हैलट से भागे लुटेरे को मुखबिर दोस्त ने कराया अरेस्ट:लड़खड़ाते हुए पहुंचा ग्वालटोली, बोला कि- मुझे बचा लो… क्राइम ब्रांच को बुलाया
बर्रा में गुरुवार देर रात पुलिस मुठभेड़ में दबोचा गया लुटेरा बचने के लिए जिस दोस्त के पास पहुंचा वह पुलिस का मुखबिर निकला, जिसके चलते पुलिस ने महज एक घंटे के अंदर उसे फिर से धर दबोचा। हैलट के गेट नंबर-2 से ऑटों में सवार होकर लुटेरा हड़बड़ाते लुटेरे ग्वालटोली निवासी दोस्त के घर पहुंचा, और बोला कि- मुझे बचा लो… पैरों में पट्टी देखते ही दोस्त ने क्राइम ब्रांच को जानकारी दे दी। हालांकि पुलिस उसके हैलट के अंदर झाड़ियों के अंदर छिपे होने और वहीं से पकड़ने की बात कह रही है। इलाज के दौरान हैलट अस्पताल से शुक्रवार सुबह 10:01 बजे पुलिस को चकमा देकर लुटेरा भाग निकला था। अब जानिए पूरा मामला… योगेंद्र विहार खाड़ेपुर निवासी मोहित निषाद बुधवार रात बर्रा बाईपास के पास सिंह ढाबे के सामने से बाइक लेकर निकल रहे थे। इस दौरान उसे दो लोगों ने तमंचे के बल पर रोक लिया और उसकी बाइक, मोबाइल और जेब मे पड़े पांच हजार रुपये लेकर भाग निकले। मोहित ने पुलिस को सूचना दी। बर्रा पुलिस मुकदमा दर्ज कर लुटेरों की तलाश में जुट गई। पुलिस ने 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले। एडीसीपी साउथ योगेश कुमार के मुताबिक गुरुवार रात फत्तेपुर चौराहे के पास चेकिंग के दौरान बाइक से दो लोग आते दिखे, पुलिस को देखते ही उन्होंने फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी। आरोपी की पहचान जूही के परमपुरवा निवासी मुन्ना खान के रूप में हुई, जबकि उसका साथी साजिद मौके से भाग निकला। आरोपी के पास से लूट की बाइक, 1200 रुपए नकद, तमंचा और कारतूस बरामद किया गया। इसके बाद घायल अवस्था में उसे इलाज के लिए हैलट अस्पताल के माइनर ओटी वार्ड में भर्ती कराया गया। यहां उसकी सुरक्षा में चार दरोगा तैनात किए गए थे। सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार की सुबह 10:01 बजे सुरक्षा में तैनात चारों पुलिस कर्मियों को चकमा देकर मुन्ना भाग निकला। लड़खड़ाते हुए वह हैलट गेट से बाहर आया सड़क पार कर आटो में बैठ गया। यहां से वह अपने ग्वालटोली वाले दोस्त के पास पहुंचा, हालांकि लुटेरा मुन्ना का दोस्त क्राइम ब्रांच का मुखबिर निकला। उसकी सूचना पर क्राइम ब्रांच टीम ने सुबह 11:35 बजे उसे एक बार फिर दबोच लिया। उधर लापरवाही बरतने में दरोगा दुर्गेश प्रताप सिंह और दरोगा रोहित कुमार को निलंबित कर दिया गया। चार दरोगा तैनात फिर भी निकल भागा पुलिस अभिरक्षा में इलाज को भेजे जाने वाले आरोपितों की देखरेख के लिए आमतौर पर एक दरोगा, सिपाही और होमगार्ड लगाए जाते हैं। हालांकि बर्रा इंस्पेक्टर रवीन्द्र श्रीवास्तव ने शातिर लुटेरे के मामले में हैलट में चार दरोगा (रूप किशोर, राकेश यादव, रोहित कुमार और दुर्गेश प्रताप सिंह) की तैनाती की थी। इसके बावजूद शातिर चकमा देने में कामयाब रहा।
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