विकास कार्यों की योजना बनाकर प्रस्ताव तैयार करें-DM:खगड़िया में कसरैया धार बनेगा पर्यटन हब,निरीक्षण किया; बोले-रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
खगड़िया में पर्यटन विकास को नई दिशा देने की पहल शुरू हो गई है। इसी क्रम में जिलाधिकारी नवीन कुमार और उप विकास आयुक्त श्वेता भारती ने बुधवार को कसरैया धार का निरीक्षण किया। इसका उद्देश्य इस प्राकृतिक रूप से समृद्ध क्षेत्र को एक विकसित पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करना है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित हो सकें और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके। पेयजल, शौचालय और बैठने की व्यवस्था पर चर्चा निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कसरैया धार की भौगोलिक बनावट, जल स्रोत, हरित परिवेश और प्राकृतिक आकर्षणों का गहन अध्ययन किया। उन्होंने पर्यटकों की सुविधा के लिए सड़क संपर्क, पेयजल, शौचालय, बैठने की व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा जैसे बुनियादी ढांचे के विकास की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। अधिकारियों ने इस स्थल को एक आकर्षक और सुरक्षित पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक कदमों की रूपरेखा भी तैयार की। इस अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी खगड़िया धनंजय कुमार, विशेष कार्य पदाधिकारी विवेक सुगंध और वन क्षेत्र पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी नवीन कुमार ने कहा कि कसरैया धार में पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। यदि इसे योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जाए, तो यह न केवल खगड़िया बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि विकास कार्यों की विस्तृत योजना बनाकर जल्द से जल्द प्रस्ताव तैयार किया जाए। उप विकास आयुक्त श्वेता भारती ने भी बताया कि पर्यटन विकास से स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर खुलेंगे। होटल, रेस्टोरेंट, नाव संचालन, गाइड सेवा और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में लोगों को आय के साधन मिलेंगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ पहुंचेगा। क्षेत्र की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर बनेगी स्थानीय लोगों में भी इस पहल को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। उनका मानना है कि यदि कसरैया धार को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाता है, तो क्षेत्र की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर बनेगी और यहां के लोगों के जीवन स्तर में सुधार आएगा।
प्रशासन की यह पहल न केवल खगड़िया को पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह समग्र विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी मील का पत्थर साबित हो सकती है।
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