हिसार पुलिस 3 छात्राओं का भविष्य बचाया:HTET परीक्षा छूटने की कगार पर, पुलिस ने समय पर केंद्र पहुंचाकर बचाया भविष्य
हिसार पुलिस ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था के साथ-साथ समाज के प्रति अपनी संवेदनशीलता और तत्परता की मिसाल पेश की है। रविवार को आयोजित HTET व अन्य परीक्षाओं के दौरान हिसार पुलिस के जवानों ने न केवल सड़क हादसों में घायलों की मदद की, बल्कि संकट में फंसी तीन छात्राओं को समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचाकर उनका भविष्य भी सुरक्षित किया। पुलिस के इस मानवीय चेहरे और सिटिजन फर्स्ट की नीति की हर तरफ सराहना हो रही है।
इस पूरे घटनाक्रम पर हिसार के पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन (IPS) ने कहा, “हिसार पुलिस का उद्देश्य केवल अपराध रोकना या कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं है, बल्कि हर विकट परिस्थिति में आमजन और जरूरतमंदों की मदद करना भी है। हमारी इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल (ERV) टीमें जिले में 24 घंटे अलर्ट पर हैं। पुलिसकर्मियों का यही मानवीय व्यवहार जनता के बीच विश्वास को मजबूत करता है। हमारे जवान भविष्य में भी इसी समर्पण के साथ काम करते रहेंगे।” हिसार पुलिस ने इस तरह की परीक्षार्थियों की मदद… केस 1 : भाई का एक्सीडेंट हुआ तो टूट गई थी उम्मीद, ERV ने पहुंचाया केंद्र
रविवार सुबह पुलिस कंट्रोल रूम की इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल को सूचना मिली कि एक कार और मोटरसाइकिल की टक्कर में लितानी निवासी नवीन गंभीर रूप से घायल हो गया है। सूचना मिलते ही ERV-323 के प्रभारी सहायक उप निरीक्षक (ASI) रणजीत सिंह अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और घायल को तुरंत नागरिक अस्पताल पहुंचाया। केस 2: गाड़ी टकराने के बाद छूट रहा था HTET का पेपर
ऐसी ही एक अन्य घटना में ERV राइडर-39 को एक सड़क दुर्घटना की सूचना मिली। मौके पर पहुंचे जवानों को पीड़ित कॉलर ने बताया कि उनकी गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया है। गाड़ी क्षतिग्रस्त होने के कारण वे मानसिक तनाव में थे, क्योंकि उनकी पत्नी की HTET की परीक्षा थी और परीक्षा का समय निकला जा रहा था। पुलिस ने महिला अभ्यर्थी को तुरंत अपनी गाड़ी में बिठाया और बिना समय गंवाए गंगवा स्थित उनके परीक्षा केंद्र पहुंचाया। केस 3: व्हीलचेयर थामकर सिपाही ने दिव्यांग छात्रा को पहुंचाया परीक्षा कक्ष
खाकी की संवेदनशीलता का तीसरा रूप दिल्ली बाईपास स्थित गवर्नमेंट गर्ल्स कॉलेज में देखने को मिला। यहां परीक्षा देने आई एक दिव्यांग छात्रा को अपनी व्हीलचेयर से परीक्षा केंद्र के भीतर जाने में काफी कठिनाई हो रही थी। ड्यूटी पर तैनात सिपाही जितेंद्र की नजर जैसे ही उस पर पड़ी, वे तुरंत आगे बढ़े। सिपाही जितेंद्र ने खुद व्हीलचेयर को संभाला और बेहद सम्मानपूर्वक छात्रा को उसके परीक्षा कक्ष तक पहुंचाया, जिससे वह बिना किसी मानसिक तनाव के अपनी परीक्षा दे सकी।
Source link

