स्कूल पहुंचे 8 बच्चों को गेट पर थमाई TC:भोपाल में पेरेंट्स बोले- कलेक्टर के आदेश को भी नहीं माना; ABVP ने भी किया प्रदर्शन

स्कूल पहुंचे 8 बच्चों को गेट पर थमाई TC:भोपाल में पेरेंट्स बोले- कलेक्टर के आदेश को भी नहीं माना; ABVP ने भी किया प्रदर्शन




भोपाल के इस्टर्न पब्लिक स्कूल ने सोमवार को 8 बच्चों को ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) थमा दी। स्कूल खुलने के बाद बच्चों के अभिभावक उन्हें लेकर पहुंचे, लेकिन स्कूल प्रशासन ने गेट पर ही उन्हें टीसी देकर वापस घर भेज दिया। इसके बाद अभिभावक आनन-फानन में कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। अभिभावकों का कहना है कि कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के लिखित आदेश के बावजूद बच्चों को टीसी दे दी गई। मामले में जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि जांच के लिए एक टीम का गठन कर दिया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने भी स्कूल के सामने प्रदर्शन किया। विवाद की शुरुआत अप्रैल 2026 में हुई थी। भीषण गर्मी के चलते जिला प्रशासन ने स्कूलों के संचालन समय में बदलाव और छोटे बच्चों के लिए छुट्टियां घोषित करने के निर्देश जारी किए थे। इसके बावजूद स्कूल प्रबंधन विभिन्न एक्टिविटी के नाम पर बच्चों को स्कूल बुला रहा था। इसका अभिभावकों ने विरोध किया था। आरोप है कि इसी से नाराज होकर स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों को ईमेल भेजकर बच्चों को टीसी देने की बात कही थी। कलेक्टर के आदेश के बावजूद दी टीसी अभिभावकों का आरोप है कि कलेक्टर के आदेश के बाद भी बच्चों को टीसी दी गई है। एडीएम और शिक्षा अधिकारी ने लिखकर दिया था कि बच्चों को स्कूल से नहीं निकाला जाएगा, लेकिन इसके बावजूद बच्चों को स्कूल से निकाल दिया गया। एबीवीपी ने किया प्रदर्शन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने स्कूल में जिला संयोजक लोकेश तिवारी के नेतृत्व में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान परिषद के कार्यकर्ता विद्यालय प्रबंधन से चर्चा करने पहुंचे, लेकिन विद्यालय के प्राचार्य परिसर में मौजूद नहीं थे। लगभग दो घंटे तक कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी और धरना-प्रदर्शन किया, जिसके बाद प्राचार्य विद्यालय पहुंचे। पूर्व में भी मिल चुकी हैं कई शिकायतें
प्रदर्शन में जिला शिक्षा अधिकारी के प्रतिनिधि और जांच अधिकारी दिनेश शर्मा भी मौजूद रहें। उन्होंने बताया कि विद्यालय के संबंध में पूर्व में भी कई शिकायतें मिल चुकी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल द्वारा कई बार नियमों की अवहेलना की गई है। इस मामले की भी जांच की जा रही है उसके आधार पर कार्रवाई होगी। विद्यार्थी परिषद ने कलेक्टर और बैरागढ़ के तहसीलदार को ज्ञापन दिया और दोषी स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। जानिए, क्या है पूरा मामला? विवाद की शुरुआत अप्रैल 2026 में हुई, जब भोपाल में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया था। जिला प्रशासन ने स्कूलों के संचालन समय में बदलाव और छोटे बच्चों के लिए छुट्टियों के निर्देश जारी किए थे। अभिभावकों का आरोप है कि इसके बावजूद ईस्टर्न पब्लिक स्कूल ने आईबी असेसमेंट और अन्य गतिविधियों के लिए बच्चों को बुलाना जारी रखा। इसी दौरान कुछ अभिभावकों ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चर्चा के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाया। स्कूल प्रबंधन का आरोप है कि इस ग्रुप के माध्यम से संस्थान के खिलाफ माहौल बनाया जा रहा था। बाद में कई अभिभावकों को स्पष्टीकरण के लिए बुलाया गया और कुछ दिनों बाद 8 बच्चों का प्रवेश समाप्त कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद प्रभावित परिवारों ने कलेक्टर जनसुनवाई, जिला शिक्षा अधिकारी, सीएम हेल्पलाइन और अन्य मंचों पर शिकायत दर्ज कराई। मामला सार्वजनिक होने के बाद स्कूल और अभिभावकों के बीच विवाद लगातार बढ़ता गया। जानिए, पूरे विवाद की टाइम लाइन



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

India Fontline News

Subscribe Our NewsLetter!