हरियाणा से किसानों का दिल्ली कूच आज, खनौरी बॉर्डर सील:कंटीली तारें-कंक्रीट ब्लॉक लगाए, रूट डायवर्ट; फतेहाबाद में किसान डिटेन किए

हरियाणा से किसानों का दिल्ली कूच आज, खनौरी बॉर्डर सील:कंटीली तारें-कंक्रीट ब्लॉक लगाए, रूट डायवर्ट; फतेहाबाद में किसान डिटेन किए




हरियाणा के जींद से आज रविवार को किसान दिल्ली कूच की तैयारी में हैं। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसान बचाओ पदयात्रा खनोरी-दाता सिंहवाला बॉर्डर से दिल्ली के जंतर-मंतर के लिए निकाली जाएगी। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के नेतृत्व में 51 पदयात्री इसमें शामिल होंगे। जींद में 2 बजे तक गुरुद्वारे में अरदास के बाद किसान जनसभा करेंगे। इसके बाद 3 बजे पदयात्रा शुरू कर दी जाएगी। किसान संगठन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में ये पदयात्रा निकाल रहे हैं। इसे लेकर पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। किसानों के दिल्ली कूच के ऐलान के बाद खनोरी-दाता सिंहवाला बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। यहां कई स्तर की बैरिकेडिंग, कंटीली तारें-कंक्रीट ब्लॉक और कंटेनर लगाकर रास्तों को बंद किया गया है। भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया है और वाहनों के रूट में भी बदलाव किया गया है। वहीं, खनौरी बॉडर्र जा रहे कुछ किसानों को फतेहाबाद पुलिस ने हिरासत में लिया है। किसानों ने आरोप लगाया कि उन्हें आगे जाने की अनुमति नहीं दी गई। दाता सिंहवाला गांव में होगी सभा बता दें कि किसानों को लगभग 228 किलोमीटर की दूरी तय करनी है और वे 29 अगस्त को दिल्ली पहुंचने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। पदयात्रा शुरू होने से पहले दाता सिंहवाला गांव में गुरुद्वारे के पास एक सभा और अरदास का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद, किसान आंदोलन के दौरान शहीद हुए शुभकरण सिंह के शहीदी स्थल से मिट्टी लेकर पदयात्री दिल्ली कूच के लिए निकलेंगे। जानकारी के अनुसार, किसानों के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, पदयात्रा दोपहर करीब 3 बजे शुरू होगी। पहले दिन उझाना गांव में किसानों का स्वागत किया जाएगा, जबकि बेलरखा गांव में रात में रुकने का प्लान है। भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध किसान संगठन प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को रद्द करने सहित अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जंतर-मंतर तक पहुंचने का दावा कर रहे हैं। फिलहाल, दाता सिंहवाला बॉर्डर पर किसान पहुंचने लगे हैं और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। कई रूट डायवर्ट किए गए हैं। दोपहर बाद पदयात्रा शुरू होने के साथ ही स्थिति और स्पष्ट होगी कि क्या 51 किसान बैरिकेडिंग पार कर दिल्ली की ओर बढ़ पाएंगे या प्रशासन उन्हें बॉर्डर पर ही रोकने का प्रयास करेगा।



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