10 पिंजरे में फंसे, कई लोगों को काट चुके, विभाग कर रहा निगरानी




छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला के चिरईपानी गांव में बंदरो का आतंक है। यहां पिछले करीब माह से भर बंदर लोगों को एक के बाद एक काट या नोंच रहे है। इसकी जानकारी जब वन विभाग को लगी, तो गांव में बंदरो को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए गए हैं। यहां गांव में अलग-अलग जगह 4 पिंजरे लगाए हैं। जिसमें छोटे बंदर तो फंस रहे, पर आक्रमक बंदर दूर से ही निकल जा रहे हैं। चिरईपानी गांव में बंदरो ने तकरीबन 10 से अधिक लोगों को काटा है। इसमें बताया जा रहा है कि महिलाओं पर बंदरो ने अधिक हमला किया है। करीब सप्ताह भर पहले चिरईपानी गांव में रहने वाली कमला पंडा को बंदर ने काटा था। वह अपने घर से बाहर नाला नहाने के लिए जा रही थी, तभी अचानक पीछे से बंदरों ने हमला करके जख्मी कर दिया। बताया जा रहा है कि इसके बाद जब उसे अस्पताल ले जाया गया, तो उसे सिर में 12 टांके लगे। इसके अलावा शुक्रवार को गांव के श्याम सुंदर डनसेना पर भी हमला कर बंदरो ने उन्हें घायल कर दिया था। लगातार बंदरो के आतंक को देखते हुए वन विभाग ने इसे गंभीरता से लिया और गांव के अलग-अलग जगह में 4 पिंजरे लगा दिए।
बड़े बंदर पिंजरे में नहीं जा रहे
गांव के नटराज डनसेना ने बताया कि बंदर काफी खुंखार हैं और वे लोगों पर हमला कर रहे हैं। हांलाकि अभी दो दिनों से उन्होंने हमला नहीं किया गया है। इससे पहले कई लोगों को काटा है। उन्होंने बताया कि वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे मंे छोटे बंदर तकरीबन 8-10 फंस चुके हैं, जिन्हें विभाग द्वारा यहां से ले जाया गया है, पर बड़े बंदर जो ज्यादा आक्रमक हैं वे नहीं जा रहे हैं।
लगातार निगरानी की जा रही
रायगढ़ वन परिक्षेत्र अधिकारी संजय लकड़ा ने बताया कि मामले की जानकारी लगने के बाद गांव में पिंजरा लगाया गया है। कुछ बंदर पिंजरे में आए भी और उन्हें पकड़ा गया है। लगातार स्टाप द्वारा उन पर निगरानी की जा रही है। ताकि वे किसी पर हमला न कर सके।



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