गुरुग्राम नर्स हत्याकांड, एनेस्थीसिया के ओवरडोज से मौत:नाले से शीशी मिली, हाथ पर इंजेक्शन का निशान; 4 महीने पहले हुई थी लव मैरिज

गुरुग्राम नर्स हत्याकांड, एनेस्थीसिया के ओवरडोज से मौत:नाले से शीशी मिली, हाथ पर इंजेक्शन का निशान; 4 महीने पहले हुई थी लव मैरिज




गुरुग्राम में लव मैरिज के 4 महीने बाद ही प्राइवेट अस्पताल की नर्स काजल की मौत के केस में पुलिस को बड़े सुराग हाथ लगे हैं। जांच में काजल के मकान के बाहर नाले से एनेस्थीसिया इंजेक्शन की खाली शीशी और नीडल बरामद हुई है। वहीं, पोस्टमॉर्टम में डॉक्टरों को काजल के बाएं हाथ पर इंजेक्शन का निशान भी मिला है। इससे पहले गुरुवार को घर के बाथरूम से इस्तेमाल की हुई सीरिंज मिली थी। ताजा सुराग मिलने के बाद पुलिस को संदेह है कि इसी इंजेक्शन को लगाने से काजल की मौत हो गई। काजल के भाई-बहन पहले ही आरोप लगा रहे हैं कि पति अरूण ने ही उसे जहरीला इंजेक्शन लगाया है। अब पुलिस का मानना है कि काजल को इंजेक्शन की ओवरडोज दी गई, जिसके कारण पहले उसके नाक से खून निकला और फिर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। हालांकि, आरोपी पति अरूण के अरेस्ट होने के बाद ही सब कुछ साफ होगा। पढ़िए नर्स हत्या केस की क्या है पूरी कहानी…. जानिए एनेस्थीसिया इंजेक्शन के साइड इफेक्ट्स… बेहोशी के लिए किया जाता यूज एनेस्थीसिया को इंजेक्शन के रूप में दिया जाता है। यह नसों को ब्लॉक करके दर्द का एहसास खत्म करती है या व्यक्ति को पूरी तरह बेहोश कर देती है। आमतौर पर डॉक्टर सर्जरी में नियंत्रित मात्रा में देते हैं। यह अस्पतालों में सुरक्षित इस्तेमाल होती है, लेकिन गैर-चिकित्सकीय या गलत तरीके से इस्तेमाल घातक हो सकता है।
ओवरडोज से हार्ट अटैक का खतरा ओवरडोज देने से सेंट्रल नर्वस सिस्टम और हार्ट प्रभावित हो सकता है। शुरुआती लक्षण में चक्कर, उल्टी, बेहोशी, मांसपेशियों में कंपन या दौरा पड़ सकता है। इसके बाद ब्लड प्रेशर गिरता है, हृदय की धड़कन धीमी (ब्रैडीकार्डिया) या अनियमित हो जाती है, सांस भी रुक सकती है। इस केस में नाक से खून निकलना और तेजी से मौत के लक्षण इसी से मेल खाते हैं। कोमा में जा सकता व्यक्ति ओवरडोज जानलेवा होता है। हृदयगति रुक सकती है (कार्डियक अरेस्ट), सांस फेल हो सकती है या कोमा में जा सकता है। हालांकि, सामान्य व्यक्ति में सुरक्षित डोज से मौत का खतरा बहुत कम है, लेकिन ओवरडोज या गलत इंजेक्शन से मौत हो सकती है। भारत में ऐसे कई केस रिपोर्ट हुए हैं जहां ओवरडोज से हार्ट अटैक या रेस्पिरेटरी फेलियर हुआ। बिना मॉनिटरिंग के घर पर लगाना अत्यधिक जोखिम भरा है। पुलिस जांच कर रही एसएचओ कुलदीप सिंह ने कहा कि पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच टीम के हाथ कुछ सुराग लगे हैं। इन सुराग को ध्यान में रखकर आगे की कार्रवाई की जा रही है। विसरा की रिपोर्ट लैब से आने के बाद मौत के सटीक कारणों पता चल सकेगा।



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