बैतूल कोर्ट ने माना पत्नी का क्रूर व्यवहार:3 साल से अलग पति-पत्नी का तलाक मंजूर, तीन वर्षीय बेटी की कस्टडी का मामला लंबित

बैतूल कोर्ट ने माना पत्नी का क्रूर व्यवहार:3 साल से अलग पति-पत्नी का तलाक मंजूर, तीन वर्षीय बेटी की कस्टडी का मामला लंबित




बैतूल में आमला स्थित सत्र न्यायालय ने पत्नी के क्रूर व्यवहार और लंबे समय से अलग रहने को वैवाहिक संबंध टूटने का आधार मानते हुए पति की तलाक याचिका स्वीकार कर ली है। अतिरिक्त जिला न्यायाधीश संतोष चौहान की अदालत ने हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13 के तहत 19 जून 2020 को हुए विवाह को विच्छेदित करने की डिक्री पारित की। पति ने अपनी याचिका में पत्नी के साथ रहने से इनकार करने, लंबे समय से अलग रहने और उसके द्वारा किए गए क्रूर व्यवहार को तलाक का आधार बताया था। वहीं, पत्नी ने पति और उसके परिवार पर प्रताड़ना, मारपीट और घरेलू हिंसा के आरोप लगाते हुए इन दावों का विरोध किया था। तीन साल से अलग रह रहे थे दंपती सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने अपने-अपने साक्ष्य और दस्तावेज न्यायालय के समक्ष पेश किए। कोर्ट ने पाया कि पति-पत्नी करीब तीन वर्षों से अलग रह रहे हैं। पत्नी ने भी अदालत में स्वीकार किया कि वह पति के साथ नहीं रहना चाहती और अपनी इच्छा से मायके में रह रही है। न्यायालय ने दोनों पक्षों के बयानों, दस्तावेजों और जिरह के दौरान सामने आए तथ्यों का परीक्षण किया। इसके बाद कोर्ट ने पत्नी के व्यवहार को पति के प्रति क्रूरता की श्रेणी में माना। सुलह की संभावना नहीं बची अदालत ने माना कि लंबे समय से अलग रहने के कारण वैवाहिक संबंध इस स्तर तक बिगड़ चुके हैं कि दोनों का साथ रहना संभव नहीं है। कोर्ट ने यह भी पाया कि दोनों के बीच सुलह की कोई वास्तविक संभावना नहीं बची है। न्यायालय ने इसी आधार पर पति की तलाक याचिका स्वीकार करते हुए विवाह विच्छेद की डिक्री पारित कर दी। तीन साल की बेटी की कस्टडी का मामला लंबित दंपती की करीब तीन वर्षीय बेटी भी है। फैसले में उल्लेख किया गया है कि बच्ची की अभिरक्षा यानी कस्टडी को लेकर कार्यवाही अभी न्यायालय में लंबित है। मामले में पति की ओर से अधिवक्ता राजेंद्र उपाध्याय ने पैरवी की।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

India Fontline News

Subscribe Our NewsLetter!