हिमाचल में अतिक्रणकारियों के पंचायत चुनाव लड़ने पर विवाद:IAS सानन बोले-FRA में पंचायतीराज डिपार्टमेंट की क्लेरिफिकेशन गलत, एनक्रोचर को योग्य ठहराना उचित नहीं

हिमाचल में अतिक्रणकारियों के पंचायत चुनाव लड़ने पर विवाद:IAS सानन बोले-FRA में पंचायतीराज डिपार्टमेंट की क्लेरिफिकेशन गलत, एनक्रोचर को योग्य ठहराना उचित नहीं




हिमाचल में पंचायत चुनाव को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। हिमाचल प्रदेश पंचायती राज एक्ट 1994 की धारा 122(1)(c) के तहत सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने वाला व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ सकता। इतना ही नहीं, हाईकोर्ट भी मई 2025 में कह चुका है कि अतिक्रमण करने वाले व्यक्ति के परिवार का कोई भी सदस्य पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकता। इसी बीच पंचायतीराज विभाग ने 20 अप्रैल 2026 को एक क्लेरिफिकेशन निकाली, जिसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया। विभाग ने कहा कि जिन लोगों ने फॉरेस्ट राइट एक्ट (FRA) 2006 के तहत जमीन रेगुलर करने को आवेदन कर रखा है, वह चुनाव लड़ सकते हैं। तर्क दिया कि ऐसे लोगों को आवेदन अभी लंबित है। इसलिए, इन्हें चुनाव लड़ने को अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता। पंचायतीराज विभाग की इस क्लेरिफिकेशन पर नई बहस छिड़ गई है। हिमाचल के रिटायर एवं पूर्व एडिश्नल चीफ सेक्रेटरी (ACS) दीपक सानन ने भी अतिक्रमण करने वाले लोगों को चुनाव लड़ने की छूट देने पर सवाल उठाए। आस्था फाउंडेशन ने भी सवाल उठाए आस्था फाउंडेशन ठियोग के उपाध्यक्ष सुशील शर्मा ने भी शिमला में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अतिक्रमण करने वालों को चुनाव लड़ने की छूट देने पर सवाल खड़े किए। उन्होंने मांग की कि अतिक्रमण करने वालों को चुनाव लड़ने की छूट न दी जाए। जब चुनाव पंचायतीराज एक्ट के तहत, डिस्क्वालिफिकेशन क्यों नहीं कानून के जानकारों की माने तो राज्य में जब चुनाव पंचायतीराज एक्ट के तहत करवाए जा रहे है और इस एक्ट की धारा 122(1)(c) अतिक्रमण करने वालों को चुनाव लड़ने से रोकती है। तो डिस्क्वालिफिकेशन भी इसी एक्ट के तहत होनी चाहिए। साल 2015 और 2020 के चुनवों व में भी इसी पंचायतीराज एक्ट के तहत अतिक्रमणकारियों को चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित किया गया है। मगर इस बार व्यवस्था परिवर्तन के दावे कर वाली सरकार ने पंचायतीराज एक्ट के प्रावधानों को नजरअंदाज कर अतिक्रमण करने वालों को चुनाव लड़ने के लिए योग्य ठहरा दिया है। आरोप लग रहे हैं कि चहेते अतिक्रमणकारियों को फायदा देने के लिए यह कदम उठाया गया है। लॉ डिपार्टमेंट की राय पर योग्य ठहराया: शर्मा पंचायतीराज विभाग के एडिश्नल डायरेक्टर केवल शर्मा ने बताया कि लॉ डिपार्टमेंट की मंजूरी के बाद FRA में आवेदन करने वालों को चुनाव लड़ने के लिए योग्य घोषित किया गया है। उन्होंने बताया कि जिन लोगों ने FRA के तहत आवेदन नहीं किया, वह अभी भी पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकते। आज से नॉमिनेशन शुरू बता दें कि राज्य की 3758 पंचायतों में आज से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो रही है। इन चुनाव के लिए सात, आठ और 11 मई को नॉमिनेशन भरे जाएंगे। 26, 28 और 30 मई को तीन चरणों में वोटिंग होगी। इन चुनावों में 50 लाख से ज्यादा मतदाता वोट करेंगे।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

India Fontline News

Subscribe Our NewsLetter!