मैनपाट में तोड़ा विधवा का मकान,भाजपा मंडल महामंत्री का इस्तीफा:प्रशासन ने शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर बना था मकान, पक्षपात का आरोप

मैनपाट में तोड़ा विधवा का मकान,भाजपा मंडल महामंत्री का इस्तीफा:प्रशासन ने शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर बना था मकान, पक्षपात का आरोप




सरगुजा के मैनपाट में प्रशासनिक अमले ने रोपाखार में शासकीय जमीन पर अवैध कब्जे में बने विधवा के मकान को बुलडोजर लगाकर तोड़ दिया। यह मकान फिलहाल किसी शासकीय योजना में बाधक नहीं थी, बल्कि एक प्रभावशाली व्यवसायी के निजी स्वामित्व के जमीन के सामने थी। मामले में भड़ास निकालते हुए भाजपा के मंडल महामंत्री ने प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। मंडल महामंत्री ने आरोप लगाया है कि प्रशासन ने पक्षपातपूर्ण कार्रवाई की है। मैनपाट के रोपाखार में प्रशासनिक अमले ने आदिवासी विधवा महिला रामबाई पति स्व. बीरबल गोंड़ के खसरा क्रमांक 853 में 0.002 हेक्टेयर में बने मकान को तोड़ दिया है। रामबाई का यहां कई वर्षों से कब्जा था। उनके नाम वन अधिकार पत्र भी बना था, लेकिन त्रुटिवश इसमें खसरा नंबर 754 दर्ज हो गया था, जिसके सुधार के लिए रामबाई ने आवेदन भी दिया था।
बेदखली आदेश पर हुई कार्रवाई
रामबाई का मकान खसरा क्रमांक 853 के दो हेक्टेयर भूमि में से मात्र 0.002 हेक्टेयर में बना था। मैनपाट तहसीलदार ने उन्हें बेदखली का आदेश दिया था। शुक्रवार को प्रशासनिक अमले ने बुलडोजर चलाकर मकान को तोड़ दिया। यह बेदखली आदेश कुछ दिनों पूर्व ही जारी किया था। मंडल महामंत्री का इस्तीफा
विधवा महिला रामबाई का मकान तोड़े जाने से आक्रोशित भाजपा के मंडल महामंत्री गौतम पैकरा ने भाजपा के प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। गौतम पैकरा ने इस्तीफे की जानकारी जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया और प्रदेशाध्यक्ष को भी भेज दी है। गौतम पैकरा ने बताया कि उक्त भूमि कोई शासकीय प्रयोजन के लिए चयनित नहीं है। न ही इस निर्माण से शासकीय बाधा थी। उक्त भूमि के पीछे प्रभावशाली व्यवसायी अजय अग्रवाल की जमीन है। अजय अग्रवाल के बेटे आयुष गर्ग ने कब्जे की शिकायत मैनपाट तहसीलदार से की थी। शिकायत के आधार पर उनका मकान तोड़ दिया गया है। रामबाई भाजपा नेता गौतम पैकरा की बहन हैं। इस्तीफे में मंडल महामंत्री ने आरोप लगाया है कि मैनपाट के रोपाखार, नर्मदापुर, केसरा में सैकड़ों एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा है एवं वर्षों से बेदखली का आदेश जारी है, लेकिन यह कार्रवाई पक्षपातपूर्ण की गई है। इनमें से कई कब्जाधारी प्रभावशाली हैं। एक गरीब आदिवासी विधवा महिला पर कार्रवाई की गई और इसमें पार्टी पदाधिकारियों ने साथ भी नहीं दिया। इस कारण वे पार्टी के मंडल महामंत्री, सक्रिय सदस्यता और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं। मालरोड के लिए 44 लोगों को नोटिस
मैनपाट में माल रोड निर्माण के लिए 44 लोगों को कब्जा हटाने का नोटिस दिया गया है। ये सभी अतिक्रमण मैनपाट के रोपखार में हैं। इनमें से भी किसी का कब्जा हटाने की कार्रवाई नहीं की गई है।



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