बिजली आंदोलन के 5 आरोपित 9 साल बाद बाइज्जत हुए बरी
शेखपुरा कोर्ट में प्रथम न्यायिक दंडाधिकारी रोहित रंजन ने जीआर संख्या 978/017 (सरकार बनाम रंजीत कुमार सिंह उर्फ बुधन सहित अन्य) मामले में पांच आरोपितों को साक्ष्य के अभाव में बाइज्जत बरी कर दिया। बरी किए गए लोगों में रंजीत कुमार सिंह उर्फ बुधन भाई, अशोक कुमार, भूपेश कुमार, मंटू कुमार एवं चंद्रमौली सिंह शामिल हैं। मामला सिरारी क्षेत्र में बिजली व्यवस्था में सुधार को लेकर 9 वर्ष पूर्व हुए आंदोलन से जुड़ा था। जानकारी के अनुसार, उस समय क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की स्थिति अत्यंत खराब थी। बार-बार तार टूटने, फॉल्ट और कई-कई दिनों तक बिजली नहीं रहने से आमजन परेशान थे। आंदोलनकारियों की मांग थी कि क्षेत्र को बेहतर आपूर्ति के लिए समीप के बर्मा फीडर से जोड़ा जाए। इस दौरान कई बार प्रशासन द्वारा आंदोलनकारियों पर मुकदमा दर्ज किया गया था। बाद में पचना फीडर का निर्माण होने से विद्युत व्यवस्था में सुधार हुआ। आंदोलन का नेतृत्व कर रहें पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष रंजीत कुमार उर्फ़ बुधन भाई ने बताया कि उन्होंने हमेशा शांतिपूर्ण तरीके से जनहित के मुद्दों को उठाया और संघर्ष के बल पर ही क्षेत्र में बिजली व्यवस्था में सुधार संभव हो पाया। उन्होंने न्यायालय के फैसले पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि न्यायपालिका पर भरोसा था। जानकारों के अनुसार, इस मामले की सुनवाई लगभग नौ वर्षों तक चली, जिसमें अभियोजन पक्ष आरोपितों के खिलाफ ठोस सबूत पेश करने में विफल रहा। बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने दलील दी कि यह कोई आपराधिक घटना नहीं, बल्कि बुनियादी सुविधाओं के लिए किया गया एक लोकतांत्रिक प्रदर्शन था।
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