हिमाचल के नगर निगम चुनाव में अमीरों-महिलाओं का दबदबा:38 प्रत्याशी टैक्स-पेयर, गरीबों को कांग्रेस-BJP ने भी नहीं लड़ाया, एक अनपढ़ भी मैदान में
हिमाचल प्रदेश के 4 नगर निगम चुनाव में अमीर और मध्यम वर्गीय परिवारों के साथ महिलाओं का खूब दबदबा है। गरीब न तो खुद चुनाव लड़ पा रहा है और न ही कांग्रेस-बीजेपी इन्हें टिकट दे रही हैं। स्टेट इलेक्शन कमीशन की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के चार नगर निगम सोलन, मंडी, पालमपुर और धर्मशाला में चुनाव मैदान में 172 उम्मीदवार हैं। इनमें BPL परिवार का सिर्फ एक (0.58%) उम्मीदवार है, जबकि 38 (22.09%) दावेदार टैक्स पेयर, 116 (67.44%) उम्मीदवार APL (गरीबी रेखा से ऊपर) और 17 (9.88%) नॉन टैक्स पेयर हैं। 14 दावेदार 10वीं से कम पढ़े-लिखे इनकी एजुकेशन की बात करें तो अधिकांश 12वीं या इससे कम पढ़े-लिखे हैं। 46 दावेदारों ने ग्रेजुएशन, 30 ने पोस्ट ग्रेजुएशन कर रखी है, जबकि 40 उम्मीदवार 10वीं से 12वीं पास, 41 दावेदार मैट्रिक पास और 14 प्रत्याशी ऐसे हैं जिन्होंने 10वीं से कम पढ़ाई कर रखी है। नामांकन भरने वालों में एक अनपढ़ भी है। पुरुषों के मुकाबले 20 महिलाएं ज्यादा कमीशन के अनुसार, 96 महिलाएं (55.81%) और 76 (44.19%) पुरुष उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। हालांकि, महिलाओं की संख्या निकाय चुनाव में 50 फीसदी आरक्षण के कारण पुरुषों से अधिक है। राज्य में ओपन कैटेगिरी के 39.83% उम्मीदवार राज्य में ओपन कैटेगिरी की आबादी लगभग 55 फीसदी मानी जाती है। मगर निगम चुनाव में ओपन कैटेगिरी के 94 (39.83%) उम्मीदवार हैं। 22 (9.32%) उम्मीदवार SC महिला, 27 (11.44%) दावेदार SC, 5 (2.12%) प्रत्याशी ST महिला, 9 (3.81%) दावेदार ST, 3 (1.27%) उम्मीदवार अन्य पिछड़ा वर्ग महिला (OBC), 1 (0.42%) दावेदार OBC और 75 (31.78%) उम्मीदवार महिलाएं इन चुनाव में अपना भाग्य आजमा रही हैं। 41 से 60 साल के ज्यादातर दावेदार निगम चुनाव में ज्यादातर दावेदार 41 से 60 साल आयु वर्ग के हैं। 21 से 30 साल के 5 (2.91%), 31 से 40 साल के 30 (17.44%), 41 से 50 साल के 67 (38.95%), 51 से 60 साल के 53 (30.81%) और 60 साल से अधिक आयु के 17 (9.88%) उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। हिमाचल के चार नगर निगमों में बीजेपी के 62 उम्मीदवार, कांग्रेस के 63 और 47 निर्दलीय उम्मीदवार हैं। राज्य के चारों नगर निगम में 17 मई को वोटिंग होगी और 31 मई को रिजल्ट आएंगे।
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