दंतेश्वरी मंदिर की ओर बढ़ी डंकिनी:200 से ज्यादा घर पहले ही बाढ़ की चपेट आ चुके, अब भी कटाव नहीं रोकना ‘बस्तर की आस्था से खिलवाड़’
अगस्त की बाढ़ के बाद भी प्रशासन नहीं चेता। अब डंकिनी के तट का कटाव सीधे मां दंतेश्वरी के मंदिर तक पहुंच सकता है। हालत ऐसी है कि कटाव मंदिर के पुजारियों के घरों तक पहुंच चुका है। अब भी नहीं चेते तो अगली बारिश मंदिर प्रभावित हो सकता है। अगस्त 2025 में डंकिनी-शंखिनी नदी ने दंतेवाड़ा को झकझोर दिया था। 70 साल का रिकॉर्ड टूटा और शहर के 200 से ज्यादा घर बाढ़ की चपेट में आ गए। दंतेश्वरी मंदिर के आसपास का क्षेत्र भी अछूता नहीं रहा। माईजी की बगिया तक पानी भर गया था। इसके बावजूद नदी का कटाव रोकने कोई सुरक्षा प्रबंध नहीं किए गए। मंदिर के सामने छोटी माई मंदिर और उससे लगा बड़ी माईजी मंदिर भी इसी क्षेत्र में हैं। कटेकल्याण की ओर से आने वाली डंकिनी का बहाव सीधे मंदिर की ओर बढ़ रहा है, जिससे कटाव भी उसी ओर बढ़ता जा रहा है। तस्वीर में डंकिनी नदी की ओर से मां दंतेश्वरी मंदिर व पुजारियों का घर नजर आ रहा है। पुजारियों के घर तक बीते साल नदी के बाढ़ का पानी पहुंचा था, जिससे हुआ कटाव साफ नजर आ रहा है। जरूरी रिटेनिंग वॉल को छोड़ दूसरे के लिए डीएमएफ फंड
जल संसाधन विभाग के अनुसार दंतेश्वरी मंदिर से बालूद तक 3 किमी रिटेनिंग वॉल बनाना जरूरी है ताकि नदी के कटाव को रोका जा सके। लेकिन फिलहाल नदी के दूसरे छोर पर सिर्फ 200 मीटर रिटेनिंग वॉल बनाने को डीएमएफ से मंजूरी मिली है। इधर, मेडिकल कॉलेज के लिए 300 करोड़ आरक्षित
दंतेवाड़ा में जिला खनिज न्यास के 300 करोड़ रुपए मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए आरक्षित हैं। इससे शहर और ग्राम पंचायतों के कई जरूरी विकास कार्य प्रभावित हैं। लोगों का कहना है कि इस बारिश से पहले नदी का कटाव रोकना सबसे जरूरी है।
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