सदर अस्पताल में 10 बेड का एसी वार्ड तैयार:नालंदा में पारा 42 डिग्री के पार; CS बोले- धूप के कारण पुलिसकर्मी का गला जल गया था

सदर अस्पताल में 10 बेड का एसी वार्ड तैयार:नालंदा में पारा 42 डिग्री के पार; CS बोले- धूप के कारण पुलिसकर्मी का गला जल गया था




नालंदा में सूरज के तीखे तेवरों ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है, यहां पारा लगातार 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा है। आसमान से बरसती आग और चलती गर्म हवाओं (लू) के कारण आम लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया है। गर्मी के इस बढ़ते सितम को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. राजीव रंजन ने बताया कि जिले के अस्पतालों में लू से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इसी कड़ी में सदर अस्पताल में 10 बेड का एक विशेष हीट वेव वार्ड बनाया गया है, जो पूरी तरह वातानुकूलित है, ताकि मरीजों को तपिश से तुरंत राहत मिल सके। अस्पताल प्रशासन ने मरीजों की चौबीस घंटे निगरानी के लिए डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों का विशेष रोस्टर तैयार किया है। इसके अलावा आपात स्थिति के लिए ऑन-कॉल डॉक्टरों की भी व्यवस्था की गई है। 3 मरीज लू की शिकायत लेकर पहुंच रहे डॉ. रंजन ने बताया कि फिलहाल अस्पताल में रोजाना दो से तीन मरीज लू और गर्मी से संबंधित शिकायतों के साथ पहुंच रहे हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि अभी तक कोई भी अति गंभीर मरीज सामने नहीं आया है, जिसे लंबे समय तक भर्ती रखने की आवश्यकता पड़ी हो। ज्यादातर मरीज हल्के बुखार या दस्त की शिकायत लेकर आ रहे हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार और कुछ घंटों के ऑब्जर्वेशन के बाद छुट्टी दे दी जा रही है। अस्पताल में ओआरएस, पैरासिटामोल, मेट्रोजिल और पर्याप्त मात्रा में आईवी फ्लूइड जैसी जीवन रक्षक दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। डॉक्टरों ने आम जनमानस को इस जानलेवा गर्मी से बचने के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। पुलिसकर्मी के गर्दन पर धूप के कारण जलने के निशान डॉ. रंजन ने बताया कि वर्तमान में अल्ट्रावायलेट किरणें इतनी प्रभावी हैं कि सीधे संपर्क में आने पर त्वचा जलने (स्किन इंजरी) की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। हाल ही में ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी के गर्दन पर भी धूप के कारण जलने के निशान देखे गए। विशेषज्ञों का कहना है कि लोग केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही दोपहर के समय घर से बाहर निकलें। बाहर निकलते समय सूती कपड़े पहनें, शरीर को ढक कर रखें और भरपूर मात्रा में पानी व मौसमी फलों का सेवन करें, ताकि शरीर में तरल पदार्थों की कमी न हो। स्थानीय प्रशासन ने भी लोगों से सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन करने की अपील की है।



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