Child Left in Train at Pathankot Reunited with Family
बच्चे को ट्रेन से उतारकर उसे परिवार को सौंप दिया गया। बच्चा रो रहा था तो परिजन उसे समझाने लगे।
कटरा (जम्मू-कश्मीर) में माता वैष्णो देवी के दर्शन कर लौटा परिवार पठानकोट कैंट स्टेशन पर उतर गया, लेकिन अपने 10 वर्षीय बच्चे को ट्रेन में ही भूल गया। जब ट्रेन चल पड़ी तो परिवार को बच्चे की याद आई। इसके बाद उन्होंने डर से चिल्लाना शुरू कर दिया और हड़बड़ी
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आरपीएफ ने मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए रेल मैनेजर को ट्रेन रुकवाने का संकेत दिया। रेल मैनेजर ने फौरन गाड़ी रुकवाई और आरपीएफ से संपर्क किया। इसके बाद आरपीएफ जवानों ने बच्चे को ट्रेन में ढूंढ कर उसके परिवार के हवाले कर दिया। बच्चा सीट पर बैठा रो रहा था।
ट्रेन मैनेजर ने अपील की कि लोग ट्रेन से उतरते समय अपने सामान और बच्चों का विशेष ध्यान रखें। मामले में तत्परता दिखाई गई, इसलिए एक बच्चा अपने परिवार से बिछड़ने से बच गया।
ट्रेन में बच्चा मिल जाने के बाद परिजन से उसकी लिखित कार्रवाई करवाई गई।
ट्रेन मैनेजर को मिली बच्चे के बिछड़ने की सूचना
जानकारी के अनुसार, श्री माता वैष्णो देवी कटरा से चलकर ऋषिकेश जाने वाली 14610 हेमकुंड एक्सप्रेस ट्रेन पठानकोट कैंट स्टेशन पर खड़ी थी। निर्धारित 5 मिनट के स्टॉपेज के बाद ट्रेन जैसे ही रवाना हुई तो जम्मू से लुधियाना तक ड्यूटी पर तैनात ट्रेन मैनेजर बृजेश कुमार ने देखा कि पॉइंट्समैन और आरपीएफ कर्मचारी ट्रेन रोकने का इशारा कर रहे हैं।
उनके साथ एक महिला यात्री भी परेशान दिखी। इसके बाद ट्रेन मैनेजर बृजेश कुमार ने तुरंत गाड़ी रुकवाई। इसके बाद आरपीएफ से उन्हें सूचना मिली कि एक 10 साल का बच्चा अपने परिवार से बिछड़ गया है।
घबराए बच्चे को उसकी चाची समझाकर चुप कराती रही।
एम-1 कोच में अकेला रो रहा था बच्चा
ट्रेन मैनेजर ने आरपीएफ से मिली सूचना के आधार पर तुरंत उसके एम-1 कोच में जाकर उस बच्चे को ढूंढ निकाला। उस समय ट्रेन में बच्चा अकेला रो रहा था। ट्रेन मैनेजर ने बच्चे को चुप कराया और कुछ ही देर बाद उसके परिवार के हवाले कर दिया।
बृजेश कुमार ने बताया कि बच्चे की तरह ही परिवार भी काफी परेशान था। समय रहते एक्शन लेने पर बच्चा सुरक्षित अपने परिवार से मिल सका।
आखरी पलों में ट्रेन से उतरा था परिवार
ट्रेन मैनेजर ने बताया कि 14610 हेमकुंड एक्सप्रेस बुधवार रात 8:48 पर पठानकोट कैंट स्टेशन पर पहुंची। इसके M1 कोच में हिमाचल का परिवार सफर कर रहा था, जो श्री माता वैष्णो देवी के दर्शन कर लौटा था। उन्हें हिमाचल जाने के लिए पठानकोट उतरना था।
ट्रेन मैनेजर के मुताबिक, माता वैष्णो देवी की चढ़ाई कर परिवार थका था, इसलिए उन्हें ट्रेन के पठानकोट पहुंचने का पता ही नहीं चला। जैसे ही उन्हें किसी ने बताया तो वह जल्दबाजी में सामान लेकर ट्रेन से उतर गए और बच्चे को भूल गए।
लिखित कार्रवाई के बाद बच्चा अपने परिवार के साथ रवाना किया गया।
प्रेशर ब्रेक से ट्रेन रुकवाई
जब तक उन्हें इस भूल का एहसास हुआ, ट्रेन स्टेशन से निकल चुकी थी। इसके बाद परिवार ने शोर मचाना शुरू कर दिया। हल्ला सुनकर आरपीएफ के जवान मौके पर पहुंचे और चिल्लाने का कारण पूछा तो बच्चे के पिता और चाची ने मामले की जानकारी दी। इसके बाद प्रेशर ब्रेक से ट्रेन रुकवाई गई। इससे ट्रेन भी 5 मिनट लेट हुई।
ट्रेन से उतरते समय सावधानी बरतें यात्री
ट्रेन मैनेजर ने कहा कि अक्सर लोग ट्रेन में चढ़ने और उतरने में जल्दबाजी दिखाते हैं। ऐसे में कई यात्रियों के साथ दुर्घटना हो जाती है, उतरते समय सामान ट्रेनों में ही छूट जाता है। फिर वही सामान उन्हें लौटाने में अन्य यात्रियों का समय बर्बाद होता है। लोगों को ट्रेन से उतरते समय अपने बच्चों और सामान का ध्यान रखना चाहिए।

